मेटा की DMA कानूनी लड़ाई में बड़ा फैसला: मार्केटप्लेस को राहत, मैसेंजर को झटका
EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1] मैसेंजर के लिए मेटा की याचिका खारिज: कोर्ट ने इसे फेसबुक से अलग एक स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा माना और कहा कि DMA की सीमा निर्धारि...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1]
मैसेंजर के लिए मेटा की याचिका खारिज: कोर्ट ने इसे फेसबुक से अलग एक स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा माना और कहा कि DMA की सीमा निर्धारित करते समय अलग अलग सेवाओं के यूज़र्स की गिनती दोबारा नहीं रोकी जाएगी। [1]
मार्केटप्लेस की जीत प्रतीकात्मक है: यूरोपीय आयोग 23 अप्रैल 2025 को ही इस प्लेटफ़ॉर्म से गेटकीपर का लेबल हटा चुका था, क्योंकि व्यावसायिक यूज़र्स की संख्या 10,000 से नीचे आ गई थी। [2][32]
इस फैसले से DMA लागू करने का खाका तैयार हुआ: नियामकों को अब डिज़ाइनेशन करते समय नवीनतम और पारदर्शी साक्ष्य देने होंगे, जबकि तकनीकी कंपनियों के इकोसिस्टम को अलग अलग सेवाओं में बाँटकर जाँचा जाएगा।
What did the EU's General Court rule regarding Meta's Marketplace and Messenger under the Digital Markets Act, what reasoning did it give foThe EU General Court in Luxembourg issued a split ruling on Meta's challenge to DMA designations for Marketplace and Messenger on June 3, 2026. (AI-generated illustration)
AI संकेत
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3 जून 2026 को EU की जनरल कोर्ट ने डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) के तहत मेटा की कानूनी चुनौती पर एक विभाजित फैसला सुनाया। अदालत ने टेक दिग्गज को फेसबुक मार्केटप्लेस के मामले में एक बड़ी प्रक्रियागत जीत दिलाई, लेकिन मैसेंजर ऐप पर यूरोपीय आयोग के अधिकार पर मुहर लगा दी। यह फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि EU नियामकों के लिए किसी तकनीकी सेवा को "गेटकीपर" (द्वारपाल) घोषित करने के लिए सबूतों की कितनी ऊँची कसौटी है, और साथ ही यह भी मान्य करता है कि ब्लॉक के पास किसी कंपनी के इकोसिस्टम को अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर नियंत्रित करने की ताकत है।
मार्केटप्लेस फैसला: एक प्रक्रियागत विफलता
जनरल कोर्ट ने फेसबुक मार्केटप्लेस को DMA के तहत एक "महत्वपूर्ण द्वार" के रूप में वर्गीकृत करने वाले 2023 के यूरोपीय आयोग के फैसले को रद्द कर दिया, और इसके लिए मूल डिज़ाइनेशन में दो बुनियादी कानूनी त्रुटियों को चिह्नित किया।
Studio Global AI
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"मेटा की DMA कानूनी लड़ाई में बड़ा फैसला: मार्केटप्लेस को राहत, मैसेंजर को झटका" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1] मैसेंजर के लिए मेटा की याचिका खारिज: कोर्ट ने इसे फेसबुक से अलग एक स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा माना और कहा कि DMA की सीमा निर्धारित करते समय अलग अलग सेवाओं के यूज़र्स की गिनती दोबारा नहीं रोकी जाएगी। [1]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
मार्केटप्लेस की जीत प्रतीकात्मक है: यूरोपीय आयोग 23 अप्रैल 2025 को ही इस प्लेटफ़ॉर्म से गेटकीपर का लेबल हटा चुका था, क्योंकि व्यावसायिक यूज़र्स की संख्या 10,000 से नीचे आ गई थी। [2][32]
मेटा की DMA कानूनी लड़ाई में बड़ा फैसला: मार्केटप्लेस को राहत, मैसेंजर को झटका
EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1] मैसेंजर के लिए मेटा की याचिका खारिज: कोर्ट ने इसे फेसबुक से अलग एक स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा माना और कहा कि DMA की सीमा निर्धारि...
