17 मई 2026 को यूएई के बराकाह परमाणु बिजलीघर की बाहरी सीमा के पास एक ड्रोन ने बिजली जनरेटर को निशाना बनाया, जिससे आग लगी लेकिन कोई हताहत या रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ। यूएई वायु रक्षा ने 48 घंटे में कुल छह ड्रोन को ट्रैक या इंटरसेप्ट किया और कहा कि तकनीकी विश्लेषण से संकेत मिला कि वे इराकी क्षेत्र से लॉन्च हुए थे। हमले क...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in the May 17 drone attack on the UAE’s Barakah Nuclear Power Plant, why does the UAE say the drones came from Iraqi territory. Article summary: A drone struck equipment outside the inner perimeter of the UAE’s Barakah Nuclear Power Plant on May 17, causing a fire but reportedly no casualties, no damage to critical nuclear facilities, and no radiation release. Th. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Giovanni Galizia poses with the ‘Calendario Romano’ calendar that has for two decades been a bestseller in Rome’s souvenir shops, at his home in Verona, Italy, Wednesday, May 20, 2" source context "Drones targeting Barakah nuclear plant came from Iraqi territory: UAE" Reference image 2: visual subject "FILE – Sie
17 मई 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक ड्रोन हमला हुआ। यह संयंत्र अबू धाबी के अल धफरा क्षेत्र में स्थित है और अरब दुनिया का पहला चालू परमाणु बिजलीघर माना जाता है।
यूएई अधिकारियों के अनुसार एक ड्रोन ने संयंत्र की भीतरी सुरक्षा सीमा के बाहर लगे एक विद्युत जनरेटर या पावर सिस्टम को निशाना बनाया। टक्कर के बाद आग लगी, लेकिन आग पर जल्दी काबू पा लिया गया।
महत्वपूर्ण बात यह रही कि:
वर्ल्ड न्यूक्लियर एसोसिएशन और संयंत्र से जुड़े अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि प्रभावित उपकरण मुख्य परमाणु सुविधाओं से बाहर था और संयंत्र सुरक्षित तरीके से काम करता रहा।
यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बराकाह घटना अकेली नहीं थी। देश की वायु रक्षा प्रणाली ने लगातार 48 घंटे में छह ड्रोन का पता लगाया और कई को मार गिराया।
अधिकारियों के अनुसार ये ड्रोन यूएई के नागरिक और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे, जिनमें परमाणु संयंत्र भी शामिल था।
हमले के बाद तकनीकी जांच में यूएई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ड्रोन की उड़ान मार्ग और ट्रैकिंग डेटा से संकेत मिला कि वे इराकी क्षेत्र से लॉन्च हुए थे। यह निष्कर्ष देश की वायु रक्षा निगरानी और तकनीकी विश्लेषण पर आधारित बताया गया।
अब तक किसी संगठन ने आधिकारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में संभावना जताई गई कि इसमें इरान समर्थित शिया मिलिशिया समूह, जो इराक में सक्रिय हैं, शामिल हो सकते हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक रूप से पूरी फोरेंसिक जानकारी जारी नहीं की गई है, इसलिए लॉन्च स्थान का दावा मुख्यतः यूएई की सरकारी जांच पर आधारित है। फिर भी क्षेत्र में पहले भी इसी तरह के हमलों के उदाहरण मौजूद हैं।
परमाणु संयंत्र पर हमले की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई, क्योंकि नागरिक परमाणु ढाँचों को निशाना बनाना वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
मुख्य प्रतिक्रियाएँ:
घटना के बाद शुरुआती आशंका के बावजूद वास्तविक नुकसान सीमित रहा। रिपोर्टों के अनुसार:
फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ड्रोन सीधे महत्वपूर्ण परमाणु उपकरणों को निशाना बनाता तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।
यूएई द्वारा यह कहे जाने के बाद कि ड्रोन इराक से आए थे, बगदाद पर कूटनीतिक दबाव बढ़ गया है। यूएई ने इराक से मांग की है कि वह अपने क्षेत्र से होने वाले सभी शत्रुतापूर्ण हमलों को तुरंत रोके।
समस्या यह है कि इराक में कई ईरान समर्थित सशस्त्र मिलिशिया समूह सक्रिय हैं, जिनमें लोकप्रिय मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) से जुड़े संगठन भी शामिल हैं। इन समूहों पर पहले भी क्षेत्रीय ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के आरोप लगे हैं।
इराकी सरकार ने जवाब में कहा कि वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए होने की अनुमति नहीं देती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया है।
हालाँकि इस हमले से बड़ा नुकसान नहीं हुआ, फिर भी यह घटना कई कारणों से महत्वपूर्ण है:
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि मध्य पूर्व में चल रहे व्यापक भू‑राजनीतिक संघर्ष का असर ऊर्जा और सुरक्षा ढाँचों तक पहुँच सकता है।
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17 मई 2026 को यूएई के बराकाह परमाणु बिजलीघर की बाहरी सीमा के पास एक ड्रोन ने बिजली जनरेटर को निशाना बनाया, जिससे आग लगी लेकिन कोई हताहत या रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ।
17 मई 2026 को यूएई के बराकाह परमाणु बिजलीघर की बाहरी सीमा के पास एक ड्रोन ने बिजली जनरेटर को निशाना बनाया, जिससे आग लगी लेकिन कोई हताहत या रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ। यूएई वायु रक्षा ने 48 घंटे में कुल छह ड्रोन को ट्रैक या इंटरसेप्ट किया और कहा कि तकनीकी विश्लेषण से संकेत मिला कि वे इराकी क्षेत्र से लॉन्च हुए थे।
हमले की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसियों ने निंदा की, जबकि यूएई ने इराक से अपने क्षेत्र से ऐसे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की।