Anthropic का Claude Mythos Preview AI मॉडल सॉफ्टवेयर में बड़े पैमाने पर कमजोरियां खोज सकता है, लेकिन इसकी पहुंच Project Glasswing के तहत कुछ चुनिंदा संगठनों तक सीमित है।[2][5] EU का कहना है कि यदि यूरोपीय बैंक और कंपनियां इस तरह के टूल का उपयोग नहीं कर पाएंगी, तो वे संभावित साइबर खतरों के लिए तैयार नहीं रह पाएंगी।[1...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is the dispute between the European Union and Anthropic over access to the Mythos AI cybersecurity model, why are EU finance ministers. Article summary: The dispute is that Anthropic’s highly cyber-capable Mythos model appears to be unavailable to broad European users even as EU institutions are openly worrying about the security implications of such systems, while a con. Topic tags: general, government, education, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "European Union officials met with Anthropic Wednesday (April 15) to discuss concerns about the company’s Mythos artificial intelligence (AI) model, and more such meetings are plann" source context "PYMNTS | Anthropic Briefs EU Regulators on Mythos Cybersecurity Conce…" Reference image 2: visual subject "# E
साइबरसिक्योरिटी के लिए बनाए जा रहे उन्नत AI सिस्टम अब केवल तकनीकी विषय नहीं रहे—वे नीति और भू‑राजनीति का मुद्दा भी बनते जा रहे हैं। इसी संदर्भ में यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिकी AI कंपनी Anthropic के बीच तनाव बढ़ रहा है। कारण है कंपनी का शक्तिशाली साइबरसिक्योरिटी मॉडल Claude Mythos Preview, जिसकी पहुंच फिलहाल बहुत सीमित है।
यह मॉडल सॉफ्टवेयर में छिपी कमजोरियों को खोजने और सिद्धांत रूप में उनका फायदा उठाने की क्षमता रखता है—वह भी इतनी तेजी से कि कई विशेषज्ञों के अनुसार यह काम मानव सुरक्षा शोधकर्ताओं से भी आगे निकल सकता है।
Anthropic ने अप्रैल 2026 में इसे पेश किया, लेकिन इसे सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया। कंपनी के अनुसार, परीक्षण के दौरान इस मॉडल ने पहले से ही व्यापक रूप से जांचे गए सॉफ्टवेयर में सैकड़ों गंभीर खामियां ढूंढ ली थीं।
यूरोपीय सांसदों और नीति‑निर्माताओं का मानना है कि इस तरह के AI मॉडल साइबर सुरक्षा के पूरे परिदृश्य को बदल सकते हैं। ये टूल बहुत तेजी से कमजोरियां खोज सकते हैं—जिससे सुरक्षा मजबूत भी हो सकती है, लेकिन गलत हाथों में जाने पर बड़े पैमाने पर हमले भी संभव हो सकते हैं।
EU की मुख्य चिंताएं दो स्तरों पर हैं:
Anthropic ने Mythos को सीधे जारी करने के बजाय इसे Project Glasswing नामक एक नियंत्रित शोध कार्यक्रम में रखा है। इस पहल के तहत केवल कुछ चुने हुए साझेदारों को मॉडल तक पहुंच मिलती है।
इन संगठनों का काम है कि वे इस AI का उपयोग रक्षात्मक सुरक्षा कार्यों के लिए करें—जैसे सॉफ्टवेयर में कमजोरियां ढूंढना और उन्हें सार्वजनिक होने से पहले ठीक करना।
कार्यक्रम में शामिल कुछ प्रमुख साझेदार हैं:
इनमें से अधिकांश कंपनियां अमेरिका‑आधारित तकनीकी या वित्तीय संस्थान हैं।
यहीं से EU की शिकायत शुरू होती है। यूरोपीय नियामकों का कहना है कि यूरोपीय सरकारों और संस्थानों को अभी तक सीधे तौर पर इस मॉडल तक पहुंच नहीं दी गई है, जिससे वे अपने सिस्टम का परीक्षण स्वतंत्र रूप से नहीं कर पा रहे।
