सामान्य खेल प्रसारण में हर नया एंगल पाने के लिए अलग कैमरा या कैमरे की भौतिक मूवमेंट जरूरी होती है। Muybridge इस प्रक्रिया को अलग तरीके से करता है:
इस तकनीक को कभी‑कभी “weightless camera” भी कहा जाता है, क्योंकि स्क्रीन पर ऐसा लगता है जैसे कैमरा हवा में चल रहा हो, जबकि असल में कोई कैमरा उस रास्ते पर चल नहीं रहा होता।
ब्रॉडकास्टर्स के लिए इसका मतलब हो सकता है:
इस तकनीक के सार्वजनिक उपयोग के उदाहरण अभी सीमित हैं। लेकिन एक प्रमुख उदाहरण पेशेवर गोल्फ प्रसारण से सामने आया है।
PGA Tour के Cadillac Championship के दौरान CBS ने Muybridge की नई कैमरा तकनीक का उपयोग किया। 16वें होल पर दर्शकों को रेल‑कैम जैसा ट्रैकिंग एंगल दिखाया गया—लेकिन बिना किसी वास्तविक कैमरा रेल या मूवमेंट के।
सिस्टम ने वर्चुअल व्यूपॉइंट बनाकर वही अनुभव दिया जो आम तौर पर ट्रैक पर चलने वाले कैमरे से मिलता है।
हालाँकि विभिन्न चर्चाओं में इस प्लेटफ़ॉर्म को फुटबॉल, टेनिस या अन्य खेलों के लिए भी संभावित रूप से उपयोगी बताया जाता है, लेकिन उपलब्ध स्रोत इन लीग या टूर्नामेंटों में इसके उपयोग की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करते।
इस तकनीक को बाज़ार तक पहुँचाने के लिए Muybridge ने लगभग €8 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। यह निवेश Fairpoint Capital के नेतृत्व में हुआ, जिसमें RunwayFBU, Idékapital और Vikingstad Invest जैसे निवेशकों ने भाग लिया।
कंपनी के अनुसार यह पूंजी इन क्षेत्रों में मदद करेगी:
निवेशक इस तकनीक को उस बड़े बदलाव का हिस्सा मानते हैं जहाँ कैमरे धीरे‑धीरे सॉफ्टवेयर‑डिफाइंड इमेजिंग सिस्टम में बदल रहे हैं।
अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर अपनाई जाती है, तो स्टेडियमों में दर्जनों कैमरे लगाने की जरूरत कम हो सकती है। सेंसर एरे पूरे मैदान को कैप्चर करेंगे और सॉफ्टवेयर जरूरत के अनुसार नए कैमरा एंगल तैयार करेगा।
दर्शकों के लिए इसका मतलब होगा:
संक्षेप में, Muybridge एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है—जहाँ कैमरे सिर्फ हार्डवेयर नहीं रहेंगे, बल्कि रियल‑टाइम कंप्यूटेशन और सॉफ्टवेयर से संचालित विज़न सिस्टम बनते जा रहे हैं।
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