यह विवाद फीफा के आधिकारिक स्टेडियम आचार संहिता में चुपके से किए गए नाटकीय अपडेट के बाद शुरू हुआ। प्रतिबंध की घोषणा से सिर्फ तीन हफ्ते पहले, कोड में एक स्पष्ट खंड था जिसमें कहा गया था: "किसी भी संदेह से बचने के लिए, खाली, पारदर्शी, रीयूज़ेबल प्लास्टिक की बोतलें, 1 लीटर तक की क्षमता वाली, स्टेडियम में लाई जा सकती हैं" । 2 जून को टिकट धारकों को एक ईमेल भेजा गया जिसमें पुष्टि की गई कि रीयूज़ेबल बोतलों की अब अनुमति नहीं है । फीफा ने इस बदलाव को "खिलाड़ियों और दर्शकों को जोखिम और चोट से बचाने" के लिए एक सुरक्षा उपाय बताकर बचाव किया है ।
सबसे मुखर राजनीतिक आलोचना ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर केयर स्टार्मर से आई। उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि यह प्रतिबंध "बिल्कुल गलत" है और यह "पैसा कमाने के बारे में" है । स्टार्मर ने फीफा से "प्रशंसकों के बारे में सोचने" का आग्रह करते हुए कहा कि समर्थकों को पहले से ही यात्रा और महंगे टिकटों के भारी खर्च का सामना करना पड़ता है । उनकी टिप्पणियों ने उन भावनाओं को प्रतिध्वनित किया जो इस प्रतिबंध को एक सुरक्षा प्रोटोकॉल से अधिक एक व्यावसायिक रणनीति के रूप में देखते हैं।
मुनाफे के उद्देश्य की आलोचना के केंद्र में फीफा की कोका-कोला के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी है। निजी रीयूज़ेबल बोतलों पर प्रतिबंध के साथ, अधिकांश प्रशंसकों के लिए हाइड्रेशन का एकमात्र विकल्प स्टेडियम के अंदर सिंगल-यूज़ पेय पदार्थ खरीदना होगा। यह व्यवस्था एक ऐसा बाजार बनाती है जहां उपस्थित लोगों को उन पेय पदार्थों के लिए स्टेडियम की कीमतें चुकानी पड़ती हैं जिन्हें वे मुफ्त में ला सकते थे। अंग्रेजी प्रशंसक समूह फ्री लॉयन्स ने इस कदम को "नवीनतम पैसा कमाने का हथकंडा" बताया । इस नीति परिवर्तन की पर्यावरणीय प्रभाव के लिए भी आलोचना की जा रही है, क्योंकि इससे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक कचरे में वृद्धि होगी ।
प्रतिबंध केवल एक असुविधा नहीं है; आलोचकों का तर्क है कि यह एक संभावित स्वास्थ्य खतरा है। टूर्नामेंट उत्तरी अमेरिका की गर्मियों में आयोजित किया जा रहा है, और 16 मेजबान स्टेडियमों में से कई में सूरज से बचाव के लिए सीमित या कोई छाया नहीं है । सीधी धूप में खेले जाने वाले मैच, अपेक्षित उच्च तापमान के साथ मिलकर, प्रशंसकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए निर्जलीकरण और गर्मी से संबंधित बीमारियों का वास्तविक खतरा पैदा करते हैं। कुछ रिपोर्टों में विशिष्ट मैचों में अत्यधिक गर्मी के बारे में शोधकर्ताओं की चेतावनियों का हवाला दिया गया है, हालांकि उपलब्ध स्रोत उच्च जोखिम वाले फिक्स्चर की पुष्टि संख्या प्रदान नहीं करते हैं, लेकिन गर्मी की भलाई के बारे में व्यापक चिंता की पुष्टि करते हैं । फीफा ने कहा है कि वह मिस्टिंग स्टेशन और पानी के फव्वारे उपलब्ध कराएगा, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि ये गारंटीड व्यक्तिगत हाइड्रेशन के लिए अपर्याप्त विकल्प हैं ।
मेजबान शहरों के नेताओं ने भी राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।
