हबल की नई तस्वीर में बौनी अनियमित आकाशगंगा ESO 490 017 दिखी, जो 2.3 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर तारों का एक धुंधला झुंड है और 'कॉस्मिक फ्लो' मैप करने के व्यापक वैज्ञानिक प्रयास का हिस्सा है। इस धुंधली आकाशगंगा का डेटा खगोलविदों को यह समझने में मदद करता है कि गुरुत्वाकर्षण के तहत आकाशगंगाएं और उनके समूह कैसे गति करते हैं,...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Hubble's latest image of the faint dwarf irregular galaxy ESO 490-017, located 23 million light-years away in Canis Major and measu. Article summary: The new Hubble image of ESO 490-017 reveals a very faint, low-surface-brightness dwarf irregular galaxy that appears as a subtle starry swarm against a backdrop of more distant spiral galaxies, with brighter Milky Way fo. Topic tags: general, government, general web, academic, education. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The data in this image of ESO 490-017 was part of a Hubble observing program that looked at the movement of galaxies and galaxy clusters through" source context "Hubble Spies Faint Irregular Galaxy - NASA Science" Reference image 2: visual subject "The data in this image of ESO 490-017 was part o
नासा/ईएसए हबल स्पेस टेलीस्कोप की एक नई तस्वीर ने ईएसओ 490-017 नामक एक धुंधली, बौनी अनियमित आकाशगंगा का चित्र प्रस्तुत किया है, जो हमसे 2.3 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह आकाशगंगा, लगभग 12,000 प्रकाश वर्ष चौड़ी, एक हल्की, बिखरी हुई रोशनी के झुंड की तरह दिखाई देती है, जिसके पीछे कई दूरस्थ सर्पिल आकाशगंगाओं की सघन पृष्ठभूमि है। तस्वीर के अग्रभाग में हमारी अपनी मिल्की वे आकाशगंगा के चमकीले तारे, अपनी विशेष विवर्तन स्पाइक्स (क्रॉस-नुमा संरचनाओं) के कारण आसानी से पहचाने जा सकते हैं .
ईएसओ 490-017 जैसी आकाशगंगाओं को 'बौनी अनियमित' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनमें हमारी परिचित आकाशगंगाओं की तरह चमकीला केंद्रीय उभार या सुंदर सर्पिल भुजाएं नहीं होतीं। इसकी सतह की चमक बहुत कम है, जिसके कारण यह एक तीव्र केंद्रीय रोशनी के बजाय धुंधली रोशनियों के एक कोमल बिखराव के रूप में दिखाई देती है। अंतरिक्ष के गहरे अंधेरे के सामने इसे साफ देख पाने के लिए हबल की उच्च संवेदनशीलता की जरूरत थी .
तस्वीर की गहरी पृष्ठभूमि में आपको कई लाल, नारंगी और बेज रंग के बिंदु दिखाई देंगे। इनमें से कई दूरस्थ आकाशगंगाएं हैं, जिनमें से कुछ में स्पष्ट सर्पिल संरचनाएं भी नजर आती हैं, जो हमें ब्रह्मांडीय गहराई का एक शानदार एहसास कराती हैं .
यह महज एक खूबसूरत तस्वीर नहीं है; इसका डेटा हबल के एक बड़े और महत्वपूर्ण अवलोकन कार्यक्रम का हिस्सा है, जो 'कॉस्मिक फ्लो' (ब्रह्मांडीय प्रवाह) को समझने पर केंद्रित है .
हम जानते हैं कि ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है, लेकिन इसमें पदार्थ का वितरण एक समान नहीं है। आकाशगंगाओं के विशाल समूह और डार्क मैटर के उच्च-घनत्व वाले क्षेत्र अपने शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल से इस एकसमान विस्तार में बाधा डालते हैं। ब्रह्मांडीय संरचनाओं की इस बड़े पैमाने की गुरुत्वाकर्षण-जनित गति को ही 'कॉस्मिक फ्लो' कहा जाता है .
इन त्रि-आयामी प्रवाहों का नक्शा तैयार करने के लिए, खगोलविदों को आकाशगंगाओं की दूरी का सटीक मापन चाहिए। हबल यह दूरी 'लाल दानव' तारों को 'स्टैंडर्ड कैंडल' के रूप में इस्तेमाल करके तय करता है। 'स्टैंडर्ड कैंडल' ऐसी खगोलीय वस्तुएं हैं जिनकी अपनी वास्तविक चमक (निरपेक्ष कांतिमान) हमें ज्ञात होती है। इन तारों को कितना धुंधला दिखता है, उसके आधार पर वैज्ञानिक उनकी दूरी का हिसाब लगा सकते हैं। आकाश का एक सपाट नक्शे को ब्रह्मांडीय संरचना और गति के 3डी मानचित्र में बदलने का यह एक बेहद अहम कदम है .