यह मुद्दा केवल टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रहा। अब यूरोप के वित्त मंत्री और बैंकिंग नियामक भी इसमें शामिल हो चुके हैं, क्योंकि वित्तीय सिस्टम साइबर हमलों के लिए बेहद संवेदनशील होता है।
EU के आर्थिक आयुक्त Valdis Dombrovskis ने पुष्टि की कि यूरोपीय आयोग Anthropic से बातचीत कर रहा है ताकि यूरोपीय कंपनियां और बैंक इस तकनीक का उपयोग कर अपने सिस्टम की सुरक्षा जांच कर सकें।
नियामकों का तर्क है कि यदि AI‑आधारित टूल कमजोरियां तेजी से खोज सकते हैं, तो बैंकिंग ढांचे के लिए जोखिम भी उतनी ही तेजी से बढ़ सकते हैं—खासकर तब जब रक्षात्मक टीमों के पास समान तकनीक न हो।
इसके अलावा, Anthropic वैश्विक वित्तीय नियामक संस्था Financial Stability Board को भी यह बताने की तैयारी कर रहा है कि Mythos ने वित्तीय प्रणालियों में कौन‑कौन सी कमजोरियां खोजी हैं।
इस विवाद को और तीखा बनाने वाली बात यह है कि एक दूसरी AI कंपनी ने अलग रास्ता चुना है।
मई 2026 में OpenAI ने घोषणा की कि वह यूरोपीय संघ को अपने साइबरसिक्योरिटी मॉडल GPT‑5.5‑Cyber का प्रीव्यू एक्सेस देगा। यह पहुंच यूरोपीय सरकारों, कंपनियों और EU AI Office जैसे नियामकों को भी दी जाएगी।
इससे स्पष्ट अंतर सामने आया:
यूरोपीय नीति‑निर्माताओं के लिए यह मामला अब तकनीकी समानता और भरोसे का भी सवाल बन गया है।
Mythos विवाद एक बड़े मुद्दे को उजागर करता है—ऐसे AI सिस्टम जिनसे सॉफ्टवेयर कमजोरियां स्वतः खोजी जा सकती हैं, उनका नियंत्रण किसके हाथ में होना चाहिए।
एक तरफ कंपनियां मानती हैं कि इस तरह के शक्तिशाली मॉडल को खुला छोड़ना जोखिम भरा है, इसलिए कड़ी पहुंच‑नियंत्रण नीति जरूरी है।
दूसरी तरफ सरकारें कहती हैं कि यदि सहयोगी देशों और नियामकों को शुरुआती पहुंच नहीं दी जाती, तो वे:
इसी वजह से Mythos को लेकर चर्चा अब सिर्फ साइबरसिक्योरिटी का तकनीकी विषय नहीं रही, बल्कि AI शासन, वैश्विक तकनीकी भरोसे और भू‑राजनीति से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुकी है।
EU और Anthropic के बीच बातचीत जारी है। यूरोपीय अधिकारी चाहते हैं कि किसी नियंत्रित व्यवस्था के तहत यूरोपीय कंपनियों और बैंकों को भी इस मॉडल का उपयोग करने का मौका मिले।
फिलहाल सबसे बड़ा अनसुलझा सवाल यही है: ऐसे AI सिस्टम, जो महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कमजोरियां खोज सकते हैं—उनकी पहुंच और नियंत्रण किसके पास होना चाहिए।
इसका जवाब आने वाले वर्षों में वैश्विक साइबरसिक्योरिटी और AI नीति दोनों को आकार दे सकता है.
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
Anthropic का Claude Mythos Preview AI मॉडल सॉफ्टवेयर में बड़े पैमाने पर कमजोरियां खोज सकता है, लेकिन इसकी पहुंच Project Glasswing के तहत कुछ चुनिंदा संगठनों तक सीमित है।[2][5]
Anthropic का Claude Mythos Preview AI मॉडल सॉफ्टवेयर में बड़े पैमाने पर कमजोरियां खोज सकता है, लेकिन इसकी पहुंच Project Glasswing के तहत कुछ चुनिंदा संगठनों तक सीमित है।[2][5] EU का कहना है कि यदि यूरोपीय बैंक और कंपनियां इस तरह के टूल का उपयोग नहीं कर पाएंगी, तो वे संभावित साइबर खतरों के लिए तैयार नहीं रह पाएंगी।[19][20]
इस विवाद को AI शासन, साइबर सुरक्षा और अमेरिका‑यूरोप तकनीकी भरोसे के व्यापक भू‑राजनीतिक मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है।