हिज़्बुल्लाह ने नवीनतम अमेरिकी-इज़राइल-लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को ठुकराया, डील पूरी तरह पटरी से उतरी
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि... यह विफल हुई डील अप्रैल से जारी संघर्ष विराम प्रयासों की श्रृंखला का हिस्सा है, और इसके टूटने से...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि...
यह विफल हुई डील अप्रैल से जारी संघर्ष विराम प्रयासों की श्रृंखला का हिस्सा है, और इसके टूटने से पहले से ही कमज़ोर पड़ चुका अमेरिका ईरान युद्धविराम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। [5][10]
अमेरिकी कांग्रेस में भी इस मुद्दे पर मतभेद साफ दिखे: जहाँ एक ओर सदन ने ईरान पर राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव 215 208 से पारित किया, वहीं लेबनान के लिए ऐसा ही एक प्रस्ताव भारी बहुमत (92 324) से...
What progress has been reported in U.S.-brokered ceasefire efforts between Israel and Lebanon, including Trump's claim of direct talks withThe U.S.-brokered truce collapsed after Hezbollah rejected its terms, demanding a full Israeli withdrawal. (AI-generated image)
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What progress has been reported in U.S.-brokered ceasefire efforts between Israel and Lebanon, including Trump's claim of direct talks with. Article summary: ## U.S.-Brokered Israel–Lebanon Ceasefire: Status as of June 5, 2026. Topic tags: general, general web, government, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Video by DW News on June 01, 2026. May be an image of one or more people and text that says 'Dw Lebanon: Hospital ICU damaged in Israeli strikes'." source context "The US-brokered ceasefire between Israel and Lebanon ... - Instagram" Reference image 2: visual subject "Video by DW News on April 18, 2026. May be an image of fire and text that says 'Is the ceasefire in Lebanon doomed to fail?'." source context "The US-brokered ceasefire between Israel an
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अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही इज़राइल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम प्रक्रिया एक बार फिर 4 जून, 2026 को ध्वस्त हो गई, जब हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने एक दिन पहले ही इज़राइली और लेबनानी सरकारों द्वारा सहमति जताए गए ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया। यह डील, जिसके तहत हिज़्बुल्लाह के हमलों को पूरी तरह रोकने और दक्षिणी लेबनान से उसकी वापसी को लड़ाई रोकने की शर्त बनाया गया था, को हिज़्बुल्लाह ने "बेकार" और "अपमानजनक" करार देते हुए इसके बदले पूर्ण इज़राइली वापसी की माँग कर दी। इस विफलता के बाद अब कोई सक्रिय संघर्ष विराम लागू नहीं है और इसका सीधा खतरा अमेरिका और ईरान के बीच जारी अलग, नाज़ुक युद्धविराम पर भी मंडराने लगा है।
थोड़े समय के युद्धविरामों का चक्र
यह ताज़ा विफलता कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि बीते दो महीनों के दौरान कई अस्थायी युद्धविरामों और फिर से शुरू हुई लड़ाई के उथल-पुथल भरे दौर की परिणति है :
16 अप्रैल: राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत के बाद इज़राइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की, जो शाम 5:00 बजे ईएसटी से प्रभावी हुआ ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"हिज़्बुल्लाह ने नवीनतम अमेरिकी-इज़राइल-लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को ठुकराया, डील पूरी तरह पटरी से उतरी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि... यह विफल हुई डील अप्रैल से जारी संघर्ष विराम प्रयासों की श्रृंखला का हिस्सा है, और इसके टूटने से पहले से ही कमज़ोर पड़ चुका अमेरिका ईरान युद्धविराम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। [5][10]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
अमेरिकी कांग्रेस में भी इस मुद्दे पर मतभेद साफ दिखे: जहाँ एक ओर सदन ने ईरान पर राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव 215 208 से पारित किया, वहीं लेबनान के लिए ऐसा ही एक प्रस्ताव भारी बहुमत (92 324) से...
हिज़्बुल्लाह ने नवीनतम अमेरिकी-इज़राइल-लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को ठुकराया, डील पूरी तरह पटरी से उतरी
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि... यह विफल हुई डील अप्रैल से जारी संघर्ष विराम प्रयासों की श्रृंखला का हिस्सा है, और इसके टूटने से...
