तेल बाजार के कई प्रतिभागी मानते हैं कि भू राजनीतिक जोखिम और तंग सप्लाई के कारण ब्रेंट क्रूड करीब $100 प्रति बैरल के आसपास बना रह सकता है। यूएस–ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक को खतरे में डालते हैं। OECD देशों में कम होते तेल भंडार के कारण बाजार किसी भी न...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What factors are leading oil market participants to expect Brent crude to hover around $100 per barrel over the next 12 months, and how are. Article summary: Oil traders who expect Brent to stay near $100 over the next year are mainly pricing in a prolonged geopolitical risk premium on top of a tight physical market.. Topic tags: general web, ai, regulation, growth, manufacturing. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "***Oil markets are increasingly converging on a view that crude prices will remain capped near $100 a barrel over the next year, as supply disruptions linked to the US-Iran war col" source context "Emerging consensus suggests oil to remain capped near $100 over next year - Hedgeweek" Reference image 2: visual subject "***Oil markets are increasingly convergin
तेल बाजार में कई ट्रेडर और विश्लेषक मानते हैं कि अगले लगभग 12 महीनों तक ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब $100 प्रति बैरल के आसपास रह सकती है। इसका मुख्य कारण यह है कि वैश्विक तेल बाजार पहले से ही कसा हुआ है, और उस पर भू‑राजनीतिक जोखिम (geopolitical risk premium) जुड़ गया है। खासकर यूएस–ईरान तनाव, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधाएँ, घटते वैश्विक भंडार, सीमित आपातकालीन भंडार और धीमी उत्पादन वृद्धि—ये सभी मिलकर कीमतों को ऊँचा बनाए रख सकते हैं।
दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरता है। यदि इस मार्ग में बाधा आती है, तो वैश्विक आपूर्ति तुरंत प्रभावित होती है।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, इसी तरह के व्यवधान और उत्पादन बंद होने की आशंका के कारण मार्च में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत लगभग $103 प्रति बैरल रही और 2026 की दूसरी तिमाही में यह $115 तक पहुँच सकती है। बाजार में तब तक जोखिम प्रीमियम बना रह सकता है जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि सप्लाई व्यवधान कितने समय तक जारी रहेंगे।
EIA का यह भी कहना है कि निकट अवधि में तेल प्रवाह में बाधा और उत्पादन में कटौती कीमतों को ऊँचा बनाए रख सकती है, भले ही बाद में निर्यात सामान्य हो जाए।
ऊँची कीमतों की एक और वजह है कम और लगातार घटते तेल भंडार।
ऊर्जा डेटा फर्म Enverus का कहना है कि होर्मुज़ में व्यवधान के कारण तेल प्रवाह प्रभावित हुआ है और OECD देशों के कच्चे तेल व उत्पाद भंडार पहले से ही कम हैं। जब भंडार कम होते हैं, तो बाजार के पास झटकों को संभालने के लिए बफर नहीं होता—इससे किसी भी नई सप्लाई रुकावट का असर कीमतों पर अधिक तेज़ी से पड़ता है।
बाजार को शांत करने के लिए अमेरिका ने 172 मिलियन बैरल तेल अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व (SPR) से जारी करने की घोषणा की।
यह कदम अल्पकालिक राहत दे सकता है, लेकिन इसे स्थायी समाधान नहीं माना जाता। आपातकालीन भंडार मूल रूप से अस्थायी संकट से निपटने के लिए बनाए जाते हैं—वे लंबे समय तक सप्लाई की कमी को पूरा नहीं कर सकते।
इसके अलावा, बड़े पैमाने पर रिलीज़ से खुद आपातकालीन भंडार भी घट जाते हैं, जिससे भविष्य के संकटों के लिए उपलब्ध सुरक्षा कम हो सकती है।
इतिहास में अक्सर ऐसा होता था कि तेल की कीमतें बढ़ते ही यूएस शेल उत्पादक तेजी से उत्पादन बढ़ा देते थे, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ता था। लेकिन इस बार प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है।
Enverus का अनुमान है कि ब्रेंट की औसत कीमत 2026 में लगभग $95 और 2027 में करीब $100 रह सकती है, क्योंकि अन्य क्षेत्रों से उत्पादन वृद्धि इतनी तेज़ नहीं है कि सप्लाई की कमी को जल्दी संतुलित कर सके।
हालाँकि सभी विश्लेषक एकमत नहीं हैं। Enverus जैसे कुछ संस्थान “higher‑for‑longer” परिदृश्य देखते हैं, जिसमें भू‑राजनीतिक जोखिम और कम भंडार के कारण कीमतें लंबे समय तक ऊँची रह सकती हैं।
दूसरी ओर, EIA का मानना है कि यदि होर्मुज़ के रास्ते तेल प्रवाह सामान्य हो जाता है और उत्पादन फिर से बढ़ता है, तो कीमतें धीरे‑धीरे कम हो सकती हैं—संभावित रूप से 2026 के अंत तक $90 से नीचे और 2027 में औसतन $76 तक।
संक्षेप में: अभी का $100 वाला परिदृश्य मुख्य रूप से दो चीज़ों का परिणाम है—एक तंग वैश्विक तेल बाजार और दूसरा लगातार बना हुआ भू‑राजनीतिक जोखिम। जब तक सप्लाई पूरी तरह सामान्य नहीं होती और भंडार फिर से नहीं बढ़ते, तब तक तेल की कीमतों पर ऊपर की तरफ दबाव बना रह सकता है।
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तेल बाजार के कई प्रतिभागी मानते हैं कि भू राजनीतिक जोखिम और तंग सप्लाई के कारण ब्रेंट क्रूड करीब $100 प्रति बैरल के आसपास बना रह सकता है।
तेल बाजार के कई प्रतिभागी मानते हैं कि भू राजनीतिक जोखिम और तंग सप्लाई के कारण ब्रेंट क्रूड करीब $100 प्रति बैरल के आसपास बना रह सकता है। यूएस–ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक को खतरे में डालते हैं।
OECD देशों में कम होते तेल भंडार के कारण बाजार किसी भी नई सप्लाई रुकावट पर तेजी से प्रतिक्रिया करता है।