संघीय अधिकारियों के अनुसार एजेंसियों का मुख्य ध्यान उन अपराधों पर होगा जो अक्सर बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के दौरान सामने आते हैं।
इनमें शामिल हैं:
अधिकारियों का कहना है कि लाखों अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के आने से ऐसे अपराधों के लिए अवसर बढ़ जाते हैं—खासकर तस्करी गिरोहों और नकली सामान के नेटवर्क के लिए ।
इन मामलों की जांच आम तौर पर ICE की जांच शाखा HSI करती है। यह इकाई मानव तस्करी, स्मगलिंग, दस्तावेज़ धोखाधड़ी और बौद्धिक संपदा उल्लंघन जैसे मामलों की जांच करती है, न कि सामान्य स्टेडियम पुलिसिंग ।
अधिकारियों ने कहा है कि वर्ल्ड कप सुरक्षा मिशन का मुख्य उद्देश्य इमिग्रेशन कार्रवाई नहीं है।
उदाहरण के लिए, ह्यूस्टन के मेजबान समिति के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि वर्ल्ड कप की सुरक्षा बैठकों में इमिग्रेशन प्रवर्तन कोई प्रमुख मुद्दा नहीं रहा और टूर्नामेंट के दौरान इसे प्राथमिकता नहीं दी जाएगी ।
फिर भी, सरकार ने इमिग्रेशन प्रवर्तन को औपचारिक रूप से निलंबित करने की घोषणा नहीं की है। इसका मतलब यह है कि यदि ICE एजेंट किसी ऐसे व्यक्ति से मिलते हैं जिसे वे देश से निष्कासन योग्य मानते हैं या जो किसी आपराधिक जांच से जुड़ा है, तो वे गिरफ्तारी कर सकते हैं।
व्यावहारिक रूप से अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य बड़े पैमाने पर इमिग्रेशन छापे मारना नहीं है, बल्कि अपराध से निपटना है—लेकिन इस बात की सार्वजनिक गारंटी भी नहीं दी गई है कि टूर्नामेंट के दौरान इमिग्रेशन गिरफ्तारी बिल्कुल नहीं होगी ।
इन एजेंसियों की संभावित मौजूदगी ने कई शहरों में बहस भी शुरू कर दी है। नागरिक अधिकार और प्रवासी अधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि इससे कुछ समुदायों में डर पैदा हो सकता है।
120 से अधिक नागरिक समाज संगठनों ने वर्ल्ड कप से पहले एक यात्रा सलाह जारी की, जिसमें कहा गया कि मेजबान शहरों में इमिग्रेशन प्रवर्तन गतिविधियों से प्रशंसकों, पत्रकारों और आगंतुकों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है ।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी टूर्नामेंट के दौरान "ICE ट्रूस" यानी इमिग्रेशन प्रवर्तन पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कई प्रवासी परिवार मैच देखने या कार्यक्रमों में काम करने से हिचक सकते हैं ।
कुछ अधिकार समूहों ने पिछले फीफा आयोजनों के दौरान हुई इमिग्रेशन गिरफ्तारी के मामलों का हवाला देते हुए भी चिंता जताई है कि इससे गैर‑नागरिक दर्शकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं ।
एक और मुद्दा यह है कि टूर्नामेंट के दौरान संघीय एजेंसियाँ वास्तव में कैसे काम करेंगी, इस बारे में सार्वजनिक जानकारी सीमित है।
ह्यूमन राइट्स वॉच और अन्य पर्यवेक्षकों का कहना है कि फीफा और कई मेजबान शहरों ने अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रशंसकों, कामगारों और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे ।
संघीय अधिकारियों के अनुसार 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान अमेरिका में ICE और Homeland Security Investigations सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे। उनका मुख्य लक्ष्य मानव तस्करी, ड्रग स्मगलिंग, नकली टिकट और नकली सामान जैसे संगठित अपराधों से निपटना बताया गया है।
लेकिन क्योंकि इमिग्रेशन प्रवर्तन को आधिकारिक रूप से रोका नहीं गया है, इसलिए यह सवाल—कि क्या टूर्नामेंट के दौरान इमिग्रेशन गिरफ्तारी हो सकती है—अभी भी बहस और निगरानी का विषय बना हुआ है।
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