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हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि...
यह विफल हुई डील अप्रैल से जारी संघर्ष विराम प्रयासों की श्रृंखला का हिस्सा है, और इसके टूटने से पहले से ही कमज़ोर पड़ चुका अमेरिका ईरान युद्धविराम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। [5][10]
अमेरिकी कांग्रेस में भी इस मुद्दे पर मतभेद साफ दिखे: जहाँ एक ओर सदन ने ईरान पर राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव 215 208 से पारित किया, वहीं लेबनान के लिए ऐसा ही एक प्रस्ताव भारी बहुमत (92 324) से...
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अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही इज़राइल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम प्रक्रिया एक बार फिर 4 जून, 2026 को ध्वस्त हो गई, जब हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने एक दिन पहले ही इज़राइली और लेबनानी सरकारों द्वारा सहमति जताए गए ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया। यह डील, जिसके तहत हिज़्बुल्लाह के हमलों को पूरी तरह रोकने और दक्षिणी लेबनान से उसकी वापसी को लड़ाई रोकने की शर्त बनाया गया था, को हिज़्बुल्लाह ने "बेकार" और "अपमानजनक" करार देते हुए इसके बदले पूर्ण इज़राइली वापसी की माँग कर दी। इस विफलता के बाद अब कोई सक्रिय संघर्ष विराम लागू नहीं है और इसका सीधा खतरा अमेरिका और ईरान के बीच जारी अलग, नाज़ुक युद्धविराम पर भी मंडराने लगा है।
थोड़े समय के युद्धविरामों का चक्र
यह ताज़ा विफलता कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि बीते दो महीनों के दौरान कई अस्थायी युद्धविरामों और फिर से शुरू हुई लड़ाई के उथल-पुथल भरे दौर की परिणति है :
16 अप्रैल: राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत के बाद इज़राइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की, जो शाम 5:00 बजे ईएसटी से प्रभावी हुआ ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"हिज़्बुल्लाह ने नवीनतम अमेरिकी-इज़राइल-लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को ठुकराया, डील पूरी तरह पटरी से उतरी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 4 जून 2026 को अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल लेबनान संघर्ष विराम ढाँचे को सिरे से खारिज कर दिया, समझौते को "बेहूदा, अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण" बताते हुए पूर्ण इज़राइली वापसी पर ज़ोर दि... यह विफल हुई डील अप्रैल से जारी संघर्ष विराम प्रयासों की श्रृंखला का हिस्सा है, और इसके टूटने से पहले से ही कमज़ोर पड़ चुका अमेरिका ईरान युद्धविराम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। [5][10]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
अमेरिकी कांग्रेस में भी इस मुद्दे पर मतभेद साफ दिखे: जहाँ एक ओर सदन ने ईरान पर राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव 215 208 से पारित किया, वहीं लेबनान के लिए ऐसा ही एक प्रस्ताव भारी बहुमत (92 324) से...
24 अप्रैल: युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया ।
अप्रैल का अंत: हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने स्थायी शर्तों के प्रति प्रतिरोध का संकेत देते हुए कहा कि समूह मार्च से पहले की स्थिति में वापस नहीं जाएगा ।
मई: युद्धविराम वास्तव में टूट गया क्योंकि इज़राइली हवाई हमले और हिज़्बुल्लाह के रॉकेट हमले फिर से शुरू हो गए ।
1 जून: ट्रंप ने दावा किया कि मध्यस्थों के ज़रिए हिज़्बुल्लाह से बातचीत के बाद इज़राइल और हिज़्बुल्लाह ने लड़ाई "कम" करने पर सहमति जताई है, साथ ही यह भी कहा कि बेरूत में कोई इज़राइली सेना नहीं भेजी जाएगी ।
3-4 जून: अमेरिकी मध्यस्थता से इज़राइल और लेबनान की सरकारों ने एक नए ढाँचे पर सहमति जताई, लेकिन इसे लागू करना हिज्बुल्लाह के सहयोग पर निर्भर था।
3-4 जून के ढाँचे की शर्तें और इसकी अस्वीकृति
3 जून को घोषित इस ढाँचे के तहत हिज़्बुल्लाह के हमलों पर पूरी तरह रोक, दक्षिणी लेबनान से उसके लड़ाकों की वापसी, और प्रस्तावित नए "पायलट" क्षेत्रों में लेबनानी सशस्त्र बलों का विशेष सुरक्षा नियंत्रण सुनिश्चित करना अनिवार्य था । ध्यान देने वाली बात यह है कि इस चरण में इज़राइल ने अपनी सेना की पूर्ण वापसी के लिए कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई थी।