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EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1]
मैसेंजर के लिए मेटा की याचिका खारिज: कोर्ट ने इसे फेसबुक से अलग एक स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा माना और कहा कि DMA की सीमा निर्धारित करते समय अलग अलग सेवाओं के यूज़र्स की गिनती दोबारा नहीं रोकी जाएगी। [1]
मार्केटप्लेस की जीत प्रतीकात्मक है: यूरोपीय आयोग 23 अप्रैल 2025 को ही इस प्लेटफ़ॉर्म से गेटकीपर का लेबल हटा चुका था, क्योंकि व्यावसायिक यूज़र्स की संख्या 10,000 से नीचे आ गई थी। [2][32]
इस फैसले से DMA लागू करने का खाका तैयार हुआ: नियामकों को अब डिज़ाइनेशन करते समय नवीनतम और पारदर्शी साक्ष्य देने होंगे, जबकि तकनीकी कंपनियों के इकोसिस्टम को अलग अलग सेवाओं में बाँटकर जाँचा जाएगा।
What did the EU's General Court rule regarding Meta's Marketplace and Messenger under the Digital Markets Act, what reasoning did it give foThe EU General Court in Luxembourg issued a split ruling on Meta's challenge to DMA designations for Marketplace and Messenger on June 3, 2026. (AI-generated illustration)
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3 जून 2026 को EU की जनरल कोर्ट ने डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) के तहत मेटा की कानूनी चुनौती पर एक विभाजित फैसला सुनाया। अदालत ने टेक दिग्गज को फेसबुक मार्केटप्लेस के मामले में एक बड़ी प्रक्रियागत जीत दिलाई, लेकिन मैसेंजर ऐप पर यूरोपीय आयोग के अधिकार पर मुहर लगा दी। यह फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि EU नियामकों के लिए किसी तकनीकी सेवा को "गेटकीपर" (द्वारपाल) घोषित करने के लिए सबूतों की कितनी ऊँची कसौटी है, और साथ ही यह भी मान्य करता है कि ब्लॉक के पास किसी कंपनी के इकोसिस्टम को अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर नियंत्रित करने की ताकत है।
मार्केटप्लेस फैसला: एक प्रक्रियागत विफलता
जनरल कोर्ट ने फेसबुक मार्केटप्लेस को DMA के तहत एक "महत्वपूर्ण द्वार" के रूप में वर्गीकृत करने वाले 2023 के यूरोपीय आयोग के फैसले को रद्द कर दिया, और इसके लिए मूल डिज़ाइनेशन में दो बुनियादी कानूनी त्रुटियों को चिह्नित किया।
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"मेटा की DMA कानूनी लड़ाई में बड़ा फैसला: मार्केटप्लेस को राहत, मैसेंजर को झटका" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
EU जनरल कोर्ट ने मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा इसलिए रद्द किया क्योंकि आयोग ने अपर्याप्त तर्क दिए और मेटा द्वारा जुलाई 2023 में किए गए ढाँचागत बदलावों को नज़रअंदाज़ कर दिया। [1] मैसेंजर के लिए मेटा की याचिका खारिज: कोर्ट ने इसे फेसबुक से अलग एक स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा माना और कहा कि DMA की सीमा निर्धारित करते समय अलग अलग सेवाओं के यूज़र्स की गिनती दोबारा नहीं रोकी जाएगी। [1]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
