गाज़ा का युद्धविराम हिंसा नहीं रोक पाया: 11 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम शुरू होने के बाद से इज़रायली हमलों में कम से कम 883 फ़िलिस्तीनी मारे गए, जबकि हमास के निःशस्त्रीकरण पर बातचीत अभी भी गतिरोध का शिकार है। अमेरिका के नेतृत्व वाला 'बोर्ड ऑफ़ पीस' हमास को प्रगति में 'सबसे बड़ी बाधा' मानता है, लेकिन हमास इज़रायल की प...

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11 अक्टूबर 2025 को गाज़ा में जो युद्धविराम लागू हुआ था, माना जा रहा था कि वह खून-खराबा रोकेगा, मानवीय सहायता का रास्ता खोलेगा, और एक राजनीतिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगा। लेकिन सात महीने बाद सच्चाई यह है कि यह तीनों ही मोर्चों पर पूरी तरह विफल रहा है। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम शुरू होने के बाद से इज़रायली सैन्य कार्रवाइयों में कम से कम 883 फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं और 2,648 घायल हुए हैं । वहीं, इस समझौते का सबसे अहम प्रावधान—हमास का निःशस्त्रीकरण—पूरी तरह से अटका हुआ है। और ज़मीनी हकीकत यह है कि करीब 10 लाख विस्थापित फ़िलिस्तीनियों के पास अब भी कोई स्थायी आश्रय नहीं है, क्योंकि सीमाएं बंद होने और धन की कमी के चलते सहायता सामग्री की आपूर्ति ठप पड़ी है
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11 अक्टूबर 2025 के बाद का मृत्यु आंकड़ा एक ऐसे युद्धविराम की तस्वीर पेश करता है जो सिर्फ नाम का है। 22 मई 2026 तक, गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय ने युद्धविराम के बाद इज़रायली हमलों में 883 लोगों की मौत और 2,648 के घायल होने की पुष्टि की थी । इससे पहले की रिपोर्टों में भी मौतों का लगातार बढ़ता आंकड़ा दिखता है: 1 अप्रैल तक WAFA समाचार एजेंसी ने 824 मौतें और 2,316 घायल होने की सूचना दी थी
और मई की शुरुआत तक यह संख्या 846 तक पहुंच गई थी
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अक्टूबर 2023 से जारी इस संघर्ष में कुल मरने वालों की संख्या अब 75,000 को पार कर चुकी है। मई 2026 की शुरुआत तक, विकिपीडिया के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार यह संख्या 75,811 थी, जिसमें 73,770 से अधिक फ़िलिस्तीनी और 2,000 से अधिक इज़रायली शामिल हैं । मारे गए लोगों में कम से कम 270 पत्रकार, 120 शिक्षाविद, और 560 से अधिक मानवीय सहायता कर्मी शामिल हैं
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युद्धविराम की पूरी अवधि के दौरान हवाई हमले और गोलाबारी जारी रही, जिनमें अक्सर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। हाल की कुछ घटनाओं में शामिल हैं:
मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (OCHA) ने पाया है कि ऐसी कई घटनाएं रिहायशी इलाकों में होती हैं, जिससे नागरिकों पर सीधा खतरा बना रहता है । विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि गाज़ा में 43,000 से अधिक लोग ऐसी चोटों का सामना कर रहे हैं जिसने उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल दी है
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युद्धविराम का दूसरा चरण इस बात पर निर्भर करता है कि हमास सत्यापन योग्य तरीके से निःशस्त्रीकरण और गाज़ा पर अपना नियंत्रण छोड़ने को तैयार हो। लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। 20 मई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपनी पहली रिपोर्ट में, अमेरिका के नेतृत्व वाले 'बोर्ड ऑफ पीस' (BoP) ने हमास को प्रगति की राह में "प्रमुख बाधा" बताया, और उसके सत्यापित निःशस्त्रीकरण को स्वीकार करने से इनकार करने का हवाला दिया ।
