क्लाउडफ्लेयर के R2, Workers और Tunnels का इस्तेमाल कर कैसे छिपाई जा रही हैं साइबर‑जासूसी गतिविधियाँ
सुरक्षा शोध में पाया गया कि मलेशिया की कई संस्थाओं को निशाना बनाने वाले साइबर‑जासूसी अभियान Cloudflare R2, Workers, Pages और Tunnels जैसी सेवाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। [17][19] हमलावर इन क्लाउड प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल फिशिंग साइट होस्ट करने, मैलवेयर डिलीवर करने और चोरी किए गए डेटा को सुरक्षित तरीके से बाहर भेजने क...
How are government-backed hackers exploiting Cloudflare’s services (such as R2 storage, Pages, Workers, and Tunnels) to conduct cyber‑espionAttackers increasingly hide phishing, malware delivery, and command‑and‑control infrastructure inside trusted cloud platforms.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are government-backed hackers exploiting Cloudflare’s services (such as R2 storage, Pages, Workers, and Tunnels) to conduct cyber‑espion. Article summary: Government-backed or government-aligned hackers are abusing Cloudflare because its services provide cheap, reputable, TLS-protected infrastructure that often looks like normal business web traffic. In the Malaysia-focuse. Topic tags: general, government, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Russian state hackers abuse Cloudflare services to spy on Ukrainian targets. A Russian state-sponsored hacker group, known as Gamaredon, has been targeting Ukrainian-speaking vic" source context "Russian state hackers abuse Cloudflare services to spy on ..." Reference image 2: visual subject "**Help
openai.com
साइबर‑जासूसी अब पहले से कहीं ज्यादा चालाक हो चुकी है। आज कई हमले ऐसे क्लाउड प्लेटफॉर्म के अंदर छिपे होते हैं जिन पर कंपनियाँ रोज़मर्रा का काम करती हैं।
हालिया सुरक्षा शोध बताता है कि हमलावर मलेशिया की कई संस्थाओं को निशाना बनाते हुए Cloudflare की सेवाओं—R2, Workers, Pages और Tunnels—का दुरुपयोग कर रहे हैं। इन सेवाओं के जरिए वे फिशिंग पेज होस्ट करते हैं, मैलवेयर स्टेज करते हैं और चोरी किया गया डेटा ऐसी इन्फ्रास्ट्रक्चर से बाहर भेजते हैं जो सामान्य वेब ट्रैफिक जैसा दिखता है।
यही वजह है कि ऐसे हमलों का पता लगाना कठिन हो जाता है—क्योंकि संगठन अक्सर Cloudflare या बड़े क्लाउड प्रदाताओं को पूरी तरह ब्लॉक नहीं कर सकते। ऐसा करने से उनकी अपनी सेवाएँ भी प्रभावित हो सकती हैं।
मलेशिया पर केंद्रित अभियान: छिपी इन्फ्रास्ट्रक्चर और कस्टम टूल
शोधकर्ताओं ने एक लक्षित घुसपैठ अभियान की पहचान की जिसमें हमलावरों ने Microsoft Azure के Malaysia West क्षेत्र में होस्ट किए गए सर्वर का इस्तेमाल किया। इस अभियान में प्रत्येक लक्ष्य के लिए खास तौर पर बनाए गए Python टूल इस्तेमाल किए गए, जो नेटवर्क की जानकारी जुटाने, डेटाबेस एक्सेस करने और डेटा बाहर भेजने में मदद करते थे।
जांच में एक मॉड्यूलर हमले की संरचना सामने आई, जिसमें शामिल थे:
नेटवर्क रिकॉनिसेंस और आंतरिक डेटा संग्रह के लिए कस्टम स्क्रिप्ट
लंबे समय तक निगरानी बनाए रखने के लिए समर्पित इन्फ्रास्ट्रक्चर
समझौता किए गए सिस्टम से फाइलें बाहर निकालने के तरीके
सुरक्षा विश्लेषण से संकेत मिलता है कि Cloudflare जैसे क्लाउड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हमले की श्रृंखला के कुछ हिस्सों को छिपाने के लिए किया गया, जिससे दुर्भावनापूर्ण ट्रैफिक सामान्य क्लाउड कम्युनिकेशन में मिल जाता है।
Studio Global AI
