यूरोपीय आयोग 3 जून, 2026 को 'टेक सॉवरिनिटी पैकेज' का अनावरण करेगा, जिसका उद्देश्य अमेरिकी डिजिटल कंपनियों और चीनी चिप्स पर यूरोप की निर्भरता को कम करना है [14][15]। इस पैकेज में दो प्रमुख विधायी प्रस्ताव शामिल हैं: चिप्स एक्ट 2.0 और क्लाउड एवं एआई डेवलपमेंट एक्ट (CADA), साथ ही 'डिजिटल सॉवरिनिटी' की एक औपचारिक परिभाष...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is the European Commission's upcoming technology sovereignty package, scheduled for unveiling on Wednesday, June 3, and what are its ke. Article summary: The European Commission is scheduled to unveil its **Tech Sovereignty Package** on **Wednesday, June 3, 2026**, after multiple delays (originally planned for late May) [4][7][14]. The package bundles two major legislativ. Topic tags: general, government, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The "Tech Sovereignty Package" will include the Cloud and AI Development Act (CADA) and the Chips Act 2.0, bills aimed at encouraging sovereign," source context "EU mulls restricting use of U.S. cloud for sensitive government data: sources" Reference image 2: visual subject "The "Tech Sovereignty Package" will includ
यूरोपीय आयोग (European Commission) कई बार टलने के बाद, अब बुधवार, 3 जून, 2026 को अपना बहुप्रतीक्षित 'टेक्नोलॉजी सॉवरिनिटी पैकेज' पेश करने जा रहा है । यह पैकेज मूल रूप से मार्च के अंत में आना था, फिर अप्रैल और उसके बाद 27 मई तक टलता रहा
। इस पैकेज में दो मुख्य विधायी प्रस्ताव शामिल हैं और इसे अमेरिकी टेक कंपनियों से 'डिजिटल तलाक' की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है
। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
यह पैकेज मुख्य रूप से तीन चीज़ों पर केंद्रित होगा :
2023 का पहला चिप्स एक्ट सेमीकंडक्टर निर्माण को सब्सिडी देने और कारखाने लगाने पर केंद्रित था, लेकिन वह 2030 तक वैश्विक बाजार में यूरोप की 20% हिस्सेदारी के अपने लक्ष्य को हासिल करने में विफल रहा । अब चिप्स एक्ट 2.0 की रणनीति पूरी तरह बदल गई है।
CADA शायद इस पैकेज का सबसे विवादास्पद हिस्सा है, क्योंकि यह सीधे अमेरिकी टेक दिग्गजों - एडब्ल्यूएस (AWS), माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर (Microsoft Azure), और गूगल क्लाउड (Google Cloud) - को निशाना बनाता है ।
यह पूरा पैकेज एक स्पष्ट संकेत है कि यूरोप बाहरी तकनीकी शक्तियों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।
आपके लिए यह समझना ज़रूरी है कि यह पैकेज अभी एक प्रस्ताव मात्र है - यह तुरंत कानून नहीं बनेगा। इसे कानून बनने के लिए एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा:
सभी 27 सदस्य देशों के बीच सहमति बनाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती होगी।
यूरोपीय आयोग का यह 'टेक सॉवरिनिटी पैकेज' निस्संदेह वैश्विक टेक उद्योग और भू-राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
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यूरोपीय आयोग 3 जून, 2026 को 'टेक सॉवरिनिटी पैकेज' का अनावरण करेगा, जिसका उद्देश्य अमेरिकी डिजिटल कंपनियों और चीनी चिप्स पर यूरोप की निर्भरता को कम करना है [14][15]।
यूरोपीय आयोग 3 जून, 2026 को 'टेक सॉवरिनिटी पैकेज' का अनावरण करेगा, जिसका उद्देश्य अमेरिकी डिजिटल कंपनियों और चीनी चिप्स पर यूरोप की निर्भरता को कम करना है [14][15]। इस पैकेज में दो प्रमुख विधायी प्रस्ताव शामिल हैं: चिप्स एक्ट 2.0 और क्लाउड एवं एआई डेवलपमेंट एक्ट (CADA), साथ ही 'डिजिटल सॉवरिनिटी' की एक औपचारिक परिभाषा भी शामिल की जाएगी [7][24]।
चिप्स एक्ट 2.0 का लक्ष्य 2035 तक यूरोपीय सेमीकंडक्टर उद्योग में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से कुल मिलाकर €120 बिलियन (लगभग ₹10.8 लाख करोड़) का निवेश जुटाना है, जो 2023 के पहले चिप्स एक्ट के €43 बिलियन के लक्ष्य से कहीं...