यह पैकेज मूल रूप से दो विधायी प्रस्तावों और कुछ सहायक रणनीतियों पर आधारित है:
चिप्स एक्ट 2.0 – यह 2023 के चिप्स एक्ट का संशोधन है, जो आपूर्ति-पक्ष निवेश से हटकर मांग एकत्रीकरण (Demand Aggregation) पर ध्यान केंद्रित करता है। इसका लक्ष्य यूरोपीय चिप निर्माताओं को घरेलू औद्योगिक उपयोगकर्ताओं से जोड़ना और AI अनुप्रयोगों हेतु अत्याधुनिक चिप प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण करना है । साथ ही, यह आयोग को आपूर्ति संकट के दौरान मौजूदा व्यावसायिक समझौतों को दरकिनार करते हुए चिप उत्पादन को प्राथमिकता देने की आपातकालीन शक्तियाँ भी प्रदान करेगा ।
क्लाउड और एआई डेवलपमेंट एक्ट (CADA) – इसका उद्देश्य अगले पाँच से सात वर्षों के भीतर यूरोपीय संघ की डेटा सेंटर क्षमता को कम से कम तीन गुना बढ़ाना, 'डेटा सेंटर एक्सेलेरेशन ज़ोन' (12 महीनों के भीतर अनुमति) जैसे फास्ट-ट्रैक उपाय लाना और सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वारा उपयोग की जाने वाली क्लाउड सेवाओं के लिए चार-स्तरीय संप्रभुता ढाँचा तैयार करना है । सबसे सख्त स्तर के तहत विदेशी क्षेत्राधिकार (जिसका आशय अमेरिकी कानून से समझा जाता है) वाले प्रदाताओं को व्यावहारिक रूप से बाहर कर दिया जाएगा । यह अधिनियम अनुसंधान निधि और औद्योगिक परिनियोजन के माध्यम से यूरोपीय क्षमताओं के विस्तार के लिए "क्लाउड और एआई लीडरशिप इनिशिएटिव्स" भी स्थापित करता है ।
यूरोपीय संघ ओपन सोर्स रणनीति – यह क्लाउड, एआई, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में ओपन-सोर्स विकल्पों का विस्तार करने की योजना है, जो यूरोप के तीस लाख से अधिक ओपन-सोर्स योगदानकर्ताओं का लाभ उठाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक प्रशासन में ओपन-सोर्स के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले खरीद दिशा-निर्देश भी शामिल हैं ।
ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटलीकरण और एआई के लिए सामरिक रोडमैप – यह बताता है कि कैसे एआई और डिजिटल उपकरण डेटा सेंटरों को सतत रूप से ऊर्जा प्रणालियों में एकीकृत कर सकते हैं, जिसमें ग्रिड एकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति के समर्थन हेतु ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्रों के बीच सहयोग शामिल है ।
आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस पैकेज को सुरक्षा, आत्मनिर्णय और सामरिक आवश्यकता के मामले के रूप में प्रस्तुत किया:
"हम उन तकनीकों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रह सकते जो हमारे अस्पतालों को चालू रखती हैं, हमारे ऊर्जा ग्रिड को स्थिर रखती हैं और हमारी सेवाओं को सुरक्षित रखती हैं। यह हमारे नागरिकों की रक्षा करने, हमारे हितों की रक्षा करने और अपने खुद के चुनाव करने के बारे में है। यूरोप के पास प्रतिभा है, अनुसंधान में उत्कृष्टता है, औद्योगिक आधार है और एकल बाजार है। हमें मिलकर इन शक्तियों को तकनीकी संप्रभुता में बदलना होगा।"
आयोग ने बताया कि यूरोपीय संघ वर्तमान में मुख्य रूप से अमेरिकी स्वामित्व वाले आईटी उत्पादों और सेवाओं पर सालाना 264 अरब यूरो खर्च करता है, और अमेरिकी क्लाउड कंपनियाँ यूरोपीय संघ के 70% से अधिक क्लाउड बाजार को नियंत्रित करती हैं, जबकि यूरोपीय संघ वैश्विक सेमीकंडक्टर उत्पादन का केवल 10% से भी कम करता है ।