मार्केटप्लेस की जीत प्रतीकात्मक है: यूरोपीय आयोग 23 अप्रैल 2025 को ही इस प्लेटफ़ॉर्म से गेटकीपर का लेबल हटा चुका था, क्योंकि व्यावसायिक यूज़र्स की संख्या 10,000 से नीचे आ गई थी। [2][32]
पहली गलती प्रासंगिक समय-सीमा से जुड़ी कानूनी भूल थी। आयोग ने अपने मूल आकलन में यह निष्कर्ष निकालने के लिए तीन साल के ऐतिहासिक डेटा का सहारा लिया था कि मार्केटप्लेस एक "ऑनलाइन मध्यस्थता सेवा" है जहाँ बिजनेस-टू-कंज्यूमर गतिविधि बड़े पैमाने पर होती है। लेकिन, अदालत के अनुसार, आयोग ने उन ढाँचागत बदलावों को बिल्कुल नज़रअंदाज़ कर दिया जो मेटा ने जुलाई 2023 के अंत में लागू किए थे। खास तौर पर, इन बदलावों में एक यूज़र द्वारा पोस्ट की जा सकने वाली लिस्टिंग्स की संख्या पर नई सीमाएँ लगाई गई थीं, और इन बदलावों ने उस मुख्य मानदंड को ही खत्म कर दिया जिसका उपयोग आयोग ने प्लेटफ़ॉर्म पर व्यावसायिक यूज़र्स की पहचान के लिए किया था।
दूसरी, और अधिक बुनियादी गलती यह थी कि फैसला पर्याप्त कारण बताने की बुनियादी कानूनी आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहा। अदालत ने कहा कि आयोग का तर्क "काल्पनिक और अधूरा" था, जिसने मेटा को इस वर्गीकरण के आधार को समझने से रोका और EU अदालतों की समीक्षा की शक्ति को अवरुद्ध कर दिया। जैसा कि रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया, अदालत ने साफ शब्दों में कहा, "मार्केटप्लेस के संबंध में यह फैसला तर्क की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता, क्योंकि यह न तो मेटा को एक ऑनलाइन मध्यस्थता सेवा वाली मुख्य प्लेटफ़ॉर्म सेवा के रूप में इसके वर्गीकरण के कारणों को समझने देता है और न ही यूरोपीय संघ की अदालतों को अपनी समीक्षा की शक्ति का प्रयोग करने की अनुमति देता है।"
यह यूरोपीय आयोग की प्रक्रियागत सख्ती पर एक कड़ा प्रहार है, जो यह संकेत देता है कि DMA डिज़ाइनेशन केवल अटकलों पर भरोसा नहीं कर सकते, बल्कि फैसले के समय कंपनी की मौजूदा स्थिति के पूरी तरह से तथ्य-आधारित विश्लेषण की आवश्यकता है।
मार्केटप्लेस की जीत क्यों है मुख्यतः सैद्धांतिक
हालाँकि कानूनी जीत मिली, लेकिन मेटा पर इसका व्यावहारिक प्रभाव बहुत सीमित है। यूरोपीय आयोग अदालत के फैसले से एक साल से अधिक पहले, 23 अप्रैल 2025 को मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा वापस ले चुका था। मेटा द्वारा इस सेवा को अनडेसिग्नेट करने के अनुरोध के बाद, आयोग ने निष्कर्ष निकाला था कि मार्केटप्लेस के "2024 में 10,000 से कम वार्षिक सक्रिय व्यावसायिक उपयोगकर्ता" थे, जिससे यह DMA की गेटकीपर धारणाओं को ट्रिगर करने वाली सीमा से नीचे आ गया।
