अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने जबरन श्रम से बने माल के आयात पर रोक लागू न करने का हवाला देते हुए 60 अर्थव्यवस्थाओं पर 10% या 12.5% के अतिरिक्त शुल्क का प्रस्ताव रखा, लेकिन योजना में जुलाई में सार्वजनिक सुनवाई और... यूरोपीय संघ ने इस प्रस्ताव को 'अनुचित' और 'पूरी तरह बेतुका' बताते हुए खारिज कर दिया। उसने 2024 मे...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the details of the US proposal to impose new tariffs on 60 economies for alleged failures to curb forced-labor goods, and how have. Article summary: ## The US Proposal: New Forced-Labor Tariffs on 60 Economies. Topic tags: general, government, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# US Proposes Tariffs of 10% or 12.5% on Goods From 60 Economies Over Forced Labor Failures. June 2, 2026, at 11:07 p.m. US Proposes Tariffs of 10% or 12.5% on Goods From 60 Econom" source context "US Proposes Tariffs of 10% or 12.5% on Goods From 60 Economies Over Forced Labor Failures" Reference image 2: visual subject "# US Proposes Tariffs of 10% or 12.5% on Goods From 60 Economies Over Forced Labor Failures. June 2, 2026, at 11:07 p.m. US Proposes Tariff
एक व्यापक व्यापारिक कार्रवाई में, ट्रंप प्रशासन ने 60 अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले सामान पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसकी यूरोपीय संघ (EU) और चीन ने तत्काल निंदा की। 2 जून, 2026 को घोषित इस कदम का आधार यह निष्कर्ष है कि ये व्यापारिक भागीदार जबरन श्रम से बने उत्पादों के प्रवाह को रोकने में पर्याप्त रूप से विफल रहे हैं। यह प्रस्ताव ठीक उस समय तनाव की एक नई लहर लेकर आया है, जब EU ने एक अलग, कड़ी मशक्कत से तैयार हुए ट्रान्साटलांटिक व्यापार समझौते (Turnberry Agreement) को मंजूरी देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया था ।
यह लेख इस प्रस्ताव, इसमें दी गई छूटों और ब्रसेल्स व बीजिंग की विशिष्ट कूटनीतिक प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण देता है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के कार्यालय ने एक धारा 301 जांच का निष्कर्ष निकालते हुए पाया कि 60 व्यापारिक भागीदारों की प्रथाएं "अनुचित" थीं और उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य पर बोझ डाला । प्रस्तावित उपाय, जांच की गई सभी अर्थव्यवस्थाओं के उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क की दो-स्तरीय प्रणाली है, जो आधिकारिक नोटिस के अनुबंध A में दी गई छूट की सूची के अधीन है
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इस जांच में अमेरिका के कुल आयात के 99.4% हिस्सेदारी रखने वाली अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया, जो इस कार्रवाई के विशाल दायरे को रेखांकित करता है । ये शुल्क तुरंत प्रभावी नहीं होंगे; USTR ने 7 जुलाई, 2026 के लिए एक सार्वजनिक सुनवाई निर्धारित की है और अंतिम निर्णय से पहले सार्वजनिक टिप्पणी की अवधि खोली है
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USTR के आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि प्रस्तावित शुल्क सभी उत्पादों पर लागू होते हैं, "सिवाय इसके कि जैसा अनुबंध A में प्रावधान है" । छूट की रूपरेखा के पीछे का तर्क यह है कि जिन अर्थव्यवस्थाओं के पास विश्वसनीय जबरन-श्रम प्रतिबंध हैं या किसी व्यापार समझौते के माध्यम से संबंधित प्रतिबद्धताएं हैं, उन्हें 10% की कम दर मिलती है। यह प्रोत्साहन संरचना भागीदारों को अमेरिकी उद्देश्यों के अनुरूप नीतियां अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन की गई है
। उत्पाद-विशिष्ट छूट की पूरी सूची पूर्ण सरकारी फाइलिंग के अनुबंध में विस्तृत है।
EU की प्रतिक्रिया त्वरित और स्पष्ट थी। यूरोपीय आयोग ने अगले दिन, 3 जून, 2026 को प्रस्तावित शुल्कों को "अनुचित" और "अन्यायपूर्ण" करार दिया । गुट की आपत्तियां दोहरी थीं: निष्कर्ष मौजूदा कानून की अनदेखी करते हैं, और समय विनाशकारी है।
यूरोपीय संसद की व्यापार समिति के अध्यक्ष बर्नड लांगे ने अमेरिकी निष्कर्षों को "पूरी तरह बेतुका" कहा, और सीधे तौर पर EU के अपने 2024 के व्यापक कानून की ओर इशारा किया, जो पहले से ही जबरन-श्रम उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाता है । यूरोपीय आयोग ने भी यही बात दोहराई और कहा कि ऐसे सामान पर प्रतिबंध लगाने के लिए उसके नियम दुनिया में सबसे कड़े हैं
