इसी तरह अमेरिका और उसके सहयोगियों के निर्यात नियंत्रण नियमों के तहत रूस को सेमीकंडक्टर जैसे हाई‑टेक उत्पाद बेचने के लिए विशेष लाइसेंस की आवश्यकता होती है—और ऐसे लाइसेंस अक्सर अस्वीकृत कर दिए जाते हैं।
परिणामस्वरूप, रूस के लिए Nvidia जैसे पश्चिमी सप्लायरों से उन्नत AI GPU खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है, जो बड़े AI मॉडल ट्रेन करने के लिए आवश्यक होते हैं।
जब पश्चिमी सप्लाई चेन लगभग बंद हो गई, तब चीन उन कुछ देशों में से एक रह गया जो बड़े पैमाने पर AI हार्डवेयर उपलब्ध करा सकते हैं। इसी वजह से रूस ने चीन के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।
चीन यात्रा के दौरान Sberbank के CEO जर्मन ग्रेफ (German Gref) ने कहा कि बैंक भविष्य में GigaChat को चलाने के लिए चीनी माइक्रोचिप्स का उपयोग करना चाहता है, हालांकि यह बदलाव अभी धीरे‑धीरे किया जाएगा।
यह कदम दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है:
हालाँकि यह साझेदारी पूरी तरह संतुलित नहीं है—क्योंकि रूस को बाहरी कंप्यूटिंग संसाधनों की अधिक आवश्यकता है, जबकि चीन खुद भी उन्नत चिप निर्माण में सीमाओं का सामना कर रहा है।
Sberbank ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया कि वह कौन‑सी चिप्स का उपयोग करेगा। लेकिन उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि Huawei की Ascend AI एक्सेलरेटर श्रृंखला सबसे संभावित विकल्प हो सकती है।
Huawei ने हाल के वर्षों में इन चिप्स के उत्पादन को तेजी से बढ़ाया है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी 2026 तक Ascend 910C चिप्स की लगभग 600,000 यूनिट बनाने की योजना बना रही है, जबकि पूरी Ascend लाइन का उत्पादन लगभग 1.6 मिलियन डाइज़ तक पहुँच सकता है।
इन चिप्स को विशेष रूप से AI प्रशिक्षण (training) और इन्फरेंस कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है—ठीक उसी तरह जैसे Nvidia के डेटा‑सेंटर GPU।
लेकिन एक चुनौती भी है: चीन के अंदर ही ByteDance और Alibaba जैसी कंपनियों की भारी मांग है, जिससे विदेशी ग्राहकों के लिए पर्याप्त सप्लाई मिलना कठिन हो सकता है।
तकनीकी प्रगति के बावजूद, अधिकतर विशेषज्ञ मानते हैं कि चीनी AI चिप्स अभी भी अग्रणी पश्चिमी GPU से पीछे हैं।
उदाहरण के लिए:
इसका मतलब यह नहीं कि चीनी चिप्स उपयोगी नहीं हैं। लेकिन समान प्रदर्शन हासिल करने के लिए अक्सर अधिक GPU, ज्यादा ऊर्जा और जटिल क्लस्टर कंप्यूटिंग की आवश्यकता पड़ सकती है।
तकनीकी दृष्टि से GigaChat एक सक्षम मॉडल परिवार है—खासकर रूसी भाषा से जुड़े कार्यों में। इसका आर्किटेक्चर mixture‑of‑experts डिजाइन पर आधारित है, जिसमें कुल 47 अरब पैरामीटर हैं और लगभग 13 अरब सक्रिय पैरामीटर उपयोग में आते हैं।
फिर भी वैश्विक तुलना में यह अभी शीर्ष स्तर पर नहीं माना जाता। कुछ स्वतंत्र बेंचमार्क में OpenAI और Anthropic के मॉडल शीर्ष पर हैं, जबकि GigaChat 2 Max जैसी रूसी प्रणालियाँ काफी नीचे रैंक करती दिखाई देती हैं।
कई सार्वजनिक मूल्यांकन प्लेटफॉर्म पर भी GigaChat, ChatGPT, Claude या DeepSeek जैसे अग्रणी मॉडलों से पीछे बताया गया है।
व्यावहारिक रूप से इसका सबसे बड़ा फायदा स्थानीयकरण है—यानी रूसी भाषा और घरेलू उपयोग‑केस के लिए अनुकूल प्रदर्शन।
GigaChat के लिए चीनी चिप्स अपनाने की योजना वैश्विक AI उद्योग में तीन बड़े रुझानों को उजागर करती है:
फिर भी सीमाएँ स्पष्ट हैं। चीन के सबसे उन्नत चिप्स अभी भी Nvidia जैसे अग्रणी उत्पादों से पीछे माने जाते हैं, और घरेलू मांग पहले से ही बड़ी मात्रा में उत्पादन को खपा रही है।
Sberbank का GigaChat के लिए चीनी चिप्स अपनाने का विचार इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भू‑राजनीति अब AI विकास को भी आकार दे रही है।
पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूस को उन्नत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से लगभग अलग कर दिया है, जिससे उसे Huawei Ascend जैसे चीनी विकल्पों की ओर मुड़ना पड़ रहा है। हालांकि ये चिप्स रूस को AI विकास जारी रखने में मदद कर सकते हैं, लेकिन प्रदर्शन और सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम के मामले में वे अभी भी Nvidia के अग्रणी GPU से पीछे माने जाते हैं।
नतीजा यह है कि रूस‑चीन तकनीकी सहयोग और गहरा हो रहा है—लेकिन यह सहयोग उतना ही मजबूरी से पैदा हुआ समाधान है जितना कि रणनीतिक साझेदारी।
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