मेटा ने सक्रिय रूप से व्यावसायिक यूज़र्स को हटाकर मार्केटप्लेस को उपभोक्ता-से-उपभोक्ता (C2C) सेवा में तब्दील कर दिया था, और इस तरह उस विशिष्ट प्लेटफ़ॉर्म के लिए DMA की बाध्यताओं से कुशलतापूर्वक बच निकला। जैसा कि RTE ने कहा, मार्केटप्लेस का अदालती निरसन इसलिए "मुख्यतः सैद्धांतिक" है, जो पहले ही हटाए गए एक पदनाम को औपचारिकता देने के लिए है।
मेटा ने एक बयान में इसे स्वीकार किया: "हम मार्केटप्लेस पर अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं, जो इस बात की पुष्टि करता है कि इसे पहले ही डिज़ाइनेट नहीं किया जाना चाहिए था।"
मैसेंजर: बिना बच निकलने के रास्ते के, एक स्वतंत्र गेटवे
इसके विपरीत, जनरल कोर्ट ने मैसेंजर को गेटकीपर के रूप में डिज़ाइनेट करने के आयोग के फैसले को पूरी तरह से बरकरार रखा, और मेटा की अपील को तीन मोर्चों पर खारिज कर दिया।
मैसेंजर को एक अलग सेवा के रूप में सही ढंग से वर्गीकृत किया गया था। मेटा ने तर्क दिया था कि मैसेंजर सिर्फ फेसबुक सोशल नेटवर्क की एक एकीकृत सुविधा है, न कि एक स्वतंत्र प्लेटफ़ॉर्म। अदालत इससे सहमत नहीं हुई और उसने पाया कि मैसेंजर एक नंबर-स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा है, जो एक अलग ऐप के रूप में काम करती है, बिना किसी फेसबुक अकाउंट के स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल की जा सकती है, और इसके समर्पित टूल्स के माध्यम से कारोबारी उपयोग के लिए भी सक्रिय रूप से मार्केटिंग की जाती है।
यूज़र्स की गिनती अलग-अलग सेवाओं में दोबारा की जा सकती है। मेटा का वह तर्क भी खारिज हो गया जिसमें कहा गया था कि मैसेंजर के यूज़र्स का फेसबुक के यूज़र बेस के साथ ओवरलैप होने के कारण ये मात्रात्मक सीमाएँ अमान्य हैं। अदालत ने फैसला सुनाया कि जब DMA सीमाओं के लिए अंतिम उपयोगकर्ताओं की गिनती की बात आती है, तो आयोग को सेवाओं के बीच ओवरलैप को घटाने की आवश्यकता नहीं है। यह प्रवर्तकों के लिए एक महत्वपूर्ण व्याख्यात्मक जीत है, जो बड़े, ओवरलैपिंग इकोसिस्टम वाली तकनीकी दिग्गज कंपनियों को उन संख्यात्मक मानदंडों को कमजोर करने से रोकती है जो गेटकीपर का दर्जा प्राप्त करते हैं।
कोई बाजार जाँच आवश्यक नहीं थी। अदालत ने फैसला दिया कि मैसेंजर को डिज़ाइनेट करने से पहले आयोग एक औपचारिक बाजार जांच शुरू करने के लिए बाध्य नहीं था, क्योंकि मेटा "पर्याप्त रूप से पुष्ट तर्क" प्रस्तुत करने में विफल रहा जो DMA के तहत कानूनी धारणाओं को "स्पष्ट रूप से प्रश्नगत" कर सके। यह DMA की खंडनीय धारणाओं की ताकत को मजबूत करता है और प्रति-साक्ष्य प्रस्तुत करने का प्रारंभिक बोझ डिज़ाइनेटेड कंपनी पर दृढ़ता से डालता है।
DMA प्रवर्तन के लिए व्यापक निहितार्थ
यह दोहरा फैसला EU के ऐतिहासिक तकनीकी विनियमन के तहत भविष्य के प्रवर्तन के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है।
डिज़ाइनेशन की गुणवत्ता पर चेतावनी: मार्केटप्लेस का निरसन संकेत देता है कि आयोग को डिज़ाइनेशन के चरण में मजबूत, नवीनतम और पारदर्शी विश्लेषण प्रस्तुत करना होगा। पुराने डेटा और अस्पष्ट तर्क पर निर्भरता को रद्द कर दिया जाएगा। यह फैसला आयोग को विस्तृत, साक्ष्य-समर्थित डिज़ाइनेशन निर्णय बनाने में अधिक संसाधन निवेश करने के लिए मजबूर कर सकता है जो न्यायिक जांच का सामना कर सकें।
