इस नियम को 2023 में अपनाया गया था और इसे चरणों में लागू किया गया:
इसका उद्देश्य यूरोप में क्रिप्टो बाजार को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। इसके तहत टोकन जारी करने, निवेशकों को जानकारी देने और क्रिप्टो कंपनियों के लाइसेंसिंग के लिए एक साझा नियम‑पुस्तिका बनाई गई है।
पहली नजर में लग सकता है कि पूरी तरह लागू होने के दो साल से भी कम समय में नियमों की समीक्षा जल्दी है। लेकिन इसके पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं।
MiCA लागू होने के बाद उन कंपनियों को अस्थायी राहत दी गई थी जो 30 दिसंबर 2024 से पहले राष्ट्रीय नियमों के तहत क्रिप्टो सेवाएँ दे रही थीं। उन्हें नए EU नियमों के अनुसार लाइसेंस लेने के लिए समय दिया गया था।
यह संक्रमण अवधि 1 जुलाई 2026 को समाप्त हो रही है।
उस तारीख के बाद यदि कोई कंपनी MiCA लाइसेंस के बिना EU ग्राहकों को क्रिप्टो सेवाएँ देती है, तो वह EU कानून का उल्लंघन मानी जाएगी और उसे सेवाएँ बंद करनी होंगी।
इसलिए नियामक यह समझना चाहते हैं कि पूरी तरह लागू होने से पहले यह ढांचा व्यवहार में कितना प्रभावी है।
क्रिप्टो क्षेत्र में स्टेबलकॉइन, टोकनाइज्ड एसेट्स और विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए यूरोपीय नीति‑निर्माता यह देखना चाहते हैं कि 2023 में बनाए गए नियम आज के बाजार के लिए पर्याप्त हैं या नहीं।
इसे MiCA के डिज़ाइन की एक तरह की वास्तविक दुनिया में पहली बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है।
हालाँकि परामर्श पूरे MiCA ढांचे को कवर करता है, लेकिन कुछ विषय विशेष रूप से ध्यान में हैं।
स्टेबलकॉइन—जो आम तौर पर डॉलर या यूरो जैसी फिएट मुद्रा से जुड़े होते हैं—MiCA के तहत सबसे कड़े नियमों वाले क्रिप्टो एसेट्स में हैं। आयोग यह जानना चाहता है कि ये नियम व्यवहार में कैसे काम कर रहे हैं और क्या इनमें बदलाव की आवश्यकता है।
स्टेबलकॉइन महत्वपूर्ण इसलिए हैं क्योंकि वे कई क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और एक्सचेंजों में भुगतान और सेटलमेंट लेयर की तरह काम करते हैं।
एक और चिंता उन वैश्विक स्टेबलकॉइन परियोजनाओं को लेकर है जो कई देशों में अलग‑अलग इकाइयों के माध्यम से जारी या प्रबंधित की जाती हैं। इससे निगरानी, रिज़र्व प्रबंधन और रिडेम्प्शन जैसे मुद्दों पर जटिलताएँ पैदा हो सकती हैं।
यूरोपीय नीति‑निर्माता यह देख रहे हैं कि मौजूदा नियम इन जोखिमों को संभालने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं।
MiCA मुख्य रूप से उन संस्थाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया था जिनकी पहचान स्पष्ट हो—जैसे टोकन जारी करने वाली कंपनियाँ या केंद्रीकृत क्रिप्टो सेवा प्रदाता।
लेकिन DeFi प्रोटोकॉल अक्सर बिना किसी स्पष्ट कंपनी या ऑपरेटर के चलते हैं, जिससे वे मौजूदा नियमों के दायरे से बाहर रह सकते हैं।
इसी कारण नीति‑निर्माताओं के बीच यह चर्चा है कि क्या DeFi के लिए अतिरिक्त नियम या नई विधायी पहल की आवश्यकता होगी।
सबसे तात्कालिक मुद्दा क्रिप्टो‑एसेट सेवा प्रदाताओं (CASPs) के लिए लाइसेंसिंग की अंतिम तारीख है।
1 जुलाई 2026 तक कंपनियों को या तो:
इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर यूरोपीय आयोग भविष्य में:
पर विचार कर सकता है।
व्यवहार में यह प्रक्रिया यूरोप के क्रिप्टो नियमन के लिए पहला बड़ा समीक्षा‑बिंदु मानी जा रही है—जिससे यह तय होगा कि दुनिया के सबसे व्यापक क्रिप्टो नियमों में आगे क्या बदलाव आ सकते हैं।
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