NOAA के अनुसार मई–जुलाई 2026 के बीच एल नीनो बनने की 82% और सर्दियों 2026–27 तक बने रहने की 96% संभावना है। एल नीनो प्रशांत महासागर की गर्मी को वातावरण में छोड़ता है, जिससे पहले से गर्म वैश्विक जलवायु और गर्म हो सकती है। कैरेबियन क्षेत्र, खासकर जमैका, में कम वर्षा और ज्यादा तापमान की आशंका जताई जा रही है, जिससे पानी...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are scientists and meteorological agencies warning about the developing El Niño expected from mid‑2026—including NOAA’s projected 82% c. Article summary: Scientists and meteorological agencies are warning that an El Niño is likely to develop by mid-2026, with NOAA placing the chance at 82% for May–July 2026 and 96% for continuation through Northern Hemisphere winter 2026–. Topic tags: general, government, education, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# El Niño Poised To Disrupt Global Weather Patterns In 2026. NOAA and climate experts warn that an unusually early and potentially powerful El Niño could bring dramatic weather cha" source context "El Niño Poised To Disrupt Global Weather Patterns In 2026 - Grand Pinnacle Tribune" Reference
मौसम वैज्ञानिकों और जलवायु एजेंसियों का कहना है कि 2026 में एक नया एल नीनो (El Niño) बनने की संभावना काफी अधिक है। अगर ऐसा होता है तो यह पहले से रिकॉर्ड‑तोड़ गर्म हो चुकी पृथ्वी पर अतिरिक्त गर्मी जोड़ सकता है और कई क्षेत्रों में मौसम के पैटर्न बदल सकता है।
अमेरिकी एजेंसी NOAA (National Oceanic and Atmospheric Administration) के अनुसार मई से जुलाई 2026 के बीच एल नीनो बनने की 82% संभावना है, और इसके उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों 2026–27 तक जारी रहने की 96% संभावना है।
हालाँकि मई 2026 के मध्य तक प्रशांत महासागर में ENSO (El Niño–Southern Oscillation) की स्थिति तकनीकी रूप से तटस्थ थी, लेकिन समुद्री अवलोकन दिखा रहे हैं कि प्रणाली तेज़ी से गर्म एल नीनो चरण की ओर बढ़ रही है।
NOAA के Climate Prediction Center ने ENSO चेतावनी प्रणाली को फिलहाल “El Niño Watch” स्तर पर रखा है। इसका मतलब है कि परिस्थितियाँ एल नीनो बनने के लिए अनुकूल हो रही हैं।
वैज्ञानिकों के मुताबिक कुछ प्रमुख संकेत यह हैं:
कुछ मॉडल यह भी बताते हैं कि यह घटना मजबूत या बहुत मजबूत हो सकती है, हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी वास्तविक तीव्रता अभी तय नहीं है।
एल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर का गर्म पानी बड़ी मात्रा में गर्मी को वातावरण में छोड़ता है। इसका असर अक्सर वैश्विक औसत तापमान में अस्थायी वृद्धि के रूप में दिखाई देता है।
यह प्रभाव ऐसे समय आ सकता है जब पृथ्वी पहले से ही असामान्य रूप से गर्म दौर से गुजर रही है। NOAA के अनुसार 2024 आधुनिक रिकॉर्ड में सबसे गर्म वर्ष था, जब वैश्विक औसत तापमान 20वीं सदी के औसत से 1.29°C अधिक रहा।
वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि 1850 के बाद से दर्ज सबसे गर्म 10 साल पिछले एक दशक में ही हुए हैं।
इसका मतलब है कि अगर एल नीनो विकसित होता है, तो वह पहले से ऊँचे तापमान वाले “बेसलाइन” पर अतिरिक्त गर्मी जोड़ सकता है—और इससे नए वैश्विक तापमान रिकॉर्ड बनने की संभावना बढ़ सकती है।
कुछ मौसम पूर्वानुमान बताते हैं कि 2026 की देर वसंत और गर्मियों में यूरोप के कुछ हिस्सों में हीट डोम और तीव्र गर्मी की लहरें विकसित हो सकती हैं।
“हीट डोम” तब बनता है जब उच्च दबाव का एक बड़ा क्षेत्र किसी इलाके के ऊपर स्थिर हो जाता है और गर्म हवा को फँसा लेता है। इससे कई दिनों या हफ्तों तक असामान्य गर्मी बनी रह सकती है।
हालाँकि वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि किसी खास हीटवेव को सीधे एल नीनो से जोड़ना सही नहीं होगा, खासकर तब जब घटना अभी बन ही रही हो। आम तौर पर किसी एक हीटवेव के पीछे अल्पकालिक वायुमंडलीय पैटर्न—जैसे स्थायी उच्च दबाव—जिम्मेदार होते हैं।
एल नीनो का प्रभाव ज़्यादातर यह होता है कि वह वैश्विक तापमान की पृष्ठभूमि को गर्म कर देता है, जिससे अत्यधिक गर्मी की घटनाएँ अधिक संभावित या अधिक तीव्र हो सकती हैं।
कैरेबियन क्षेत्र की जलवायु एजेंसियाँ पहले ही चेतावनी दे रही हैं कि विकसित होता एल नीनो क्षेत्रीय मौसम को प्रभावित कर सकता है।
जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार यह पैटर्न अक्सर क्षेत्र के कई हिस्सों में अधिक गर्म और शुष्क परिस्थितियाँ लेकर आता है। इससे पानी की उपलब्धता, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है।
जमैका की मौसम सेवा भी स्थिति पर नज़र रख रही है। एजेंसी का कहना है कि विकसित होता एल नीनो कम वर्षा और अधिक तापमान ला सकता है, जिससे पानी के संसाधनों और खेती पर दबाव बढ़ सकता है।
ऐसी परिस्थितियाँ गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और सूखे के जोखिम को भी बढ़ा सकती हैं।
हालाँकि वैज्ञानिकों को काफी भरोसा है कि 2026 में एल नीनो विकसित होगा, लेकिन इसकी ताकत अभी अनिश्चित है।
इतिहास बताता है कि मजबूत एल नीनो घटनाएँ वैश्विक मौसम पैटर्न—जैसे वर्षा, तूफान गतिविधि और क्षेत्रीय तापमान—पर अधिक स्पष्ट प्रभाव डालती हैं। लेकिन मध्यम स्तर की घटनाएँ भी दुनिया के कई हिस्सों में मौसम को बदल सकती हैं।
फिलहाल वैज्ञानिकों का मुख्य संदेश यही है: जलवायु प्रणाली एक बार फिर बदलाव की ओर बढ़ रही है, और अगर एल नीनो उस समय मजबूत हुआ जब पृथ्वी पहले से रिकॉर्ड गर्मी झेल रही है, तो दुनिया के कई क्षेत्रों में गर्मी, सूखा और चरम मौसम की घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
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NOAA के अनुसार मई–जुलाई 2026 के बीच एल नीनो बनने की 82% और सर्दियों 2026–27 तक बने रहने की 96% संभावना है।
NOAA के अनुसार मई–जुलाई 2026 के बीच एल नीनो बनने की 82% और सर्दियों 2026–27 तक बने रहने की 96% संभावना है। एल नीनो प्रशांत महासागर की गर्मी को वातावरण में छोड़ता है, जिससे पहले से गर्म वैश्विक जलवायु और गर्म हो सकती है।
कैरेबियन क्षेत्र, खासकर जमैका, में कम वर्षा और ज्यादा तापमान की आशंका जताई जा रही है, जिससे पानी और खेती पर दबाव बढ़ सकता है।