इकोसिस्टम का विखंडन मान्य हुआ: मैसेंजर डिज़ाइनेशन को बरकरार रखकर, अदालत ने एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम के भीतर एकीकृत सुविधाओं को व्यक्तिगत कोर प्लेटफ़ॉर्म सेवाओं के रूप में मानने की आयोग की रणनीति की पुष्टि की। इस तर्क को पूरे उद्योग में अन्य मामलों पर भी लागू किया जा सकता है, जिससे गेटकीपर्स के लिए अपने व्यापक प्लेटफार्मों के भीतर विशिष्ट सेवाओं को कानूनी ढाल देना अधिक कठिन हो जाता है।
DMA की धारणाएँ मजबूत बनी हुई हैं: मैसेंजर पर फैसला दर्शाता है कि एक बार मात्रात्मक सीमाएँ पूरी हो जाने के बाद, कंपनियों को डिज़ाइनेशन से बचने के लिए एक ऊँची दीवार का सामना करना पड़ता है। अदालत ने मेटा के प्रक्रियागत तर्कों को खारिज कर दिया, जिससे पुष्टि हुई कि DMA की धारणाएँ नियामकों के लिए एक शक्तिशाली उपकरण हैं और कंपनियाँ बाजार जाँच की माँगों के साथ प्रक्रिया को स्वचालित रूप से धीमा नहीं कर सकतीं।
आगे अपील का रास्ता: दोनों में से कोई भी पक्ष निर्णय के खिलाफ केवल कानूनी बिंदुओं पर, दो महीने और दस दिनों के भीतर यूरोपीय संघ के न्याय न्यायालय (Court of Justice of the European Union) में अपील कर सकता है। एक अपील डिज़ाइनेशन चरण बनाम अनुपालन चरण में आवश्यक तर्क के सटीक मानक को और स्पष्ट कर सकती है, जो DMA न्यायशास्त्र में एक महत्वपूर्ण सीमा बनी हुई है।
digital-markets-act.ec.europa.eu[PDF] EUROPEAN COMMISSION Brussels, 21.5.2026 COM(2026) 247 ...
पहली गलती प्रासंगिक समय-सीमा से जुड़ी कानूनी भूल थी। आयोग ने अपने मूल आकलन में यह निष्कर्ष निकालने के लिए तीन साल के ऐतिहासिक डेटा का सहारा लिया था कि मार्केटप्लेस एक "ऑनलाइन मध्यस्थता सेवा" है जहाँ बिजनेस-टू-कंज्यूमर गतिविधि बड़े पैमाने पर होती है। लेकिन, अदालत के अनुसार, आयोग ने उन ढाँचागत बदलावों को बिल्कुल नज़रअंदाज़ कर दिया जो मेटा ने जुलाई 2023 के अंत में लागू किए थे। खास तौर पर, इन बदलावों में एक यूज़र द्वारा पोस्ट की जा सकने वाली लिस्टिंग्स की संख्या पर नई सीमाएँ लगाई गई थीं, और इन बदलावों ने उस मुख्य मानदंड को ही खत्म कर दिया जिसका उपयोग आयोग ने प्लेटफ़ॉर्म पर व्यावसायिक यूज़र्स की पहचान के लिए किया था।
दूसरी, और अधिक बुनियादी गलती यह थी कि फैसला पर्याप्त कारण बताने की बुनियादी कानूनी आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहा। अदालत ने कहा कि आयोग का तर्क "काल्पनिक और अधूरा" था, जिसने मेटा को इस वर्गीकरण के आधार को समझने से रोका और EU अदालतों की समीक्षा की शक्ति को अवरुद्ध कर दिया। जैसा कि रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया, अदालत ने साफ शब्दों में कहा, "मार्केटप्लेस के संबंध में यह फैसला तर्क की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता, क्योंकि यह न तो मेटा को एक ऑनलाइन मध्यस्थता सेवा वाली मुख्य प्लेटफ़ॉर्म सेवा के रूप में इसके वर्गीकरण के कारणों को समझने देता है और न ही यूरोपीय संघ की अदालतों को अपनी समीक्षा की शक्ति का प्रयोग करने की अनुमति देता है।"
