आर्थिक गतिविधियों में गिरावट के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। यूरोपीय आयोग (European Commission) ने 2026 के लिए यूरोपीय संघ (EU) की GDP वृद्धि दर के अपने अनुमान को घटाकर 1.1% कर दिया है, जो पतझड़ 2025 के पूर्वानुमान की तुलना में 0.3 प्रतिशत अंक कम है । वहीं, ECB के मार्च 2026 के अनुमानों के अनुसार, 2026 में यूरो क्षेत्र की GDP वृद्धि दर केवल 0.9% रहने की संभावना है ।
प्रमुख सर्वेक्षण संकेतक भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं। S&P ग्लोबल के अनुसार, मई 2026 में यूरोज़ोन का कंपोजिट PMI (Purchasing Managers' Index) घटकर 47.5 पर आ गया, जो अक्टूबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। 50 से नीचे का कोई भी स्तर संकुचन (contraction) यानी गतिविधियों में कमी को दर्शाता है । सेवा क्षेत्र (Services) पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जिसका PMI 46.4 पर पहुंच गया है, जो 5 साल से भी अधिक समय में सबसे कम है । नए कारोबार (new business) में भी भारी गिरावट दर्ज की गई ।
बढ़ती महंगाई और कमजोर होती अर्थव्यवस्था के बीच यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) एक मुश्किल फैसले का सामना कर रहा है। अप्रैल 2026 की अपनी बैठक में ECB ने ब्याज दरों (key interest rates) को स्थिर रखने का फैसला किया । हालांकि, बैंक ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि महंगाई बढ़ने के जोखिम (upside risks to inflation) और आर्थिक वृद्धि घटने के जोखिम (downside risks to growth) दोनों ही तेज हो गए हैं ।
यह स्थिति ECB के लिए एक क्लासिक 'स्टैगफ्लेशन' (stagflation) यानी ठहराव वाली महंगाई की दुविधा पैदा करती है। यदि बैंक महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इससे कमजोर पड़ती अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, अगर वह विकास को बढ़ावा देने के लिए दरें कम करता है, तो महंगाई और बढ़ सकती है ।
आर्थिक गतिविधियों में गिरावट के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। यूरोपीय आयोग (European Commission) ने 2026 के लिए यूरोपीय संघ (EU) की GDP वृद्धि दर के अपने अनुमान को घटाकर 1.1% कर दिया है, जो पतझड़ 2025 के पूर्वानुमान की तुलना में 0.3 प्रतिशत अंक कम है । वहीं, ECB के मार्च 2026 के अनुमानों के अनुसार, 2026 में यूरो क्षेत्र की GDP वृद्धि दर केवल 0.9% रहने की संभावना है ।
प्रमुख सर्वेक्षण संकेतक भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं। S&P ग्लोबल के अनुसार, मई 2026 में यूरोज़ोन का कंपोजिट PMI (Purchasing Managers' Index) घटकर 47.5 पर आ गया, जो अक्टूबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। 50 से नीचे का कोई भी स्तर संकुचन (contraction) यानी गतिविधियों में कमी को दर्शाता है । सेवा क्षेत्र (Services) पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जिसका PMI 46.4 पर पहुंच गया है, जो 5 साल से भी अधिक समय में सबसे कम है । नए कारोबार (new business) में भी भारी गिरावट दर्ज की गई ।
बढ़ती महंगाई और कमजोर होती अर्थव्यवस्था के बीच यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) एक मुश्किल फैसले का सामना कर रहा है। अप्रैल 2026 की अपनी बैठक में ECB ने ब्याज दरों (key interest rates) को स्थिर रखने का फैसला किया । हालांकि, बैंक ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि महंगाई बढ़ने के जोखिम (upside risks to inflation) और आर्थिक वृद्धि घटने के जोखिम (downside risks to growth) दोनों ही तेज हो गए हैं ।
यह स्थिति ECB के लिए एक क्लासिक 'स्टैगफ्लेशन' (stagflation) यानी ठहराव वाली महंगाई की दुविधा पैदा करती है। यदि बैंक महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इससे कमजोर पड़ती अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, अगर वह विकास को बढ़ावा देने के लिए दरें कम करता है, तो महंगाई और बढ़ सकती है ।