इसका मतलब यह है कि कंपनियां एल्गोरिद्म की वजह से नहीं अटक रही हैं, बल्कि डेटा की संरचना और विश्वसनीयता की वजह से।
जब डेटा भरोसेमंद नहीं होता, तो सबसे उन्नत AI मॉडल भी ऐसे परिणाम देते हैं जिन्हें इंसानों को दोबारा जांचना पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार डेटा एनालिस्ट हर हफ्ते कई घंटे AI‑जनित परिणामों को सत्यापित और सुधारने में बिताते हैं ताकि वे व्यावसायिक निर्णयों के लिए भरोसेमंद बन सकें।
एंटरप्राइज़ डेटा अक्सर कई तकनीकी और संगठनात्मक समस्याओं से जूझता है:
इन परिस्थितियों में AI सिस्टम भविष्यवाणी तो कर सकते हैं, लेकिन कंपनियां उन परिणामों पर निर्भर होने से हिचकती हैं। अंततः भरोसा (trust) सबसे बड़ा निर्णायक कारक बन जाता है।
रिसर्च यह भी दिखाती है कि उच्च गुणवत्ता वाला, आसानी से उपलब्ध और अच्छी तरह शासित डेटा AI की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार है — लगभग आधे नेताओं ने इसे AI की पूर्ण क्षमता हासिल करने की सबसे बड़ी शर्त बताया।
यही वजह है कि कई कंपनियां मॉडल बनाने में आगे बढ़ जाती हैं, लेकिन उस मजबूत डेटा आधार का निर्माण नहीं करतीं जिसकी AI को वास्तव में जरूरत होती है।
रिपोर्ट का एक दिलचस्प निष्कर्ष तकनीकी नहीं बल्कि संगठनात्मक है। लगभग 65% एनालिस्ट मानते हैं कि AI तब बेहतर काम करता है जब उसकी लॉजिक बिज़नेस स्तर पर मैनेज की जाए।
इस सोच के पीछे एक नया मॉडल उभर रहा है:
बिज़नेस टीमों को अक्सर डेटा का वास्तविक संदर्भ और उपयोग समझ में आता है — जैसे ग्राहक व्यवहार, संचालन प्रक्रिया या वित्तीय निर्णय। वहीं IT टीम प्लेटफॉर्म को सुरक्षित, स्केलेबल और नियंत्रित रख सकती है।
ऐसा हाइब्रिड मॉडल IT पर निर्भरता कम करता है और AI प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से लागू करने में मदद कर सकता है, जबकि निगरानी और नियंत्रण भी बनाए रखता है।
इन निष्कर्षों से एक स्पष्ट पैटर्न सामने आता है। कई संगठन AI क्षमता को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन उनका डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर उस स्तर तक विकसित नहीं हुआ होता।
सफल एंटरप्राइज़ AI के लिए कुछ बुनियादी शर्तें जरूरी होती हैं:
इन आधारों के बिना AI के परिणामों पर भरोसा करना कठिन हो जाता है और प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाते।
इसलिए कंपनियों के लिए संदेश स्पष्ट है: सिर्फ बेहतर AI मॉडल बनाना पर्याप्त नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण काम है ऐसा डेटा वातावरण बनाना जिस पर संगठन भरोसा कर सके और जिसे विभिन्न टीमों द्वारा आसानी से समझा और उपयोग किया जा सके।
Alteryx के निष्कर्षों से यह संकेत मिलता है कि भविष्य में सफल AI पहलें तीन तत्वों के संयोजन से बनेंगी:
जब ये तीनों तत्व एक साथ आते हैं, तब AI केवल प्रयोगशाला या पायलट तक सीमित नहीं रहता बल्कि रोज़मर्रा के व्यावसायिक संचालन का हिस्सा बन जाता है।
तब तक, कई संगठनों को एक ही सबक बार‑बार सीखना पड़ेगा: AI का सबसे कठिन हिस्सा मॉडल बनाना नहीं, बल्कि डेटा को तैयार करना है।
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