यह पैकेज राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल में अस्थिर यूरोपीय संघ-अमेरिकी संबंधों की पृष्ठभूमि में पेश किया गया, जिसे कई स्रोतों ने एक प्रमुख प्रेरक के रूप में उद्धृत किया । इन प्रस्तावों से तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिका ने पहले के यूरोपीय संघ के तकनीकी कानूनों को संरक्षणवादी उपाय माना है । गौरतलब है कि यह पैकेज तब आया जब यूरोपीय संघ ने अमेरिका के नेतृत्व वाले चिप गठबंधन पैक्स सिलिका (जो चीन को निशाना बनाकर सेमीकंडक्टर निर्यात नियंत्रण का समन्वय करता है) में शामिल होने का संकेत दिया था, जो स्वायत्तता की खोज और वाशिंगटन के साथ सहयोग के बीच जटिल संतुलन साधने की कवायद को दर्शाता है । संप्रभुता ढाँचे का "यूरोप में संग्रहीत डेटा तक पहुँच की आवश्यकता वाले तीसरे देश के कानून" का संदर्भ व्यापक रूप से अमेरिकी क्षेत्राधिकार वाले कानूनों जैसे क्लाउड एक्ट को निशाना बनाने के रूप में समझा जाता है ।
कीगन मैकब्राइड (टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट) – सर्च परिणामों ने इस पैकेज पर कीगन मैकब्राइड की किसी विशिष्ट टिप्पणी को नहीं दिखाया, इसलिए इस संबंध में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
मैथ्यू हॉजसन (मैट्रिक्स) – सर्च परिणामों ने इस पैकेज पर मैथ्यू हॉजसन के किसी विशिष्ट दृष्टिकोण को नहीं दिखाया, इसलिए इस संबंध में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
यह पैकेज मूल रूप से दो विधायी प्रस्तावों और कुछ सहायक रणनीतियों पर आधारित है:
चिप्स एक्ट 2.0 – यह 2023 के चिप्स एक्ट का संशोधन है, जो आपूर्ति-पक्ष निवेश से हटकर मांग एकत्रीकरण (Demand Aggregation) पर ध्यान केंद्रित करता है। इसका लक्ष्य यूरोपीय चिप निर्माताओं को घरेलू औद्योगिक उपयोगकर्ताओं से जोड़ना और AI अनुप्रयोगों हेतु अत्याधुनिक चिप प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण करना है । साथ ही, यह आयोग को आपूर्ति संकट के दौरान मौजूदा व्यावसायिक समझौतों को दरकिनार करते हुए चिप उत्पादन को प्राथमिकता देने की आपातकालीन शक्तियाँ भी प्रदान करेगा ।
क्लाउड और एआई डेवलपमेंट एक्ट (CADA) – इसका उद्देश्य अगले पाँच से सात वर्षों के भीतर यूरोपीय संघ की डेटा सेंटर क्षमता को कम से कम तीन गुना बढ़ाना, 'डेटा सेंटर एक्सेलेरेशन ज़ोन' (12 महीनों के भीतर अनुमति) जैसे फास्ट-ट्रैक उपाय लाना और सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वारा उपयोग की जाने वाली क्लाउड सेवाओं के लिए चार-स्तरीय संप्रभुता ढाँचा तैयार करना है । सबसे सख्त स्तर के तहत विदेशी क्षेत्राधिकार (जिसका आशय अमेरिकी कानून से समझा जाता है) वाले प्रदाताओं को व्यावहारिक रूप से बाहर कर दिया जाएगा । यह अधिनियम अनुसंधान निधि और औद्योगिक परिनियोजन के माध्यम से यूरोपीय क्षमताओं के विस्तार के लिए "क्लाउड और एआई लीडरशिप इनिशिएटिव्स" भी स्थापित करता है ।