यह यूरोपीय आयोग की प्रक्रियागत सख्ती पर एक कड़ा प्रहार है, जो यह संकेत देता है कि DMA डिज़ाइनेशन केवल अटकलों पर भरोसा नहीं कर सकते, बल्कि फैसले के समय कंपनी की मौजूदा स्थिति के पूरी तरह से तथ्य-आधारित विश्लेषण की आवश्यकता है।
मार्केटप्लेस की जीत क्यों है मुख्यतः सैद्धांतिक
हालाँकि कानूनी जीत मिली, लेकिन मेटा पर इसका व्यावहारिक प्रभाव बहुत सीमित है। यूरोपीय आयोग अदालत के फैसले से एक साल से अधिक पहले, 23 अप्रैल 2025 को मार्केटप्लेस का गेटकीपर दर्जा वापस ले चुका था। मेटा द्वारा इस सेवा को अनडेसिग्नेट करने के अनुरोध के बाद, आयोग ने निष्कर्ष निकाला था कि मार्केटप्लेस के "2024 में 10,000 से कम वार्षिक सक्रिय व्यावसायिक उपयोगकर्ता" थे, जिससे यह DMA की गेटकीपर धारणाओं को ट्रिगर करने वाली सीमा से नीचे आ गया।
मेटा ने सक्रिय रूप से व्यावसायिक यूज़र्स को हटाकर मार्केटप्लेस को उपभोक्ता-से-उपभोक्ता (C2C) सेवा में तब्दील कर दिया था, और इस तरह उस विशिष्ट प्लेटफ़ॉर्म के लिए DMA की बाध्यताओं से कुशलतापूर्वक बच निकला। जैसा कि RTE ने कहा, मार्केटप्लेस का अदालती निरसन इसलिए "मुख्यतः सैद्धांतिक" है, जो पहले ही हटाए गए एक पदनाम को औपचारिकता देने के लिए है।
मेटा ने एक बयान में इसे स्वीकार किया: "हम मार्केटप्लेस पर अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं, जो इस बात की पुष्टि करता है कि इसे पहले ही डिज़ाइनेट नहीं किया जाना चाहिए था।"
मैसेंजर: बिना बच निकलने के रास्ते के, एक स्वतंत्र गेटवे
इसके विपरीत, जनरल कोर्ट ने मैसेंजर को गेटकीपर के रूप में डिज़ाइनेट करने के आयोग के फैसले को पूरी तरह से बरकरार रखा, और मेटा की अपील को तीन मोर्चों पर खारिज कर दिया।
मैसेंजर को एक अलग सेवा के रूप में सही ढंग से वर्गीकृत किया गया था। मेटा ने तर्क दिया था कि मैसेंजर सिर्फ फेसबुक सोशल नेटवर्क की एक एकीकृत सुविधा है, न कि एक स्वतंत्र प्लेटफ़ॉर्म। अदालत इससे सहमत नहीं हुई और उसने पाया कि मैसेंजर एक नंबर-स्वतंत्र इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन सेवा है, जो एक अलग ऐप के रूप में काम करती है, बिना किसी फेसबुक अकाउंट के स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल की जा सकती है, और इसके समर्पित टूल्स के माध्यम से कारोबारी उपयोग के लिए भी सक्रिय रूप से मार्केटिंग की जाती है।