Search, cite, and publish your own answer
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
"क्लाउडफ्लेयर के R2, Workers और Tunnels का इस्तेमाल कर कैसे छिपाई जा रही हैं साइबर‑जासूसी गतिविधियाँ" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
सुरक्षा शोध में पाया गया कि मलेशिया की कई संस्थाओं को निशाना बनाने वाले साइबर‑जासूसी अभियान Cloudflare R2, Workers, Pages और Tunnels जैसी सेवाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। [17][19]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
सुरक्षा शोध में पाया गया कि मलेशिया की कई संस्थाओं को निशाना बनाने वाले साइबर‑जासूसी अभियान Cloudflare R2, Workers, Pages और Tunnels जैसी सेवाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। [17][19] हमलावर इन क्लाउड प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल फिशिंग साइट होस्ट करने, मैलवेयर डिलीवर करने और चोरी किए गए डेटा को सुरक्षित तरीके से बाहर भेजने के लिए करते हैं। [19][21]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
यह ट्रेंड दिखाता है कि आधुनिक साइबर‑जासूसी में हमलावर भरोसेमंद क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर के भीतर अपनी गतिविधियाँ छिपाकर पहचान से बचने की कोशिश कर रहे हैं। [19]
Cloudflare का डेवलपर प्लेटफॉर्म असल में वैध वेब एप्लिकेशन बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। लेकिन वही क्षमताएँ हमलावरों के लिए छिपी हुई हमले की संरचना बनाने का साधन बन सकती हैं।
R2 स्टोरेज: फिशिंग और मैलवेयर होस्टिंग
Cloudflare R2 एक ऑब्जेक्ट स्टोरेज सेवा है जहाँ फाइलें या स्थिर वेबसाइटें होस्ट की जा सकती हैं। हमलावर इसका उपयोग फिशिंग पेज और मैलवेयर फ़ाइलें स्टोर करने के लिए करते हैं क्योंकि डाउनलोड एक विश्वसनीय क्लाउड डोमेन से आते दिखाई देते हैं।
सुरक्षा शोध में छह महीनों के दौरान Cloudflare R2 पर होस्ट किए गए फिशिंग पेजों के ट्रैफिक में 61 गुना वृद्धि दर्ज की गई।
हमलावर आम तौर पर इसका उपयोग करते हैं:
Microsoft या अन्य क्लाउड लॉगिन की नकली साइटें बनाने के लिए
मैलिशियस आर्काइव या लोडर स्टोर करने के लिए
सेकेंड‑स्टेज मैलवेयर डाउनलोड कराने के लिए
Cloudflare Pages: असली जैसी दिखने वाली फिशिंग वेबसाइटें
Cloudflare Pages स्थिर वेबसाइट होस्ट करने की सुविधा देता है। हमलावर इसी प्लेटफॉर्म पर नकली लॉगिन पोर्टल बनाते हैं ताकि पीड़ितों को वेबसाइट किसी संदिग्ध डोमेन के बजाय Cloudflare नेटवर्क से लोड होती दिखे।
कई संगठनों के लिए Cloudflare डोमेन ब्लॉक करना आसान नहीं होता, इसलिए ये फिशिंग साइटें ज्यादा समय तक सक्रिय रह सकती हैं।
Cloudflare Workers: सर्वरलेस कमांड‑एंड‑कंट्रोल
Workers डेवलपर्स को Cloudflare के एज नेटवर्क पर JavaScript कोड चलाने की सुविधा देते हैं। हमलावर इसका इस्तेमाल लचीली हमलावर संरचना बनाने के लिए करते हैं, जैसे:
फिशिंग साइटों तक ट्रैफिक रीडायरेक्ट करने वाले रीडायरेक्टर
रिवर्स प्रॉक्सी जो लॉगिन क्रेडेंशियल कैप्चर करते हैं
हल्के कमांड‑एंड‑कंट्रोल (C2) सर्वर
कुछ अभियानों में Workers का उपयोग transparent phishing के लिए भी किया गया है—जहाँ उपयोगकर्ता असली लॉगिन पेज देखते हैं लेकिन उनके दर्ज किए गए क्रेडेंशियल चुपचाप हमलावरों तक पहुँच जाते हैं।
Cloudflare Tunnels: छिपा हुआ एक्सेस
Cloudflare Tunnel फायरवॉल के पीछे चल रही सेवाओं को Cloudflare नेटवर्क के जरिए इंटरनेट पर उपलब्ध कराता है, बिना असली सर्वर का पता बताए।
हमलावर इस फीचर का उपयोग करते हैं:
फिशिंग ईमेल में लिंक देकर मैलवेयर डिलीवर करने के लिए
Cloudflare सबडोमेन के पीछे पेलोड होस्ट करने के लिए