इस समझौते के 24 घंटों के भीतर ही, हिज़्बुल्लाह ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। एक टेलीविज़न पर प्रसारित बयान में, नेता नईम कासिम ने लड़ाकों से गोलाबारी के बीच दक्षिणी लेबनान छोड़ने की माँग को "बिना लड़ाई के आत्मसमर्पण, हार और दुश्मन के लक्ष्यों को पूरा करने" का रास्ता बताया । उन्होंने किसी भी संघर्ष विराम के लिए पूर्ण इज़राइली वापसी को पूर्व शर्त बनने पर ज़ोर दिया । उसी दिन, इज़राइली हमलों में लेबनान में कम से कम चार लोगों की जान चली गई, जो इस डील की ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह बेमेल था ।
ट्रंप का हिज़्बुल्लाह से मध्यस्थता वाली बातचीत का दावा
समझौते से पहले, 1 जून को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की और मध्यस्थों के माध्यम से हिज़्बुल्लाह से संवाद किया। उन्होंने अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित इस समूह के साथ सीधी, आमने-सामने बातचीत का दावा तो नहीं किया, लेकिन कहा कि दोनों पक्षों ने शत्रुता कम करने पर सहमति जताई थी । ट्रंप के इस दावे पर तुरंत ही संदेह जताया गया, क्योंकि नेतन्याहू और हिज़्बुल्लाह से जुड़े प्रतिनिधियों के बयान उनकी घोषणा के कुछ हिस्सों का खंडन करते नज़र आए, जिससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ कि क्या वास्तव में कोई ठोस समझ बन पाई थी ।
क्षेत्रीय असर: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के लिए खतरा
लेबनानी संघर्ष विराम की विफलता व्यापक 2026 के ईरान युद्ध से अटूट रूप से जुड़ी हुई है, जो 28 फरवरी को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए और सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को मार गिराया ।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का एक नाज़ुक युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू है । ईरान लगातार इस युद्धविराम को लेबनान की लड़ाई तक विस्तारित करने पर ज़ोर देता रहा है, और दोनों संघर्षों को एक ही टकराव का हिस्सा मानता है । तेहरान ने सीधे तौर पर चेतावनी दी थी कि लेबनान पर नए इज़राइली हमले व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की "पूर्ण पैमाने पर बहाली" का कारण बन सकते हैं । हिज़्बुल्लाह के इनकार के साथ, अमेरिका-ईरान युद्धविराम, जो पहले से ही रुकी हुई बातचीत के कारण दबाव में था, अब अपने सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।
हालांकि मई के अंत में ट्रंप ने कहा था कि ईरान युद्ध को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक व्यापक सौदा "अधिकांशतः तय" हो चुका था, लेकिन अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है । लेबनान में फिर से उपजी अस्थिरता उन वार्ताओं को कहीं अधिक कठिन बना देती है।
अमेरिकी कांग्रेस में मतभेद की दो कहानियाँ
वाशिंगटन का राजनीतिक परिदृश्य इस बात की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है कि कैसे सांसद संघर्ष के दोनों मोर्चों को एकदम अलग नज़रिए से देख रहे हैं ।
ईरान युद्ध शक्तियाँ प्रस्ताव (H.Con.Res. 86): 3 जून को, सदन ने इस प्रस्ताव को 215-208 से पारित किया, जो राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ शत्रुता से अमेरिकी सशस्त्र बलों को हटाने का निर्देश देता है। राष्ट्रपति के युद्ध प्राधिकार पर एक प्रतीकात्मक फटकार में, चार रिपब्लिकन सभी डेमोक्रेट्स के साथ शामिल होकर पार्टी लाइन पार कर गए । ट्रंप ने इसे "एक निरर्थक वोट" बताया और समर्थन करने वाले रिपब्लिकनों को "दिखावेबाज़" करार दिया ।
लेबनान युद्ध शक्तियाँ प्रस्ताव (H.Con.Res. 84): सांसद रशीदा तलीब द्वारा पेश किया गया यह प्रस्ताव, जो अमेरिकी बलों को लेबनान में शत्रुता से हटाने का निर्देश देता था, 4 जून को एकदम अलग नियति को प्राप्त हुआ। डेमोक्रेटिक नेताओं द्वारा इसके विरोध में आने के बाद, सदन ने इसे भारी बहुमत (92-324) से खारिज कर दिया । बड़ी संख्या में डेमोक्रेट्स - कुल 117 - ने इस उपाय को विफल करने के लिए रिपब्लिकनों का साथ दिया ।
आगे क्या?
