अमेरिकी ट्रेजरी के Operation Economic Fury के तहत ईरान से जुड़े लगभग $500 मिलियन के क्रिप्टो एसेट्स जब्त या फ्रीज़ किए गए। सबसे बड़ी कार्रवाई में Tron ब्लॉकचेन के दो वॉलेट्स में मौजूद लगभग $344 मिलियन USDT को Tether ने फ्रीज़ कर दिया। OFAC ने ईरान के केंद्रीय बैंक से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट्स को SDN प्रतिबंध सूची में ज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did the U.S. Treasury’s Operation Economic Fury lead to the seizure of nearly $500 million in cryptocurrency linked to Iran, what role d. Article summary: Operation Economic Fury appears to have combined sanctions designations, wallet attribution, and issuer level freezing to lock up Iran linked crypto rather than “hack” or directly confiscate it on chain.. Topic tags: general web, regulation, marketing, finance, crypto. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "US government intensifies crackdown on Iran’s cryptocurrency use with $500M asset freeze. Operation Economic Fury seizes nearly half a billion dollars in Iranian-linked digital ass" source context "US government intensifies crackdown on Iran's cryptocurrency use ..." Reference image 2: visual subject "# US seized $
अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा चलाया गया Operation Economic Fury मुख्य रूप से ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बनाने के लिए बनाया गया अभियान है। इसके तहत पारंपरिक बैंक खातों के साथ‑साथ क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, इस अभियान में ईरान से जुड़े लगभग $500 मिलियन के क्रिप्टो एसेट्स जब्त या फ्रीज़ किए गए। इनमें सबसे बड़ा कदम Tron नेटवर्क पर मौजूद लगभग $344 मिलियन USDT को फ्रीज़ करना था।
क्रिप्टो नेटवर्क को “हैक” करके पैसा निकालने के बजाय अधिकारियों ने तीन स्तरों पर कार्रवाई की:
इस संयुक्त प्रक्रिया ने फंड्स को चलने‑फिरने से रोक दिया।
अमेरिकी ट्रेजरी का Office of Foreign Assets Control (OFAC) प्रतिबंध लागू करने वाली एजेंसी है। अप्रैल 2026 में OFAC ने ईरान के केंद्रीय बैंक (Central Bank of Iran) से जुड़े कई क्रिप्टो वॉलेट्स को अपनी SDN (Specially Designated Nationals) सूची में जोड़ दिया।
OFAC के नियमों के अनुसार:
एक बार वॉलेट प्रतिबंध सूची में आ जाने के बाद, अमेरिकी कंपनियों और उनसे जुड़े वित्तीय मध्यस्थों के लिए उन फंड्स के साथ लेनदेन करना अवैध हो जाता है।
क्रिप्टो दुनिया में सभी टोकन समान नहीं होते। USDT जैसे स्टेबलकॉइन “issuer‑controlled” होते हैं, यानी उनका जारीकर्ता जरूरत पड़ने पर टोकन को ब्लैकलिस्ट या फ्रीज़ कर सकता है।
इस कार्रवाई ने इन टोकनों को नेटवर्क पर मौजूद रहते हुए भी इस्तेमाल करने या ट्रांसफर करने से रोक दिया। इसे उस समय की सबसे बड़ी स्टेबलकॉइन फ्रीज़िंग घटनाओं में से एक बताया गया।
ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन सार्वजनिक होते हैं, लेकिन वॉलेट मालिकों की पहचान अक्सर छिपी रहती है। यहीं पर ब्लॉकचेन एनालिटिक्स कंपनियां काम आती हैं।
Chainalysis और अन्य विश्लेषण प्लेटफॉर्म ने:
इन विश्लेषणों के आधार पर OFAC ने संबंधित वॉलेट्स को प्रतिबंध सूची में जोड़ा, जिसके बाद Tether ने उन्हें फ्रीज़ कर दिया।
इस पूरे मामले के दौरान दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक Binance भी जांच के दायरे में आया।
Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार:
हालांकि Binance ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि रिपोर्ट में कई तथ्यात्मक गलतियां हैं। इसलिए फिलहाल यह जांच के दायरे में आरोप हैं, न कि सिद्ध उल्लंघन।
यह घटना दिखाती है कि आधुनिक क्रिप्टो प्रवर्तन अक्सर सीधे ब्लॉकचेन से पैसे जब्त करने के बजाय वित्तीय “चोक‑पॉइंट्स” पर निर्भर करता है:
इन तीनों के संयोजन से सरकारें डिजिटल एसेट्स के प्रवाह को रोक सकती हैं — भले ही ट्रांजैक्शन सार्वजनिक और वैश्विक ब्लॉकचेन नेटवर्क पर हो रहे हों।
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अमेरिकी ट्रेजरी के Operation Economic Fury के तहत ईरान से जुड़े लगभग $500 मिलियन के क्रिप्टो एसेट्स जब्त या फ्रीज़ किए गए।
अमेरिकी ट्रेजरी के Operation Economic Fury के तहत ईरान से जुड़े लगभग $500 मिलियन के क्रिप्टो एसेट्स जब्त या फ्रीज़ किए गए। सबसे बड़ी कार्रवाई में Tron ब्लॉकचेन के दो वॉलेट्स में मौजूद लगभग $344 मिलियन USDT को Tether ने फ्रीज़ कर दिया।
OFAC ने ईरान के केंद्रीय बैंक से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट्स को SDN प्रतिबंध सूची में जोड़ा, जिससे उन्हें ‘ब्लॉक्ड प्रॉपर्टी’ माना गया।