BoP के उच्च प्रतिनिधि, निकोले म्लादेनोव ने कहा है कि निःशस्त्रीकरण "गैर-परक्राम्य" है । लेकिन अब बातचीत सिर्फ बंदूक वापस खरीद (गन बायबैक) और कानून लागू करने के लिए छोटे हथियारों जैसे तकनीकी विवादों में उलझ कर रह गई है
। हमास इस बात पर अड़ा है कि वह निःशस्त्रीकरण पर तब ही चर्चा करेगा, जब इज़रायल पहले चरण को पूरी तरह लागू कर दे—मतलब गाज़ा से पूरी तरह सैन्य वापसी—और वह इस मांग को युद्ध जारी रखने का एक बहाना बताता है
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यह गतिरोध सिर्फ वार्ता की मेज तक सीमित नहीं है। द टाइम्स ऑफ इज़राइल द्वारा प्राप्त एक दस्तावेज़ से पता चला है कि यदि हमास निःशस्त्रीकरण के ढांचे को स्वीकार नहीं करता है, तो BoP का इज़रायल को युद्धविराम की शर्तों पर रोकने का कोई इरादा नहीं है, जो प्रभावी रूप से इज़रायल को सैन्य कार्रवाई जारी रखने की खुली छूट देता है । इज़रायली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा कैबिनेट ने वार्ता के पूरी तरह विफल होने की स्थिति में एक और पूर्ण पैमाने के युद्ध के लिए आकस्मिक योजनाओं पर चर्चा की है
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जहां कूटनीतिक वार्ता अटकी हुई है, वहीं ज़मीन पर मानवीय स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे गाज़ा में करीब 10 लाख लोगों को अब भी तत्काल आश्रय सहायता की आवश्यकता है, और अधिकांश आबादी विस्थापित है ।
सहायता प्रयासों के सामने लगातार अड़चनें आ रही हैं:
सीमा पार बिंदुओं के बंद होने से कीमतें बढ़ गई हैं और आबादी की मानवीय सहायता पर निर्भरता गहरा गई है । वेस्ट बैंक में भी एक समानांतर संकट उभर रहा है: 2026 के पहले तीन महीनों में ही, बसने वालों (सेटलर्स) के हमलों और आवाजाही प्रतिबंधों के कारण लगभग 1,700 फ़िलिस्तीनी विस्थापित हुए—यह आंकड़ा पूरे 2025 के कुल आंकड़े को पहले ही पार कर चुका है
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संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि परिवर्तन योजना में कोई सफलता नहीं मिलती है, तो गाज़ा के एक "स्थायी" अधर में फंसने का खतरा है । जैसा कि म्लादेनोव ने कहा: "युद्धविराम के सात महीने बाद भी, गाज़ा के भविष्य का दरवाज़ा अब भी बंद है"
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गाज़ा का युद्धविराम हिंसा नहीं रोक पाया: 11 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम शुरू होने के बाद से इज़रायली हमलों में कम से कम 883 फ़िलिस्तीनी मारे गए, जबकि हमास के निःशस्त्रीकरण पर बातचीत अभी भी गतिरोध का शिकार है।
गाज़ा का युद्धविराम हिंसा नहीं रोक पाया: 11 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम शुरू होने के बाद से इज़रायली हमलों में कम से कम 883 फ़िलिस्तीनी मारे गए, जबकि हमास के निःशस्त्रीकरण पर बातचीत अभी भी गतिरोध का शिकार है। अमेरिका के नेतृत्व वाला 'बोर्ड ऑफ़ पीस' हमास को प्रगति में 'सबसे बड़ी बाधा' मानता है, लेकिन हमास इज़रायल की पूर्ण वापसी से पहले निःशस्त्रीकरण पर चर्चा करने से इनकार कर रहा है।
सहायता अभियान गंभीर रूप से प्रतिबंधित हैं: सीमा पार बिंदु बार बार बंद किए जा रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र की 2026 फ्लैश अपील के लिए महज़ 13% धनराशि ही जुट पाई है।