यूरोपीय संघ ओपन सोर्स रणनीति – यह क्लाउड, एआई, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में ओपन-सोर्स विकल्पों का विस्तार करने की योजना है, जो यूरोप के तीस लाख से अधिक ओपन-सोर्स योगदानकर्ताओं का लाभ उठाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक प्रशासन में ओपन-सोर्स के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले खरीद दिशा-निर्देश भी शामिल हैं ।
ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटलीकरण और एआई के लिए सामरिक रोडमैप – यह बताता है कि कैसे एआई और डिजिटल उपकरण डेटा सेंटरों को सतत रूप से ऊर्जा प्रणालियों में एकीकृत कर सकते हैं, जिसमें ग्रिड एकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति के समर्थन हेतु ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्रों के बीच सहयोग शामिल है ।
आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस पैकेज को सुरक्षा, आत्मनिर्णय और सामरिक आवश्यकता के मामले के रूप में प्रस्तुत किया:
"हम उन तकनीकों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रह सकते जो हमारे अस्पतालों को चालू रखती हैं, हमारे ऊर्जा ग्रिड को स्थिर रखती हैं और हमारी सेवाओं को सुरक्षित रखती हैं। यह हमारे नागरिकों की रक्षा करने, हमारे हितों की रक्षा करने और अपने खुद के चुनाव करने के बारे में है। यूरोप के पास प्रतिभा है, अनुसंधान में उत्कृष्टता है, औद्योगिक आधार है और एकल बाजार है। हमें मिलकर इन शक्तियों को तकनीकी संप्रभुता में बदलना होगा।"
आयोग ने बताया कि यूरोपीय संघ वर्तमान में मुख्य रूप से अमेरिकी स्वामित्व वाले आईटी उत्पादों और सेवाओं पर सालाना 264 अरब यूरो खर्च करता है, और अमेरिकी क्लाउड कंपनियाँ यूरोपीय संघ के 70% से अधिक क्लाउड बाजार को नियंत्रित करती हैं, जबकि यूरोपीय संघ वैश्विक सेमीकंडक्टर उत्पादन का केवल 10% से भी कम करता है ।
यह पैकेज राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल में अस्थिर यूरोपीय संघ-अमेरिकी संबंधों की पृष्ठभूमि में पेश किया गया, जिसे कई स्रोतों ने एक प्रमुख प्रेरक के रूप में उद्धृत किया । इन प्रस्तावों से तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिका ने पहले के यूरोपीय संघ के तकनीकी कानूनों को संरक्षणवादी उपाय माना है । गौरतलब है कि यह पैकेज तब आया जब यूरोपीय संघ ने अमेरिका के नेतृत्व वाले चिप गठबंधन पैक्स सिलिका (जो चीन को निशाना बनाकर सेमीकंडक्टर निर्यात नियंत्रण का समन्वय करता है) में शामिल होने का संकेत दिया था, जो स्वायत्तता की खोज और वाशिंगटन के साथ सहयोग के बीच जटिल संतुलन साधने की कवायद को दर्शाता है । संप्रभुता ढाँचे का "यूरोप में संग्रहीत डेटा तक पहुँच की आवश्यकता वाले तीसरे देश के कानून" का संदर्भ व्यापक रूप से अमेरिकी क्षेत्राधिकार वाले कानूनों जैसे क्लाउड एक्ट को निशाना बनाने के रूप में समझा जाता है ।
कीगन मैकब्राइड (टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट) – सर्च परिणामों ने इस पैकेज पर कीगन मैकब्राइड की किसी विशिष्ट टिप्पणी को नहीं दिखाया, इसलिए इस संबंध में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
मैथ्यू हॉजसन (मैट्रिक्स) – सर्च परिणामों ने इस पैकेज पर मैथ्यू हॉजसन के किसी विशिष्ट दृष्टिकोण को नहीं दिखाया, इसलिए इस संबंध में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं है।