यह कदम दर्शाता है कि कुछ संस्थागत निवेशक अब सीधे क्रिप्टो कीमतों पर दांव लगाने के बजाय क्रिप्टो इकोसिस्टम की आधारभूत कंपनियों—जैसे stablecoin जारीकर्ता, पेमेंट नेटवर्क या ब्लॉकचेन सेवा प्रदाता—में निवेश बढ़ा रहे हैं। इन कंपनियों से सेक्टर की ग्रोथ का फायदा मिल सकता है, जबकि क्रिप्टो कीमतों की सीधी अस्थिरता का जोखिम अपेक्षाकृत कम रहता है।
Macquarie का यह कदम ऐसे समय में आया है जब कई बड़े संस्थागत निवेशक अपने क्रिप्टो ETF एक्सपोज़र पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
उदाहरण के तौर पर, Harvard University की एंडोमेंट मैनेज करने वाली Harvard Management Company ने Q1 2026 में और भी बड़ा कदम उठाया। उसने BlackRock के iShares Ethereum Trust ETF से पूरी तरह बाहर निकलने के साथ‑साथ Bitcoin ETF में अपनी हिस्सेदारी लगभग 43% घटा दी।
इस तरह के कदम बताते हैं कि संस्थागत निवेशक क्रिप्टो बाजार को लेकर एक ही दिशा में नहीं बढ़ रहे। कुछ निवेश बढ़ा रहे हैं, कुछ घटा रहे हैं, और कई अपने पोर्टफोलियो को नए तरीके से संतुलित कर रहे हैं।
Form 13F में केवल होल्डिंग्स का खुलासा होता है, ट्रेड के पीछे के कारण नहीं बताए जाते। इसलिए Macquarie के फैसले के पीछे का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। फिर भी बाजार विश्लेषक आम तौर पर कुछ संभावित कारणों की ओर इशारा करते हैं:
Macquarie का मामला इन कारणों का मिश्रण भी हो सकता है, क्योंकि बैंक ने ETF घटाए लेकिन साथ ही Circle में निवेश बढ़ाया।
Macquarie एक प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थान है जिसने FY2026 में लगभग A$4.847 बिलियन का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष से करीब 30% अधिक है।
ऐसे में इसकी क्रिप्टो होल्डिंग्स में बदलाव किसी संकट की प्रतिक्रिया से ज्यादा रणनीतिक पुनर्संतुलन जैसा दिखाई देता है।
संक्षेप में, Macquarie ने क्रिप्टो निवेश पूरी तरह छोड़ा नहीं है। इसके बजाय उसने Bitcoin और Ethereum ETF में थोड़ी कटौती की, जबकि USDC जारीकर्ता Circle जैसी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में निवेश बढ़ाया—जो यह संकेत देता है कि बड़े संस्थागत निवेशक अब क्रिप्टो सेक्टर को अधिक परिपक्व और विविध रणनीति के साथ देख रहे हैं।
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