लाओस के Plain of Jars में साइट 75 पर एक विशाल पत्थर के जार के अंदर कम से कम 37 लोगों की हड्डियाँ और दाँत मिले, जो लगभग 9वीं–12वीं सदी CE के बीच के हैं।[4][10] अलग‑अलग हड्डियों का मिलना बताता है कि शव पहले कहीं और सड़ने दिए जाते थे और बाद में चुनिंदा हड्डियाँ जार में रखी जाती थीं—इसे सेकेंडरी बरीअल परंपरा माना जाता ह...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did archaeologists discover inside a massive stone jar at the Plain of Jars in northern Laos, how many individuals’ remains were identi. Article summary: Archaeologists found a dense deposit of human bones and teeth inside one of the giant stone jars at Site 75 on Laos’s Plain of Jars, along with imported glass beads; the remains represent at least 37 people.[1][8][12] Ra. Topic tags: general, education, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Archaeologists working at Laos’ Plain of Jars have uncovered the remains of at least 37 people inside a massive stone jar, offering new evidence about burial customs in one of Sout" source context "Massive jar in Laos contained remains of 37 people, revealing ..." Reference image 2: visual subject "Cover of May-June 2
दक्षिण‑पूर्व एशिया के देश लाओस में स्थित Plain of Jars दशकों से पुरातत्वविदों के लिए एक रहस्य रहा है। इस इलाके में हजारों विशाल पत्थर के जार फैले हुए हैं, लेकिन लंबे समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि इनका असली उपयोग क्या था। अब एक नई खुदाई ने इस पहेली का अहम हिस्सा उजागर कर दिया है।
उत्तरी लाओस के Site 75 पर एक बड़े पत्थर के जार की खुदाई में शोधकर्ताओं को मानव हड्डियों और दाँतों का घना संग्रह मिला। विश्लेषण से पता चला कि ये अवशेष कम से कम 37 अलग‑अलग व्यक्तियों के हैं, जिनमें बच्चे और वयस्क दोनों शामिल थे।
यह खोज इस बात के मजबूत संकेत देती है कि यह जार सदियों तक इस्तेमाल होने वाला सामूहिक दफन पात्र था।
जिस जार की खुदाई की गई, वह लगभग दो मीटर से अधिक चौड़ा था और उसके अंदर टूटे‑फूटे कंकालों का बड़ा ढेर मिला।
हड्डियों और दाँतों के अध्ययन से पता चला कि ये अवशेष कम से कम 37 लोगों के थे।
इसके साथ‑साथ पुरातत्वविदों को काँच की मनके (glass beads) और अन्य सांस्कृतिक वस्तुएँ भी मिलीं, जो यह संकेत देती हैं कि यह स्थान किसी धार्मिक या अनुष्ठानिक गतिविधि से जुड़ा हुआ था।
दिलचस्प बात यह है कि पहले बहुत कम मामलों में पत्थर के जारों के अंदर सीधे मानव अवशेष मिले थे, इसलिए यह खोज असाधारण मानी जा रही है।
हड्डियों और दाँतों की रेडियोकार्बन डेटिंग से पता चला कि ये अवशेष लगभग 9वीं से 12वीं सदी CE के बीच के हैं। कुछ नमूनों की तारीख लगभग 890 से 1160 ईस्वी के बीच आती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस जार का इस्तेमाल एक ही बार में नहीं हुआ था। बल्कि यह करीब 270 साल तक कई बार दफन के लिए इस्तेमाल किया गया।
इससे पता चलता है कि अलग‑अलग पीढ़ियाँ समय‑समय पर यहाँ वापस आती थीं।