C2 सर्वरों को सीधे स्कैनिंग से छिपाने के लिए
कुछ अभियानों में Cloudflare Tunnel का इस्तेमाल Remote Access Trojans (RATs) फैलाने के लिए भी किया गया है ताकि मैलिशियस ट्रैफिक सामान्य HTTPS ट्रैफिक जैसा दिखे।
इन हमलों का पता लगाना मुश्किल क्यों है
क्लाउड आधारित हमलावर संरचना कई फायदे देती है:
पहला, Cloudflare या Azure जैसे प्लेटफॉर्म से आने वाला ट्रैफिक सामान्य SaaS या CDN ट्रैफिक जैसा दिखता है, इसलिए सुरक्षा सिस्टम के लिए इसे संदिग्ध मानना मुश्किल होता है।
दूसरा, सर्वरलेस सेवाएँ हमलावरों को बिना सर्वर प्रबंधित किए अपने व्यवहार को तेजी से बदलने देती हैं। Workers में चलने वाला कोड तुरंत रीडायरेक्शन लॉजिक या पेलोड लोकेशन बदल सकता है।
तीसरा, कई क्लाउड प्रदाताओं का एक साथ उपयोग हमले की पहचान और जांच को और जटिल बना देता है।
संभावित हमलावर समूह और एट्रिब्यूशन की चुनौती
मलेशिया पर केंद्रित इस अभियान के बारे में सार्वजनिक रिपोर्टिंग बताती है कि इसकी तकनीकें राज्य‑समर्थित साइबर‑जासूसी से मिलती‑जुलती हैं, लेकिन सटीक एट्रिब्यूशन अभी स्पष्ट नहीं है।
कुछ विश्लेषक समानताओं के आधार पर APT41 जैसे समूहों का उल्लेख करते हैं। यह चीन से जुड़ा माना जाने वाला एक साइबर‑जासूसी समूह है जिसने स्वास्थ्य, दूरसंचार और तकनीक जैसे क्षेत्रों को कई देशों में निशाना बनाया है।
हालाँकि अभी तक ऐसा कोई निर्णायक सबूत नहीं है जो इस मलेशियाई अभियान को सीधे APT41, Mustang Panda या Amaranth‑Dragon से जोड़ता हो। इसलिए इसे फिलहाल संदिग्ध राज्य‑समर्थित जासूसी गतिविधि के रूप में ही वर्गीकृत किया गया है।
मलेशिया क्यों बन रहा है लक्ष्य
मलेशिया की तेज़ी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था भी इसे साइबर‑जासूसी के लिए आकर्षक लक्ष्य बना रही है।
सरकारी और निजी पहलों के कारण देश में AI, बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा‑सेंटर जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश हो रहे हैं। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार:
2024 में डिजिटल निवेश RM163.6 अरब तक पहुँचा।
2025 में RM87.4 अरब के नए डिजिटल निवेश स्वीकृत हुए।
इस तरह के निवेश कई मूल्यवान लक्ष्य पैदा करते हैं, जैसे:
क्लाउड क्रेडेंशियल और एंटरप्राइज़ पहचान
सॉफ्टवेयर कोड और बौद्धिक संपदा
डेटा‑सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर
सरकारी या सरकारी‑संबद्ध डिजिटल सिस्टम
जासूसी समूहों के लिए इन क्षेत्रों में घुसपैठ आर्थिक और रणनीतिक दोनों प्रकार की जानकारी प्रदान कर सकती है।
क्लाउड‑आधारित हमलों की बढ़ती प्रवृत्ति
मलेशिया का यह मामला एक बड़े ट्रेंड को भी दिखाता है: आधुनिक साइबर‑जासूसी अब पारंपरिक मैलिशियस सर्वरों से हटकर विश्वसनीय क्लाउड प्लेटफॉर्म के भीतर छिपने लगी है।
ऑब्जेक्ट स्टोरेज, सर्वरलेस कंप्यूटिंग और CDN नेटवर्क जैसे वैध प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके हमलावर कई फायदे हासिल करते हैं:
भरोसेमंद क्लाउड प्रदाताओं की प्रतिष्ठा
एन्क्रिप्टेड ट्रैफिक जो सामान्य वेब गतिविधि जैसा दिखता है
इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बदलने या स्केल करने की क्षमता
सुरक्षा टीमों के लिए इसका मतलब है कि केवल डोमेन या प्रतिष्ठा‑आधारित ब्लॉकिंग पर्याप्त नहीं रही। अब संगठनों को व्यवहार‑आधारित डिटेक्शन, असामान्य क्लाउड उपयोग की निगरानी और आउटबाउंड डेटा ट्रैफिक के गहन विश्लेषण जैसे तरीकों पर अधिक ध्यान देना पड़ रहा है।
जैसे‑जैसे क्लाउड प्लेटफॉर्म की क्षमताएँ बढ़ती जा रही हैं, वही उपकरण जो आधुनिक इंटरनेट को चलाते हैं—साइबर‑जासूसी अभियानों का भी हिस्सा बनते जा रहे हैं।
Comments
0 comments