हालांकि उस फैसले में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ कि अगर खरीदारी App Store के बाहर होती है तो Apple कितना शुल्क ले सकता है।
अदालत के आदेश लागू होने के बाद Apple ने अपने नियम बदले और डेवलपर्स को बाहरी भुगतान लिंक देने की अनुमति दी। लेकिन कंपनी ने उन लिंक के जरिए होने वाली कई खरीदों पर 27% तक कमीशन लागू कर दिया।
Epic Games ने तर्क दिया कि इससे अदालत के आदेश की भावना ही खत्म हो जाती है, क्योंकि डेवलपर्स को वास्तविक रूप से Apple के शुल्क से बचने का मौका नहीं मिलता।
इसके बाद अदालत ने माना कि Apple का यह कार्यान्वयन आदेश के अनुरूप नहीं था और कंपनी को सिविल अवमानना (civil contempt) का सामना करना पड़ा।
नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने इस अवमानना से जुड़े अधिकांश निर्णयों को बरकरार रखा, लेकिन एक अहम सवाल वापस निचली अदालत को भेज दिया—कि App Store के बाहर होने वाली खरीद पर Apple कितना कमीशन ले सकता है, अगर कोई ले सकता है।
Apple ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि नाइंथ सर्किट के आदेश को अस्थायी रूप से रोक दिया जाए ताकि वह पूरी अपील दायर कर सके।
Epic Games ने इस मांग का विरोध किया। कंपनी ने अदालत से कहा कि Apple पहले ही कई अहम फैसले हार चुका है और आपात राहत देने का कोई ठोस कारण नहीं है।
Epic का तर्क है कि अगर कार्यवाही रोक दी गई तो Apple उसी प्रणाली को बनाए रखेगा जिसे अदालतें पहले ही अनुचित मान चुकी हैं।
मामले की वर्तमान स्थिति समझने के लिए कुछ प्रमुख घटनाएं महत्वपूर्ण हैं:
इसी बीच, कानूनी लड़ाई के साथ‑साथ व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा भी जारी है। Epic Games ने अपना लोकप्रिय गेम Fortnite कई वर्षों के बाद दुनिया के अधिकांश App Stores पर फिर से जारी कर दिया है, हालांकि ऑस्ट्रेलिया में यह अभी उपलब्ध नहीं है।
यह मुकदमा शुरू में एक गेम डेवलपर और एक प्लेटफ़ॉर्म कंपनी के बीच विवाद था। लेकिन अब इसका असर पूरे ऐप इकोसिस्टम पर पड़ सकता है।
मुख्य सवाल यह है: क्या प्लेटफ़ॉर्म मालिक डेवलपर्स को अपना ही भुगतान सिस्टम इस्तेमाल करने के लिए मजबूर कर सकते हैं — या बाहरी भुगतान पर भी शुल्क ले सकते हैं?
इस सवाल का जवाब सिर्फ Apple और Epic के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर के ऐप डेवलपर्स, डिजिटल मार्केटप्लेस और नियामकों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। फिलहाल मामला अभी भी जारी है और अंतिम फैसला आना बाकी है।
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