यहाँ सरल शब्दों में समझें: यह इलाज एक 'आणविक कैंची' नहीं, बल्कि एक 'आणविक पेंसिल और रबर' की तरह काम करता है। यह जीन को काटता नहीं, बल्कि उसके एक अक्षर (बेस) को बदल देता है।
GalNAc-LNP डिलीवरी सिस्टम इस थेरेपी को चुनिंदा रूप से केवल लिवर की कोशिकाओं (हेपाटोसाइट्स) तक पहुंचाता है। एक बार अंदर पहुंचने पर, बेस एडिटर DNA में एक अक्षर का बदलाव करता है जो PCSK9 जीन में 'प्रीमैच्योर स्टॉप कोडॉन' बना देता है। इससे जीन स्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाता है । यह प्रक्रिया शरीर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले PCSK9 जीन के 'लॉस-ऑफ-फंक्शन' वेरिएंट की नकल करती है, जिन लोगों में यह प्राकृतिक रूप से होता है, उनमें कोरोनरी हार्ट डिजीज का आजीवन जोखिम काफी कम पाया गया है
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एली लिली ने 25 मई, 2026 को जो आंकड़े जारी किए, वे हृदय रोग के उच्च जोखिम वाले 35 प्रतिभागियों से आए, जिन्हें VERVE-102 की एक सिंगल इन्फ्यूजन विभिन्न खुराक समूहों में दी गई थी ।
ये कमी खुराक पर निर्भर थी, यानी जितनी अधिक खुराक दी गई, PCSK9 और LDL-C में उतनी ही अधिक गिरावट देखी गई । ध्यान देने वाली बात यह है कि इस थेरेपी को सिर्फ एक इलाज के बाद जीवनभर LDL-C में कमी लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और 18 महीने तक टिकाऊ परिणाम इसकी क्षमता को मजबूती से समर्थन देते हैं
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यह स्वच्छ सुरक्षा संकेत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले कंपनी का उम्मीदवार VERVE-101, ऊंची खुराकों पर लिवर एंजाइम में क्षणिक वृद्धि दिखा रहा था। VERVE-102 के बेहतर LNP फॉर्मूलेशन ने उस समस्या का समाधान कर दिया है ।
फेज 2 ट्रायल की शुरुआत: Verve को उम्मीद थी कि 2025 की दूसरी छमाही में VERVE-102 के फेज 2 ट्रायल में पहले मरीज को खुराक दी जाएगी । मई 2026 तक, फेज 2 कार्यक्रम चल रहा है, और ये फेज 1b डेटा फेज 2 के लिए खुराक के चयन में मार्गदर्शन करेंगे
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एली लिली का ऑप्ट-इन निर्णय: दोनों कंपनियों के सहयोग समझौते के तहत, एली लिली के पास VERVE-102 को लाइसेंस देने का विकल्प था। 25 मई, 2026 को लिली द्वारा संयुक्त रूप से घोषित सकारात्मक फेज 1b डेटा एक मजबूत संकेत है कि लिली ने उस विकल्प का उपयोग कर लिया है या मौजूदा साझेदारी के तहत कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है ।
नियामक मंजूरी की राह: FDA (अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन) ने अप्रैल 2025 में हाइपरलिपिडेमिया और उच्च जीवनकाल हृदय जोखिम वाले रोगी समूहों के इलाज के लिए VERVE-102 को फास्ट ट्रैक पदनाम (Fast Track Designation) प्रदान किया । फास्ट ट्रैक का मतलब है कि अब FDA के साथ अधिक लगातार बातचीत हो सकेगी और बायोलॉजिक्स लाइसेंस एप्लीकेशन (BLA) की 'रोलिंग रिव्यू' की जा सकेगी, जिससे अगर आगे के डेटा सकारात्मक रहे तो मंजूरी की राह तेज हो सकती है।