5 जून, 2026 तक, इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच कोई सक्रिय संघर्ष विराम कायम नहीं है। इज़राइल और लेबनान द्वारा सहमत अमेरिकी-मध्यस्थता वाला ढाँचा, हिज़्बुल्लाह की सहमति के बिना प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है, और मौजूदा शर्तों के तहत यह एक "राजनीतिक असंभवता" है। दक्षिणी लेबनान में लगातार जारी हिंसा अब व्यापक क्षेत्रीय शांति के लिए एक सीधा खतरा बन गई है। निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान का कोई रास्ता नज़र नहीं आने पर, एक व्यापक संघर्ष शुरू होने का जोखिम, जो अमेरिका और ईरान को फिर से सीधे टकराव में खींच सकता है, खतरनाक रूप से ऊँचा बना हुआ है।
cfr.org
Iran's War With Israel and the United States | Global Conflict Tracker
24 अप्रैल: युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया ।
अप्रैल का अंत: हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने स्थायी शर्तों के प्रति प्रतिरोध का संकेत देते हुए कहा कि समूह मार्च से पहले की स्थिति में वापस नहीं जाएगा ।
मई: युद्धविराम वास्तव में टूट गया क्योंकि इज़राइली हवाई हमले और हिज़्बुल्लाह के रॉकेट हमले फिर से शुरू हो गए ।
1 जून: ट्रंप ने दावा किया कि मध्यस्थों के ज़रिए हिज़्बुल्लाह से बातचीत के बाद इज़राइल और हिज़्बुल्लाह ने लड़ाई "कम" करने पर सहमति जताई है, साथ ही यह भी कहा कि बेरूत में कोई इज़राइली सेना नहीं भेजी जाएगी ।
3-4 जून: अमेरिकी मध्यस्थता से इज़राइल और लेबनान की सरकारों ने एक नए ढाँचे पर सहमति जताई, लेकिन इसे लागू करना हिज्बुल्लाह के सहयोग पर निर्भर था।
3-4 जून के ढाँचे की शर्तें और इसकी अस्वीकृति
3 जून को घोषित इस ढाँचे के तहत हिज़्बुल्लाह के हमलों पर पूरी तरह रोक, दक्षिणी लेबनान से उसके लड़ाकों की वापसी, और प्रस्तावित नए "पायलट" क्षेत्रों में लेबनानी सशस्त्र बलों का विशेष सुरक्षा नियंत्रण सुनिश्चित करना अनिवार्य था । ध्यान देने वाली बात यह है कि इस चरण में इज़राइल ने अपनी सेना की पूर्ण वापसी के लिए कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई थी।
इस समझौते के 24 घंटों के भीतर ही, हिज़्बुल्लाह ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। एक टेलीविज़न पर प्रसारित बयान में, नेता नईम कासिम ने लड़ाकों से गोलाबारी के बीच दक्षिणी लेबनान छोड़ने की माँग को "बिना लड़ाई के आत्मसमर्पण, हार और दुश्मन के लक्ष्यों को पूरा करने" का रास्ता बताया । उन्होंने किसी भी संघर्ष विराम के लिए पूर्ण इज़राइली वापसी को पूर्व शर्त बनने पर ज़ोर दिया । उसी दिन, इज़राइली हमलों में लेबनान में कम से कम चार लोगों की जान चली गई, जो इस डील की ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह बेमेल था ।
ट्रंप का हिज़्बुल्लाह से मध्यस्थता वाली बातचीत का दावा
समझौते से पहले, 1 जून को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की और मध्यस्थों के माध्यम से हिज़्बुल्लाह से संवाद किया। उन्होंने अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित इस समूह के साथ सीधी, आमने-सामने बातचीत का दावा तो नहीं किया, लेकिन कहा कि दोनों पक्षों ने शत्रुता कम करने पर सहमति जताई थी । ट्रंप के इस दावे पर तुरंत ही संदेह जताया गया, क्योंकि नेतन्याहू और हिज़्बुल्लाह से जुड़े प्रतिनिधियों के बयान उनकी घोषणा के कुछ हिस्सों का खंडन करते नज़र आए, जिससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ कि क्या वास्तव में कोई ठोस समझ बन पाई थी ।
