DRC और पड़ोसी देश युगांडा ने 15 मई 2026 को बंडिबुग्यो वायरस से होने वाले इबोला प्रकोप की आधिकारिक पुष्टि की।
इसके दो दिन बाद, 17 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के तहत "Public Health Emergency of International Concern" घोषित किया।
WHO का आकलन है कि कांगो के भीतर जोखिम स्तर “बहुत अधिक” है, हालांकि वैश्विक स्तर पर जोखिम अभी भी कम माना जा रहा है।
आंकड़े लगातार बदल रहे हैं, लेकिन हाल की रिपोर्टों के अनुसार:
स्वास्थ्य एजेंसियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई मामले अभी जांच या पुष्टि की प्रक्रिया में हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका की रोग नियंत्रण एजेंसी CDC ने इस प्रकोप के बारे में चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार:
15 मई को CDC ने:
18 मई से अमेरिका ने DRC, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य जांच और निगरानी उपाय भी लागू किए।
CDC के अनुसार, इस विशेष वायरस प्रकार Bundibugyo ebolavirus के लिए अभी तक कोई FDA‑स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है।
इसलिए स्वास्थ्य अधिकारियों का मुख्य ध्यान इन कदमों पर है:
रेड क्रॉस स्वयंसेवकों की मौत ने यह संकेत दिया है कि इबोला का यह प्रकोप संभवतः आधिकारिक घोषणा से कई हफ्ते पहले ही शुरू हो चुका था। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि शुरुआती संक्रमण अक्सर बिना पहचाने फैल सकते हैं—खासकर दूरदराज़ इलाकों में जहां निगरानी और परीक्षण सीमित होते हैं।
स्वास्थ्य एजेंसियां अब इतुरी प्रांत और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी, परीक्षण और संक्रमण‑नियंत्रण उपायों को तेजी से बढ़ा रही हैं ताकि प्रकोप को और फैलने से रोका जा सके।