AWS का RNG (रैंडम नेटवर्क ग्राफ) एक ऐसा फ्लैट डेटासेंटर नेटवर्क है जो पुराने मल्टी टियर फैट ट्री (क्लोस) डिज़ाइन की जगह एक क्वासी रैंडम एक्सपैंडर ग्राफ का उपयोग करता है [1][2][11]। यह पहला मौका है जब रैंडम ग्राफ आधारित डेटासेंटर फैब्रिक का बड़े पैमाने पर उत्पादन में इस्तेमाल किया गया है [1][2][11]। इसमें दो नई खोजें...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is AWS's new RNG flat network architecture, how does it use random graph theory and innovations like Spraypoint routing and ShuffleBoxe. Article summary: Here is a comprehensive answer based on the recently published AWS paper (arXiv 2604.15261) and accompanying coverage.. Topic tags: general, academic, general web, user generated, documentation. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "AWS replaces decades-old fat-tree network architecture with a randomized graph topology that cuts costs up to 45% and could reshape cloud economics for crypto infrastructure. Amazo" source context "Amazon unveils RNG networking design, boosting data center ..." Reference image 2: visual subject "How AWS’s radical network redesign is forging a more resilient cloud Amazon News 83800 subscri
RNG (रैंडम नेटवर्क ग्राफ़, या रेज़िलिएंट नेटवर्क ग्राफ़) एक फ्लैट डेटासेंटर नेटवर्क आर्किटेक्चर है जिसे AWS ने विकसित किया है। यह पारंपरिक मल्टी-टियर फैट-ट्री (जिसे क्लोस टोपोलॉजी भी कहते हैं) की जगह लेता है। इसके बजाय, RNG एक क्वासी-रैंडम ग्राफ़ — खास तौर पर एक एक्सपैंडर ग्राफ़ — पर आधारित है, जो राउटर्स को आपस में जोड़ता है । इसे सरल शब्दों में ऐसे समझें जैसे एक ऑफिस में सभी कमरे लंबे-लंबे गलियारों के बजाय, कई सीधे और छोटे रास्तों से जुड़े हों।
AWS का यह नया डिज़ाइन तीन प्रमुख नवाचारों पर खड़ा है:
एक्सपैंडर ग्राफ़ टोपोलॉजी: फैट-ट्री की तरह सीढ़ीदार (स्पाइन-लीफ़) संरचना के बजाय, RNG में राउटर्स एक फ्लैट, रैंडम ग्राफ़ की तरह जुड़ते हैं। इससे हर राउटर, नेटवर्क के हर दूसरे राउटर के करीब होता है। एक तरह से यह वायरिंग में ही पाथ डाइवर्सिटी (रास्तों की विविधता) को बेक कर देता है, जैसे शहर में एक ही मेन रोड की बजाय कई सारी सड़कें हों ।
स्प्रेपॉइंट रूटिंग प्रोटोकॉल: यह एक बिल्कुल नया डिस्ट्रीब्यूटेड (विकेंद्रीकृत) रूटिंग एल्गोरिदम है जो सिर्फ रैंडम एक्सपैंडर ग्राफ़ के लिए बनाया गया है। यह एक्सपेंशन प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करके, किन्हीं भी दो सर्वरों के बीच ढेरों एज-डिस्जॉइंट पाथ (ऐसे रास्ते जो एक-दूसरे से टकराते नहीं) ढूंढता है। यह बिना किसी सेंट्रल कंट्रोल के काम करता है और सामान्य कमोडिटी हार्डवेयर पर चलता है, ठीक वैसे ही जैसे एक स्मार्ट GPS ट्रैफिक को कई वैकल्पिक रास्तों पर बाँट देता है ।
शफ़लबॉक्स (एक निष्क्रिय ऑप्टिकल डिवाइस): यह एक नॉवेल पैसिव ऑप्टिकल कंपोनेंट है जो केबल के सिरों को अंदरूनी तौर पर मिक्स कर देता है। यह केबलिंग की जटिलता को फैट-ट्री के समान स्तर पर ले आता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह बिल्कुल भी बिजली नहीं खाता। यह एक पूरी तरह से निष्क्रिय फाइबर मैनेजमेंट डिवाइस है, मानो एक बिना बिजली का इंटेलिजेंट जंक्शन बॉक्स ।
AWS के नए RNG नेटवर्क के फायदे सिर्फ सैद्धांतिक नहीं हैं। पुराने फैट-ट्री डिज़ाइनों की तुलना में, शुरुआती परिणाम काफी प्रभावशाली हैं:
AWS का अनुमान है कि इस आर्किटेक्चर से होने वाली बचत अरबों डॉलर में हो सकती है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, 2026 तक संचयी बचत 200 बिलियन डॉलर तक पहुँच सकती है ।
AWS ने RNG की तैनाती चरणबद्ध तरीके से की है:
यह परिवर्तन एक क्रमिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। हर जगह एक साथ बदलाव करने के बजाय, यह अब नए और अपग्रेड होने वाले AWS डेटा सेंटरों के लिए मानक डिज़ाइन बन चुका है।
यह बदलाव ग्राहकों के लिए बिल्कुल पारदर्शी है। RNG एक भौतिक लेयर और रूटिंग लेयर में बदलाव है जो वर्चुअलाइज़ेशन लेयर के नीचे काम करता है। आपके EC2 इंस्टेंस, VPC, लोड बैलेंसर्स, और सभी एडब्ल्यूएस सेवाओं को बिल्कुल वही लॉजिकल नेटवर्क इंटरफ़ेस दिखाई देगा। आपको अपने API, इंस्टेंस टाइप, सिक्योरिटी ग्रुप, नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन या एप्लिकेशन कोड में कोई बदलाव नहीं करना है । यह एक ऐसा अपग्रेड है जिसे आप महसूस भी नहीं करेंगे, लेकिन सब कुछ तेज़ और सस्ता हो गया है।
AWS का यह कदम पूरे क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार के लिए गहरे मायने रखता है:
लागत का फायदा: AWS के पैमाने पर 9-45% नेटवर्क लागत में कमी का मतलब है प्रतिस्पर्धियों पर एक बड़ी बढ़त। AWS या तो अपनी कीमतें कम कर सकता है या फिर ज़्यादा मार्जिन कमाकर उसे AI पर खर्च कर सकता है ।
AI/ML वर्कलोड की रफ्तार: AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए बहुत ज़्यादा नेटवर्क बैंडविड्थ की जरूरत होती है। 33% बेहतर थ्रूपुट और ज़्यादा रास्तों की उपलब्धता का सीधा फायदा डिस्ट्रीब्यूटेड ट्रेनिंग, मॉडल पैरेललिज़्म और बड़े पैमाने पर इंफ़रेंसिंग को मिलता है। इससे मॉडल बनाने का समय घटेगा और आपका महंगा GPU बेकार नहीं बैठा रहेगा ।
बिजली दक्षता: नेटवर्क उपकरणों में 40% कम बिजली की खपत हाइपरस्केलर्स के लिए एक बड़ी राहत है, खासकर तब जब AI क्लस्टर्स भारी मात्रा में बिजली खा रहे हैं ।
प्रतिस्पर्धियों पर दबाव: Google Cloud, Microsoft Azure और दूसरे क्लाउड प्रदाता अभी भी ज़्यादातर पुराने क्लोस/फैट-ट्री डिज़ाइन पर चल रहे हैं। AWS ने रैंडम-ग्राफ नेटवर्किंग को उत्पादन स्तर पर तैनात करके एक नया मानक स्थापित कर दिया है। अब बाकी कंपनियों के सामने या तो AWS की राह पर चलने या फिर नेटवर्किंग की ऊंची लागत झेलने की चुनौती है ।
शैक्षणिक और उद्योग जगत में मील का पत्थर: AWS का रिसर्च पेपर यह साबित करता है कि दशकों पुराने सैद्धांतिक विचार को पहली बार हाइपरस्केल स्तर पर हकीकत में बदला जा सका है ।
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AWS का RNG (रैंडम नेटवर्क ग्राफ) एक ऐसा फ्लैट डेटासेंटर नेटवर्क है जो पुराने मल्टी टियर फैट ट्री (क्लोस) डिज़ाइन की जगह एक क्वासी रैंडम एक्सपैंडर ग्राफ का उपयोग करता है [1][2][11]।
AWS का RNG (रैंडम नेटवर्क ग्राफ) एक ऐसा फ्लैट डेटासेंटर नेटवर्क है जो पुराने मल्टी टियर फैट ट्री (क्लोस) डिज़ाइन की जगह एक क्वासी रैंडम एक्सपैंडर ग्राफ का उपयोग करता है [1][2][11]। यह पहला मौका है जब रैंडम ग्राफ आधारित डेटासेंटर फैब्रिक का बड़े पैमाने पर उत्पादन में इस्तेमाल किया गया है [1][2][11]।
इसमें दो नई खोजें शामिल हैं: स्प्रेपॉइंट रूटिंग प्रोटोकॉल, जो एक्सपैंडर ग्राफ के लिए बना पहला डिस्ट्रीब्यूटेड रूटिंग एल्गोरिदम है, और शफलबॉक्स, एक निष्क्रिय ऑप्टिकल डिवाइस जो बिना बिजली के केबल कनेक्शन को व्यवस्थित कर...