क्षेत्रीय असर: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के लिए खतरा
लेबनानी संघर्ष विराम की विफलता व्यापक 2026 के ईरान युद्ध से अटूट रूप से जुड़ी हुई है, जो 28 फरवरी को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए और सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को मार गिराया ।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का एक नाज़ुक युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू है । ईरान लगातार इस युद्धविराम को लेबनान की लड़ाई तक विस्तारित करने पर ज़ोर देता रहा है, और दोनों संघर्षों को एक ही टकराव का हिस्सा मानता है । तेहरान ने सीधे तौर पर चेतावनी दी थी कि लेबनान पर नए इज़राइली हमले व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की "पूर्ण पैमाने पर बहाली" का कारण बन सकते हैं । हिज़्बुल्लाह के इनकार के साथ, अमेरिका-ईरान युद्धविराम, जो पहले से ही रुकी हुई बातचीत के कारण दबाव में था, अब अपने सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।
हालांकि मई के अंत में ट्रंप ने कहा था कि ईरान युद्ध को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक व्यापक सौदा "अधिकांशतः तय" हो चुका था, लेकिन अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है । लेबनान में फिर से उपजी अस्थिरता उन वार्ताओं को कहीं अधिक कठिन बना देती है।
अमेरिकी कांग्रेस में मतभेद की दो कहानियाँ
वाशिंगटन का राजनीतिक परिदृश्य इस बात की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है कि कैसे सांसद संघर्ष के दोनों मोर्चों को एकदम अलग नज़रिए से देख रहे हैं ।
ईरान युद्ध शक्तियाँ प्रस्ताव (H.Con.Res. 86): 3 जून को, सदन ने इस प्रस्ताव को 215-208 से पारित किया, जो राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ शत्रुता से अमेरिकी सशस्त्र बलों को हटाने का निर्देश देता है। राष्ट्रपति के युद्ध प्राधिकार पर एक प्रतीकात्मक फटकार में, चार रिपब्लिकन सभी डेमोक्रेट्स के साथ शामिल होकर पार्टी लाइन पार कर गए । ट्रंप ने इसे "एक निरर्थक वोट" बताया और समर्थन करने वाले रिपब्लिकनों को "दिखावेबाज़" करार दिया ।
लेबनान युद्ध शक्तियाँ प्रस्ताव (H.Con.Res. 84): सांसद रशीदा तलीब द्वारा पेश किया गया यह प्रस्ताव, जो अमेरिकी बलों को लेबनान में शत्रुता से हटाने का निर्देश देता था, 4 जून को एकदम अलग नियति को प्राप्त हुआ। डेमोक्रेटिक नेताओं द्वारा इसके विरोध में आने के बाद, सदन ने इसे भारी बहुमत (92-324) से खारिज कर दिया । बड़ी संख्या में डेमोक्रेट्स - कुल 117 - ने इस उपाय को विफल करने के लिए रिपब्लिकनों का साथ दिया ।
आगे क्या?
5 जून, 2026 तक, इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच कोई सक्रिय संघर्ष विराम कायम नहीं है। इज़राइल और लेबनान द्वारा सहमत अमेरिकी-मध्यस्थता वाला ढाँचा, हिज़्बुल्लाह की सहमति के बिना प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है, और मौजूदा शर्तों के तहत यह एक "राजनीतिक असंभवता" है। दक्षिणी लेबनान में लगातार जारी हिंसा अब व्यापक क्षेत्रीय शांति के लिए एक सीधा खतरा बन गई है। निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान का कोई रास्ता नज़र नहीं आने पर, एक व्यापक संघर्ष शुरू होने का जोखिम, जो अमेरिका और ईरान को फिर से सीधे टकराव में खींच सकता है, खतरनाक रूप से ऊँचा बना हुआ है।
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