अपने विकास के एक विशेष, छोटे से चरण में मौजूद लाल दानव तारे, 'स्टैंडर्ड कैंडल' के रूप में बहुत उपयोगी होते हैं। जब एक कम द्रव्यमान वाला तारा अपने केंद्र में मौजूद हाइड्रोजन ईंधन को खत्म करके हीलियम जलाना शुरू करता है, तो इसकी चमक अपने चरम पर पहुंच जाती है। इस चरम बिंदु को 'टिप ऑफ द रेड जायंट ब्रांच' (TRGB) कहा जाता है। इस अवस्था में तारों की चरम चमक लगभग एक जैसी होती है, जो उन्हें दूरी मापने के लिए एक भरोसेमंद मापक बनाती है .
हाल ही में कार्नेगी-शिकागो हबल प्रोग्राम ने इसी तकनीक का उपयोग करके ब्रह्मांड के विस्तार की दर, जिसे 'हबल कांस्टेंट' कहते हैं, का एक बिल्कुल नया मापन किया था। दिलचस्प बात ये है कि यह माप पहले से मौजूद दो अलग-अलग और प्रतिस्पर्धी मानों के ठीक बीच में आकर गिरा, जिसने ब्रह्मांड विज्ञान की एक बड़ी बहस, जिसे 'हबल टेंशन' कहते हैं, को और भी गहरा कर दिया . ईएसओ 490-017 की तस्वीर खींचने वाला कार्यक्रम इसी काम के लिए एक महत्वपूर्ण नींव तैयार करता है। यह पास की आकाशगंगाओं की दूरियों को मापकर 'कॉस्मिक डिस्टेंस लैडर' के पहले पायदान को कैलिब्रेट करने में मदद करता है
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'कॉस्मिक फ्लो' का मानचित्रण करने से परे, ईएसओ 490-017 जैसी बौनी अनियमित आकाशगंगाएं अपने आप में बहुत वैज्ञानिक महत्व रखती हैं। माना जाता है कि इनमें डार्क मैटर की प्रधानता होती है, जो इन्हें सबसे छोटे पैमाने पर आकाशगंगाओं के निर्माण और विकास का अध्ययन करने के लिए बेहतरीन प्राकृतिक प्रयोगशालाएं बनाती हैं .
ऐसी आकाशगंगाओं का विभिन्न तरंगदैर्ध्यों पर अवलोकन खगोलविदों को यह समझने में मदद करता है कि कम धात्विकता और कम द्रव्यमान वाले वातावरण में तारे कैसे बनते हैं। माना जाता है कि ये परिस्थितियां वैसी ही हैं जैसी आरंभिक ब्रह्मांड की पहली आकाशगंगाओं में मौजूद थीं। इसके अलावा, यह अवलोकन कार्यक्रम स्थानीय आकाशगंगाओं में मौजूद तारकीय आबादी के प्रकारों का एक स्थायी विरासत संग्रह भी तैयार करता है, जिसका उपयोग मूल 'कॉस्मिक फ्लो' विज्ञान के लक्ष्यों से कहीं आगे के अध्ययनों के लिए किया जा सकेगा .
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हबल की नई तस्वीर में बौनी अनियमित आकाशगंगा ESO 490 017 दिखी, जो 2.3 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर तारों का एक धुंधला झुंड है और 'कॉस्मिक फ्लो' मैप करने के व्यापक वैज्ञानिक प्रयास का हिस्सा है।
हबल की नई तस्वीर में बौनी अनियमित आकाशगंगा ESO 490 017 दिखी, जो 2.3 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर तारों का एक धुंधला झुंड है और 'कॉस्मिक फ्लो' मैप करने के व्यापक वैज्ञानिक प्रयास का हिस्सा है। इस धुंधली आकाशगंगा का डेटा खगोलविदों को यह समझने में मदद करता है कि गुरुत्वाकर्षण के तहत आकाशगंगाएं और उनके समूह कैसे गति करते हैं, जिससे ब्रह्मांड के विस्तार की दर के मापन को परिष्कृत किया जा सकता है।
इस तरह की डार्क मैटर प्रधान आकाशगंगाओं का अध्ययन आरंभिक ब्रह्मांड जैसी परिस्थितियों में तारा निर्माण की एक खिड़की खोलता है, और यह अवलोकन कार्यक्रम भविष्य के अध्ययनों के लिए एक मूल्यवान डेटा संग्रह भी तैयार करता है।