बाजार की नजर में, Nvidia का साथ मिलना Nokia के लिए किसी 'विश्वसनीयता की मोहर' जैसा था। इस कदम ने निवेशकों का ध्यान Nokia के उस ऑप्टिकल नेटवर्किंग व्यवसाय पर केंद्रित कर दिया, जिसकी AI डेटा सेंटरों से भारी मांग बढ़ रही है ।
23 अप्रैल, 2026 को Nokia ने जो पहली तिमाही (Q1) के नतीजे पेश किए, उन्होंने बाजार की उम्मीदों को गलत साबित कर दिया ।
21 मई, 2026 को Nokia ने कैलिफोर्निया के सनीवेल में अपनी 'AI नेटवर्किंग इनोवेशन लैब' की शुरुआत की । यह एक खास तरह से बनाया गया हब है, जहां AI और क्लाउड पार्टनर्स के साथ मिलकर नई तकनीकों पर काम किया जाएगा। इस लैब का मकसद भविष्य के AI डेटा सेंटरों के लिए एकदम नए जमाने के नेटवर्किंग आर्किटेक्चर को डिजाइन, टेस्ट और वैलिडेट करना है
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यह लैब एक तरह की प्रयोगशाला के रूप में काम करेगी जहां Nokia अपने प्रमुख साझेदारों के साथ अपने 'वैलिडेटेड डिजाइन्स' का परीक्षण कर सकता है। इससे यह धारणा और मजबूत हुई है कि Nokia, AI डेटा सेंटर नेटवर्किंग के क्षेत्र में एक गंभीर खिलाड़ी बनकर उभर रहा है ।
AI के साथ-साथ, Nokia ने चुपचाप अपनी एक और पहचान बनानी शुरू कर दी है — सैन्य और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए सुरक्षित संचार प्रदाता की । बेल्जियम में, Nokia बेल्जियम ने COBBS BELUX और अमेरिकी रक्षा कंपनी एंडुरिल इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर एक कंसोर्टियम बनाया
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यह गठबंधन बेल्जियम के लिए एक संप्रभु 'काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम' (C-UAS) यानी ड्रोन रोधी क्षमता विकसित करने पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य बेल्जियम में सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को ड्रोन के हमलों से सुरक्षित करना है । इस डिफेंस पिवट ने, AI पुश के साथ मिलकर, Nokia को एक दोहरी रणनीति दी है: एक तरफ हाइपरस्केल डेटा सेंटर और दूसरी तरफ सैन्य-ग्रेड सुरक्षित नेटवर्क।
कंपनी के भीतर से भी मजबूत संकेत मिले जब Nokia के शीर्ष अधिकारियों ने €12.09 प्रति शेयर की कीमत पर कंपनी के शेयर खरीदे । यह AI पिवट और रक्षा विस्तार की रणनीति पर आंतरिक विश्वास का एक स्पष्ट संकेत था।
बाहर से भी, विश्लेषकों ने Nokia के शेयरों पर भरोसा जताया। Q1 के बेहतरीन नतीजों और Nvidia के निवेश के बाद, कई ब्रोकरेज फर्मों जैसे SEB, बैंक ऑफ अमेरिका और मॉर्गन स्टेनली ने शेयर के टारगेट प्राइस को बढ़ा दिया। शायद सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि Nokia के शेयर ने इस साल Nvidia के 20% रिटर्न को भी पीछे छोड़ दिया है । शेयर की यह दोबारा रेटिंग इस बात का नतीजा है कि Nokia अब ठोस AI रेवेन्यू और ऑर्डर मोमेंटम दिखाने में सफल रहा है
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इन सभी घटनाओं ने मिलकर 161 साल पुरानी कंपनी को एक नए अवतार में पेश किया है। बाजार अब इसे सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के रूप में आंक रहा है ।
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