यूज़र्स की गिनती अलग-अलग सेवाओं में दोबारा की जा सकती है। मेटा का वह तर्क भी खारिज हो गया जिसमें कहा गया था कि मैसेंजर के यूज़र्स का फेसबुक के यूज़र बेस के साथ ओवरलैप होने के कारण ये मात्रात्मक सीमाएँ अमान्य हैं। अदालत ने फैसला सुनाया कि जब DMA सीमाओं के लिए अंतिम उपयोगकर्ताओं की गिनती की बात आती है, तो आयोग को सेवाओं के बीच ओवरलैप को घटाने की आवश्यकता नहीं है। यह प्रवर्तकों के लिए एक महत्वपूर्ण व्याख्यात्मक जीत है, जो बड़े, ओवरलैपिंग इकोसिस्टम वाली तकनीकी दिग्गज कंपनियों को उन संख्यात्मक मानदंडों को कमजोर करने से रोकती है जो गेटकीपर का दर्जा प्राप्त करते हैं।
कोई बाजार जाँच आवश्यक नहीं थी। अदालत ने फैसला दिया कि मैसेंजर को डिज़ाइनेट करने से पहले आयोग एक औपचारिक बाजार जांच शुरू करने के लिए बाध्य नहीं था, क्योंकि मेटा "पर्याप्त रूप से पुष्ट तर्क" प्रस्तुत करने में विफल रहा जो DMA के तहत कानूनी धारणाओं को "स्पष्ट रूप से प्रश्नगत" कर सके। यह DMA की खंडनीय धारणाओं की ताकत को मजबूत करता है और प्रति-साक्ष्य प्रस्तुत करने का प्रारंभिक बोझ डिज़ाइनेटेड कंपनी पर दृढ़ता से डालता है।
DMA प्रवर्तन के लिए व्यापक निहितार्थ
यह दोहरा फैसला EU के ऐतिहासिक तकनीकी विनियमन के तहत भविष्य के प्रवर्तन के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है।
डिज़ाइनेशन की गुणवत्ता पर चेतावनी: मार्केटप्लेस का निरसन संकेत देता है कि आयोग को डिज़ाइनेशन के चरण में मजबूत, नवीनतम और पारदर्शी विश्लेषण प्रस्तुत करना होगा। पुराने डेटा और अस्पष्ट तर्क पर निर्भरता को रद्द कर दिया जाएगा। यह फैसला आयोग को विस्तृत, साक्ष्य-समर्थित डिज़ाइनेशन निर्णय बनाने में अधिक संसाधन निवेश करने के लिए मजबूर कर सकता है जो न्यायिक जांच का सामना कर सकें।
इकोसिस्टम का विखंडन मान्य हुआ: मैसेंजर डिज़ाइनेशन को बरकरार रखकर, अदालत ने एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम के भीतर एकीकृत सुविधाओं को व्यक्तिगत कोर प्लेटफ़ॉर्म सेवाओं के रूप में मानने की आयोग की रणनीति की पुष्टि की। इस तर्क को पूरे उद्योग में अन्य मामलों पर भी लागू किया जा सकता है, जिससे गेटकीपर्स के लिए अपने व्यापक प्लेटफार्मों के भीतर विशिष्ट सेवाओं को कानूनी ढाल देना अधिक कठिन हो जाता है।
DMA की धारणाएँ मजबूत बनी हुई हैं: मैसेंजर पर फैसला दर्शाता है कि एक बार मात्रात्मक सीमाएँ पूरी हो जाने के बाद, कंपनियों को डिज़ाइनेशन से बचने के लिए एक ऊँची दीवार का सामना करना पड़ता है। अदालत ने मेटा के प्रक्रियागत तर्कों को खारिज कर दिया, जिससे पुष्टि हुई कि DMA की धारणाएँ नियामकों के लिए एक शक्तिशाली उपकरण हैं और कंपनियाँ बाजार जाँच की माँगों के साथ प्रक्रिया को स्वचालित रूप से धीमा नहीं कर सकतीं।
आगे अपील का रास्ता: दोनों में से कोई भी पक्ष निर्णय के खिलाफ केवल कानूनी बिंदुओं पर, दो महीने और दस दिनों के भीतर यूरोपीय संघ के न्याय न्यायालय (Court of Justice of the European Union) में अपील कर सकता है। एक अपील डिज़ाइनेशन चरण बनाम अनुपालन चरण में आवश्यक तर्क के सटीक मानक को और स्पष्ट कर सकती है, जो DMA न्यायशास्त्र में एक महत्वपूर्ण सीमा बनी हुई है।
digital-markets-act.ec.europa.eu[PDF] EUROPEAN COMMISSION Brussels, 21.5.2026 COM(2026) 247 ...