अगली कोशिश में Starship ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। पूरा सिस्टम दो हिस्सों से बना था:
लॉन्च के दौरान Starship के छह Raptor इंजनों में से एक इंजन बंद हो गया, लेकिन रॉकेट ने अपनी तय उड़ान पथ को बनाए रखा और मिशन जारी रहा।
रॉकेट ने नियर‑ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी हासिल की और पूरे मिशन के दौरान लाइव वीडियो भी भेजा—जो V3 डिजाइन की नई क्षमताओं का संकेत था।
स्टेज सेपरेशन के बाद Super Heavy बूस्टर को कई इंजन बर्न करके मैक्सिको की खाड़ी में एक नियंत्रित स्प्लैशडाउन करना था।
लेकिन वापसी के दौरान उसके इंजन सही तरीके से दोबारा चालू नहीं हो पाए, जो लैंडिंग अनुक्रम के लिए जरूरी था। इसके कारण बूस्टर नियंत्रण खो बैठा और पानी में गिर गया।
हालांकि इस मिशन में बूस्टर को वापस लाने की योजना नहीं थी, इसलिए इस विफलता ने बाकी उड़ान को प्रभावित नहीं किया।
ऊपरी चरण Ship 39 ने परीक्षण के अधिकांश प्रमुख लक्ष्य पूरे कर लिए।
नियर‑ऑर्बिटल उड़ान के दौरान इसने सफलतापूर्वक 22 डमी Starlink सैटेलाइट तैनात किए। इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर उपग्रह लॉन्च करने की क्षमता का परीक्षण हुआ।
लॉन्च के लगभग एक घंटे बाद Starship पृथ्वी के वायुमंडल में वापस प्रवेश कर गया। हीट शील्ड ने अच्छा प्रदर्शन किया और यान ने दो इंजनों का उपयोग करते हुए लैंडिंग बर्न किया।
इसके बाद यह हिंद महासागर में निर्धारित स्थान पर स्प्लैशडाउन हुआ। पानी में गिरने के बाद यान पलट गया और टूट गया—जो इस परीक्षण में अपेक्षित परिणाम था क्योंकि SpaceX इसे पुनः प्राप्त करने की योजना नहीं बना रहा था।
बूस्टर की असफलता के बावजूद इस उड़ान ने SpaceX के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य साबित किए।
इस परीक्षण ने दिखाया कि नया Starship:
ये सभी क्षमताएँ SpaceX के Starlink इंटरनेट सैटेलाइट नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
यह उड़ान ऐसे समय पर हुई जब कंपनी Nasdaq पर संभावित IPO की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार SpaceX अपने शेयर “SPCX” टिकर के साथ 2026 के मध्य में सूचीबद्ध कर सकती है। तकनीकी प्रगति निवेशकों के भरोसे के लिए अहम मानी जा रही है।
इसके अलावा Starship का विकास NASA के Artemis कार्यक्रम से भी जुड़ा है। NASA और SpaceX मिलकर Starship का एक विशेष संस्करण—Starship Human Landing System (HLS)—बना रहे हैं, जो अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा से सतह तक ले जाएगा।
NASA फिलहाल Artemis IV मिशन को 2028 की शुरुआत में लॉन्च करने का लक्ष्य रख रहा है, जिसमें मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग शामिल हो सकती है।
SpaceX का पहला Starship V3 परीक्षण यह दिखाता है कि कार्यक्रम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है—लेकिन अभी भी तकनीकी चुनौतियाँ बाकी हैं। Ship 39 ने अपने अधिकांश लक्ष्य पूरे किए, जबकि Super Heavy बूस्टर की असफल वापसी ने पुन: उपयोग (reusability) की दिशा में काम बाकी होने का संकेत दिया।
फिर भी यह उड़ान Starship कार्यक्रम को आगे बढ़ाने वाला बड़ा कदम मानी जा रही है—जो भविष्य में बड़े पैमाने पर सैटेलाइट लॉन्च, चंद्र मिशन और अंततः मंगल ग्रह की यात्राओं के लिए आधार तैयार कर रही है।
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