ICE अपने Brent और WTI क्रूड फ्यूचर्स के बेंचमार्क प्राइस डेटा को लाइसेंस करेगा, जबकि OKX उसी के आधार पर क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म पर ऑयल‑लिंक्ड पर्पेचुअल फ्यूचर्स लिस्ट करेगा।[2][6] पर्पेचुअल फ्यूचर्स ऐसे डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट होते हैं जिनकी कोई समाप्ति तिथि नहीं होती और जिनकी कीमत को बाज़ार के करीब रखने के लिए ट्रेडरों...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How will the partnership between Intercontinental Exchange (ICE), the parent company of the New York Stock Exchange, and crypto exchange OKX. Article summary: The partnership appears to work like this: ICE will license pricing from its Brent and WTI futures benchmarks, and OKX will use that data to list oil-linked perpetual futures on its derivatives platform for customers in . Topic tags: general, general web, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Intercontinental Exchange, the company that owns the New York Stock Exchange, announced on Wednesday that it has made a strategic investment in OKX, a crypto exchange serving 120 m" source context "Why The NYSE's Parent Company Keeps Buying Into Crypto - Forbes" Reference image 2: visual subject "Intercontinental Exc
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE)—जो न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की मूल कंपनी है—और क्रिप्टो एक्सचेंज OKX मिलकर तेल से जुड़े एक नए प्रकार के डेरिवेटिव लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं: Brent और West Texas Intermediate (WTI) बेंचमार्क से जुड़े पर्पेचुअल फ्यूचर्स।
इस मॉडल में पारंपरिक ऊर्जा बाज़ार के प्रमुख मूल्य संकेतकों को क्रिप्टो‑स्टाइल ट्रेडिंग ढांचे में लाया जाएगा, जहाँ ट्रेडिंग लगभग लगातार चलती है। इसका मतलब है कि डिजिटल‑एसेट ट्रेडर भी वैश्विक तेल कीमतों पर आसानी से दांव लगा सकेंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था में दोनों कंपनियों की भूमिकाएँ अलग‑अलग लेकिन पूरक होंगी:
ये उत्पाद केवल उन क्षेत्रों में उपलब्ध होंगे जहाँ OKX को पर्पेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग की अनुमति है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ICE के मौजूदा विनियमित फ्यूचर्स मार्केट को ब्लॉकचेन पर नहीं ले जाया जा रहा। इसके बजाय, ICE के बेंचमार्क मूल्य को एक क्रिप्टो एक्सचेंज के डेरिवेटिव उत्पाद के आधार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे OKX पर ट्रेड करने वाले निवेशक तेल की कीमतों में उतार‑चढ़ाव पर सट्टा लगा सकेंगे।
पर्पेचुअल फ्यूचर्स ऐसे डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट हैं जिनकी कोई निश्चित समाप्ति तिथि नहीं होती। इसका मतलब है कि ट्रेडर अपनी पोज़िशन तब तक खुली रख सकते हैं जब तक वे आवश्यक मार्जिन बनाए रखते हैं।
इन कॉन्ट्रैक्ट्स की कीमत को वास्तविक बाज़ार के करीब रखने के लिए एक्सचेंज आम तौर पर फंडिंग रेट नाम की प्रणाली का उपयोग करते हैं। इसमें:
क्रिप्टो डेरिवेटिव बाज़ार में यह मॉडल बेहद लोकप्रिय है क्योंकि इससे ट्रेडिंग लगातार जारी रह सकती है और हर कुछ महीनों में कॉन्ट्रैक्ट रोलओवर की जरूरत नहीं पड़ती।
हालाँकि दोनों ही प्रकार के फ्यूचर्स का उपयोग कीमतों पर सट्टा लगाने या जोखिम से बचाव (hedging) के लिए किया जाता है, लेकिन उनकी संरचना अलग होती है।
पारंपरिक फ्यूचर्स
उदाहरण के लिए, ICE का Brent क्रूड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट डिलीवेरेबल है और कुछ स्थितियों में नकद सेटलमेंट का विकल्प भी देता है।
पर्पेचुअल फ्यूचर्स
यही वजह है कि यह मॉडल क्रिप्टो ट्रेडरों के लिए ज्यादा परिचित और लचीला माना जाता है।
यह सहयोग अचानक नहीं आया। मार्च 2026 में ICE ने OKX में एक रणनीतिक निवेश की घोषणा की थी, जिसने क्रिप्टो एक्सचेंज का मूल्यांकन लगभग 25 अरब डॉलर पर किया। इस समझौते के तहत ICE को OKX के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एक सीट भी मिली।
इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों कंपनियों की ताकतों को जोड़ना था:
तेल से जुड़े पर्पेचुअल फ्यूचर्स उसी व्यापक सहयोग का शुरुआती व्यावहारिक उत्पाद माने जा रहे हैं।
Brent और WTI दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मूल्य बेंचमार्क हैं। अनुमान है कि वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले लगभग तीन‑चौथाई कच्चे तेल की कीमत Brent से जुड़ी होती है।
दूसरी ओर, हाल के समय में तेल बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार 2026 की शुरुआत में भू‑राजनीतिक घटनाओं और आपूर्ति बाधाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया।
ऐसे माहौल में, तेल‑आधारित पर्पेचुअल फ्यूचर्स कई तरह के ट्रेडरों को आकर्षित कर सकते हैं:
ICE और OKX की यह पहल दिखाती है कि पारंपरिक कमोडिटी बाज़ार और क्रिप्टो ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर धीरे‑धीरे एक‑दूसरे के करीब आ रहे हैं।
यह पारंपरिक एक्सचेंजों की जगह लेने का प्रयास नहीं है। बल्कि इसका उद्देश्य उनके स्थापित बेंचमार्क—जैसे Brent और WTI—को नए डिजिटल वितरण चैनलों तक पहुँचाना है।
अगर इस तरह के उत्पाद लोकप्रिय होते हैं, तो भविष्य में निवेशक बड़े कमोडिटी बेंचमार्क के साथ उसी तरह इंटरैक्ट कर सकते हैं जैसे आज वे क्रिप्टो डेरिवेटिव्स के साथ करते हैं—यानी हमेशा खुले, वैश्विक और तेज़ गति वाले बाज़ार में।
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ICE अपने Brent और WTI क्रूड फ्यूचर्स के बेंचमार्क प्राइस डेटा को लाइसेंस करेगा, जबकि OKX उसी के आधार पर क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म पर ऑयल‑लिंक्ड पर्पेचुअल फ्यूचर्स लिस्ट करेगा।[2][6]
ICE अपने Brent और WTI क्रूड फ्यूचर्स के बेंचमार्क प्राइस डेटा को लाइसेंस करेगा, जबकि OKX उसी के आधार पर क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म पर ऑयल‑लिंक्ड पर्पेचुअल फ्यूचर्स लिस्ट करेगा।[2][6] पर्पेचुअल फ्यूचर्स ऐसे डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट होते हैं जिनकी कोई समाप्ति तिथि नहीं होती और जिनकी कीमत को बाज़ार के करीब रखने के लिए ट्रेडरों के बीच फंडिंग पेमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है।[1]
यह पहल ICE के 2026 के OKX में रणनीतिक निवेश के बाद सामने आई है और पारंपरिक वित्तीय बाज़ारों को क्रिप्टो ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।[18][6]