हड्डियों की स्थिति ने एक महत्वपूर्ण सुराग दिया। अंदर पूरी कंकाल संरचना नहीं मिली, बल्कि अलग‑अलग और बिखरी हुई हड्डियाँ मिलीं।
यह पैटर्न आम तौर पर secondary burial नामक प्रथा की ओर इशारा करता है, जिसमें:
खुदाई के दौरान शोधकर्ताओं ने देखा कि खोपड़ियाँ जार के किनारों पर रखी थीं, जबकि हाथ‑पैर की हड्डियाँ अलग समूहों में रखी गई थीं।
इससे संकेत मिलता है कि यह कोई साधारण ढेर नहीं था, बल्कि एक संगठित अंतिम संस्कार स्थल था।
क्योंकि जार में अलग‑अलग उम्र के लोगों के अवशेष मिले और वे सदियों में जमा हुए, शोधकर्ताओं का मानना है कि यह किसी समुदाय या विस्तारित परिवार का सामूहिक दफन स्थल रहा होगा।
संभव है कि यहाँ लोग अपने पूर्वजों की स्मृति में अनुष्ठान करते रहे हों और पीढ़ी दर पीढ़ी उसी जार में अवशेष रखते रहे हों।
Plain of Jars क्षेत्र में 2,000 से अधिक विशाल पत्थर के जार 100 से ज्यादा स्थलों पर फैले हुए हैं। लंबे समय तक इनके उद्देश्य को लेकर बहस चलती रही—कुछ लोगों ने इन्हें भोजन या पानी के भंडारण के लिए बनाया गया माना, जबकि अन्य ने इन्हें दफन से जोड़ा।
अब एक ही जार के भीतर दर्जनों मानव अवशेष मिलने से यह मजबूत प्रमाण मिलता है कि कम से कम कुछ जार मृतकों के लिए बनाए गए अनुष्ठानिक पात्र थे।
शोध से यह भी संकेत मिलता है कि पत्थर के ये जार संभवतः उनमें रखे गए मध्यकालीन दफन से भी अधिक पुराने हो सकते हैं।
इसका मतलब है कि बाद की पीढ़ियों ने एक पहले से मौजूद प्राचीन मेगालिथिक स्थल को सदियों बाद फिर से दफन अनुष्ठानों के लिए अपनाया।
कुछ प्रमाण बताते हैं कि इन स्थलों पर गतिविधियाँ 13वीं सदी तक जारी रहीं—उसी समय जब इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म का प्रसार हो रहा था। हालांकि जारों के उपयोग और बौद्ध परंपराओं के बीच सीधा संबंध अभी तक साबित नहीं हुआ है।
Site 75 की खुदाई Plain of Jars को समझने की दिशा में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक है। इससे पता चलता है कि:
इन निष्कर्षों से दक्षिण‑पूर्व एशिया के सबसे रहस्यमय पुरातात्विक स्थलों में से एक की कहानी धीरे‑धीरे स्पष्ट होती जा रही है—और यह भी कि वहाँ रहने वाले लोग अपने पूर्वजों को किस तरह याद करते थे।
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लाओस के Plain of Jars में साइट 75 पर एक विशाल पत्थर के जार के अंदर कम से कम 37 लोगों की हड्डियाँ और दाँत मिले, जो लगभग 9वीं–12वीं सदी CE के बीच के हैं।[4][10]
लाओस के Plain of Jars में साइट 75 पर एक विशाल पत्थर के जार के अंदर कम से कम 37 लोगों की हड्डियाँ और दाँत मिले, जो लगभग 9वीं–12वीं सदी CE के बीच के हैं।[4][10] अलग‑अलग हड्डियों का मिलना बताता है कि शव पहले कहीं और सड़ने दिए जाते थे और बाद में चुनिंदा हड्डियाँ जार में रखी जाती थीं—इसे सेकेंडरी बरीअल परंपरा माना जाता है।[5][10][11]
यह खोज इस रहस्य को सुलझाने की दिशा में बड़ी कड़ी है कि Plain of Jars के विशाल पत्थर के बर्तन वास्तव में अंतिम संस्कार या स्मृति‑स्थल के रूप में इस्तेमाल होते थे।[1][5]