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प्रस्ताव के समय ने विशेष आक्रोश पैदा किया। EU ने कहा कि यह टर्नबेरी समझौते (Turnberry Agreement) को लागू करने के मौजूदा प्रयासों को कमजोर करता है - एक व्यापक व्यापार समझौता जिसमें दोनों पक्षों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं से जबरन श्रम को समाप्त करने पर सहयोग करने की विशिष्ट प्रतिबद्धताएं शामिल हैं । इस कथित विरोधाभास को और बढ़ाते हुए, यूरोपीय संसद की व्यापार समिति ने अमेरिका द्वारा नए जबरन-श्रम शुल्कों की घोषणा करने से ठीक एक दिन पहले टर्नबेरी सौदे के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने के लिए मतदान किया था
।
चीन की अस्वीकृति भी उतनी ही दृढ़ थी, लेकिन मौलिक रूप से एक अलग तर्क पर आधारित थी। 3 जून को, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन "दृढ़ता से विरोध करता है" और उन्होंने वाशिंगटन से एकतरफा उपायों के बजाय बातचीत के माध्यम से व्यापार मुद्दों को हल करने का आग्रह किया ।
बीजिंग का केंद्रीय प्रतिवाद अंतर्निहित आरोप का पूर्ण खंडन है। चीनी अधिकारियों ने अपनी सीमाओं के भीतर जबरन श्रम के अस्तित्व से साफ इनकार कर दिया और अमेरिकी आरोपों को राजनीति से प्रेरित व्यापारिक आक्रामकता बताया । माओ निंग ने सीधे तौर पर अमेरिका पर इस मुद्दे को बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, और कहा, "हम टैरिफ लगाने के लिए बहाने बनाने का विरोध करते हैं; हम राजनीतिक हेरफेर के बहाने के रूप में इसका विरोध करते हैं"
।
चीनी सरकार की स्थिति इस टैरिफ को अमेरिकी संरक्षणवाद के व्यापक पैटर्न के हिस्से के रूप में चित्रित करती है, और चेतावनी देती है कि एकतरफा उपाय और व्यापार युद्ध किसी भी पक्ष के हित में नहीं हैं ।
जबरन-श्रम का प्रस्ताव शून्य में नहीं हो रहा है। यह सीधे तौर पर टर्नबेरी समझौते (Turnberry Agreement) के नाम से जाने जाने वाले एक नाजुक ट्रान्साटलांटिक व्यापार तनाव-कमी के बीच में उतरता है। यह समझौता जुलाई 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच स्कॉटलैंड के टर्नबेरी गोल्फ कोर्स पर हुआ था। इस सौदे के तहत, EU को अधिकांश अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क घटाकर शून्य करना था, जबकि अमेरिका को EU के सामान पर अपने शुल्क को 15% पर सीमित करना था ।
यह ढांचा जबरन-श्रम की कार्रवाई से पहले ही गंभीर दबाव में था। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले EU को 4 जुलाई, 2026 तक अनुपालन करने या काफी अधिक व्यापार बाधाओं का सामना करने की समय सीमा दी थी, और मई 2026 में, उन्होंने यूरोपीय कारों और ट्रकों पर 25% टैरिफ की धमकी दी थी । EU विधायिका ने, सौदे की विषम प्रकृति से सावधान रहते हुए, अभी-अभी सुरक्षा उपाय हासिल किए थे, जिसमें एक "सूर्यास्त खंड" (sunset clause) शामिल था, जो समूह को दिसंबर 2029 तक समझौते को समाप्त करने की अनुमति देता है, जब तक कि इसे औपचारिक रूप से नवीनीकृत नहीं किया जाता
। नए टैरिफ प्रस्ताव को अब व्यापार आक्रामकता की एक नई परत के रूप में देखा जा रहा है, जो टर्नबेरी सौदे के लिए EU की अनुसमर्थन प्रक्रिया को पूरी तरह से पटरी से उतारने की धमकी दे रहा है
।
अमेरिकी प्रस्ताव ने ब्रसेल्स और बीजिंग के बीच विरोध का एकजुटता भरा क्षण पैदा कर दिया है, भले ही अलग-अलग कारणों से: EU इसे समान कानूनों वाले एक भागीदार पर असामयिक हमले के रूप में देखता है, जबकि चीन इसे एक रणनीतिक व्यापार युद्ध के लिए मनगढ़ंत औचित्य के रूप में देखता है।
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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने जबरन श्रम से बने माल के आयात पर रोक लागू न करने का हवाला देते हुए 60 अर्थव्यवस्थाओं पर 10% या 12.5% के अतिरिक्त शुल्क का प्रस्ताव रखा, लेकिन योजना में जुलाई में सार्वजनिक सुनवाई और...
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने जबरन श्रम से बने माल के आयात पर रोक लागू न करने का हवाला देते हुए 60 अर्थव्यवस्थाओं पर 10% या 12.5% के अतिरिक्त शुल्क का प्रस्ताव रखा, लेकिन योजना में जुलाई में सार्वजनिक सुनवाई और... यूरोपीय संघ ने इस प्रस्ताव को 'अनुचित' और 'पूरी तरह बेतुका' बताते हुए खारिज कर दिया। उसने 2024 में बने अपने जबरन श्रम आयात प्रतिबंध कानून की ओर इशारा किया, जबकि ठीक एक दिन पहले ही EU की एक प्रमुख समिति ने टर्नबेरी व्य...
चीन ने इस कदम का पुरजोर विरोध करते हुए अपने यहां जबरन श्रम के अस्तित्व से ही इनकार कर दिया। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने अमेरिका पर 'राजनीतिक हेरफेर' का आरोप लगाया और कहा कि व्यापार युद्ध से किसी का हित नहीं होता [2]...