टोरंटो की मेयर ओलिविया चाउ सबसे मुखर विरोधियों में से एक रही हैं, उन्होंने इस प्रतिबंध को "सीधा-सादा पैसा कमाने का खेल" बताया और सवाल किया कि प्रशंसकों को पानी खरीदने के लिए क्यों मजबूर किया जाए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से फीफा से स्टेडियमों के अंदर मुफ्त पानी की बोतलें उपलब्ध कराने का आग्रह किया और कहा कि वे देखेंगी कि शहर इस नीति से लड़ने के लिए क्या कर सकता है । टोरंटो के पर्यावरणविदों और स्थानीय अधिकारियों ने भी इस फैसले की निंदा में उनका साथ दिया है ।
न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी विश्व कप की तैयारियों में गहराई से शामिल रहे हैं। उन्होंने गवर्नर कैथी होचुल के साथ मिलकर दस लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद को प्रबंधित करने के लिए सुरक्षा और परिवहन ब्रीफिंग की सह-मेजबानी की । हालांकि उपलब्ध स्रोतों में बोतल प्रतिबंध पर ममदानी के प्रत्यक्ष बयान शामिल नहीं हैं, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के साथ उनकी बैठक सहित उनके प्रशासन की फीफा के साथ सक्रिय भागीदारी, उन्हें टूर्नामेंट की रसद और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने वाले मेजबान शहर के नेताओं में शामिल करती है ।
समर्थक संगठनों ने भी इस आक्रोश को हवा दी है। वे इस प्रतिबंध को विश्वासघात मानते हैं। उनका कहना है कि फीफा ने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि रीयूज़ेबल बोतलों की अनुमति होगी, लेकिन फिर "अंतिम समय में" यह नीति बदल दी, जिससे प्रशंसकों के पास अपनी योजनाओं को समायोजित करने का कोई समय नहीं बचा । यह सार्वभौमिक निंदा सरकारी नेताओं, शहर के अधिकारियों, पर्यावरणविदों और वैश्विक फुटबॉल समुदाय के बीच एक दुर्लभ समन्वय का क्षण है, जो सभी फीफा से मुनाफे से ऊपर लोगों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं।
यह विवाद फीफा के आधिकारिक स्टेडियम आचार संहिता में चुपके से किए गए नाटकीय अपडेट के बाद शुरू हुआ। प्रतिबंध की घोषणा से सिर्फ तीन हफ्ते पहले, कोड में एक स्पष्ट खंड था जिसमें कहा गया था: "किसी भी संदेह से बचने के लिए, खाली, पारदर्शी, रीयूज़ेबल प्लास्टिक की बोतलें, 1 लीटर तक की क्षमता वाली, स्टेडियम में लाई जा सकती हैं" । 2 जून को टिकट धारकों को एक ईमेल भेजा गया जिसमें पुष्टि की गई कि रीयूज़ेबल बोतलों की अब अनुमति नहीं है । फीफा ने इस बदलाव को "खिलाड़ियों और दर्शकों को जोखिम और चोट से बचाने" के लिए एक सुरक्षा उपाय बताकर बचाव किया है ।
सबसे मुखर राजनीतिक आलोचना ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर केयर स्टार्मर से आई। उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि यह प्रतिबंध "बिल्कुल गलत" है और यह "पैसा कमाने के बारे में" है । स्टार्मर ने फीफा से "प्रशंसकों के बारे में सोचने" का आग्रह करते हुए कहा कि समर्थकों को पहले से ही यात्रा और महंगे टिकटों के भारी खर्च का सामना करना पड़ता है । उनकी टिप्पणियों ने उन भावनाओं को प्रतिध्वनित किया जो इस प्रतिबंध को एक सुरक्षा प्रोटोकॉल से अधिक एक व्यावसायिक रणनीति के रूप में देखते हैं।
मुनाफे के उद्देश्य की आलोचना के केंद्र में फीफा की कोका-कोला के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी है। निजी रीयूज़ेबल बोतलों पर प्रतिबंध के साथ, अधिकांश प्रशंसकों के लिए हाइड्रेशन का एकमात्र विकल्प स्टेडियम के अंदर सिंगल-यूज़ पेय पदार्थ खरीदना होगा। यह व्यवस्था एक ऐसा बाजार बनाती है जहां उपस्थित लोगों को उन पेय पदार्थों के लिए स्टेडियम की कीमतें चुकानी पड़ती हैं जिन्हें वे मुफ्त में ला सकते थे। अंग्रेजी प्रशंसक समूह फ्री लॉयन्स ने इस कदम को "नवीनतम पैसा कमाने का हथकंडा" बताया । इस नीति परिवर्तन की पर्यावरणीय प्रभाव के लिए भी आलोचना की जा रही है, क्योंकि इससे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक कचरे में वृद्धि होगी ।
प्रतिबंध केवल एक असुविधा नहीं है; आलोचकों का तर्क है कि यह एक संभावित स्वास्थ्य खतरा है। टूर्नामेंट उत्तरी अमेरिका की गर्मियों में आयोजित किया जा रहा है, और 16 मेजबान स्टेडियमों में से कई में सूरज से बचाव के लिए सीमित या कोई छाया नहीं है । सीधी धूप में खेले जाने वाले मैच, अपेक्षित उच्च तापमान के साथ मिलकर, प्रशंसकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए निर्जलीकरण और गर्मी से संबंधित बीमारियों का वास्तविक खतरा पैदा करते हैं। कुछ रिपोर्टों में विशिष्ट मैचों में अत्यधिक गर्मी के बारे में शोधकर्ताओं की चेतावनियों का हवाला दिया गया है, हालांकि उपलब्ध स्रोत उच्च जोखिम वाले फिक्स्चर की पुष्टि संख्या प्रदान नहीं करते हैं, लेकिन गर्मी की भलाई के बारे में व्यापक चिंता की पुष्टि करते हैं । फीफा ने कहा है कि वह मिस्टिंग स्टेशन और पानी के फव्वारे उपलब्ध कराएगा, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि ये गारंटीड व्यक्तिगत हाइड्रेशन के लिए अपर्याप्त विकल्प हैं ।
मेजबान शहरों के नेताओं ने भी राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।
टोरंटो की मेयर ओलिविया चाउ सबसे मुखर विरोधियों में से एक रही हैं, उन्होंने इस प्रतिबंध को "सीधा-सादा पैसा कमाने का खेल" बताया और सवाल किया कि प्रशंसकों को पानी खरीदने के लिए क्यों मजबूर किया जाए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से फीफा से स्टेडियमों के अंदर मुफ्त पानी की बोतलें उपलब्ध कराने का आग्रह किया और कहा कि वे देखेंगी कि शहर इस नीति से लड़ने के लिए क्या कर सकता है । टोरंटो के पर्यावरणविदों और स्थानीय अधिकारियों ने भी इस फैसले की निंदा में उनका साथ दिया है ।
न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी विश्व कप की तैयारियों में गहराई से शामिल रहे हैं। उन्होंने गवर्नर कैथी होचुल के साथ मिलकर दस लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद को प्रबंधित करने के लिए सुरक्षा और परिवहन ब्रीफिंग की सह-मेजबानी की । हालांकि उपलब्ध स्रोतों में बोतल प्रतिबंध पर ममदानी के प्रत्यक्ष बयान शामिल नहीं हैं, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के साथ उनकी बैठक सहित उनके प्रशासन की फीफा के साथ सक्रिय भागीदारी, उन्हें टूर्नामेंट की रसद और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने वाले मेजबान शहर के नेताओं में शामिल करती है ।
समर्थक संगठनों ने भी इस आक्रोश को हवा दी है। वे इस प्रतिबंध को विश्वासघात मानते हैं। उनका कहना है कि फीफा ने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि रीयूज़ेबल बोतलों की अनुमति होगी, लेकिन फिर "अंतिम समय में" यह नीति बदल दी, जिससे प्रशंसकों के पास अपनी योजनाओं को समायोजित करने का कोई समय नहीं बचा । यह सार्वभौमिक निंदा सरकारी नेताओं, शहर के अधिकारियों, पर्यावरणविदों और वैश्विक फुटबॉल समुदाय के बीच एक दुर्लभ समन्वय का क्षण है, जो सभी फीफा से मुनाफे से ऊपर लोगों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं।