रिपोर्टों के अनुसार, Blackwell आधारित GPU कोर वही रखा गया, लेकिन मेमोरी कॉन्फ़िगरेशन को कम कर दिया गया:
इन बदलावों का उद्देश्य चिप को अमेरिकी निर्यात सीमा के भीतर रखना था, जबकि गेमिंग प्रदर्शन को उच्च स्तर पर बनाए रखना था।
असल में RTX 5090D V2 एक तरह का "डि‑ट्यून किया गया" फ्लैगशिप GPU है—यानी तकनीकी क्षमता जानबूझकर घटाई गई ताकि यह कानूनी रूप से निर्यात योग्य रहे।
हालाँकि यह GPU अमेरिकी नियमों का पालन करने के लिए बनाया गया था, लेकिन चीन में इसके लॉन्च और उपलब्धता को लेकर संदेह पैदा हो गया। उपलब्ध रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं है कि चीन की ओर से कोई औपचारिक नियामकीय निर्णय लिया गया या नहीं।
फिर भी कुछ बड़े रुझान इस स्थिति को समझाते हैं:
इसका मतलब यह है कि अमेरिकी नियमों का पालन करना ही चीन के बाजार में प्रवेश की गारंटी नहीं है। राजनीतिक और औद्योगिक नीतियाँ भी अब तकनीकी उत्पादों की उपलब्धता तय कर रही हैं।
RTX 5090D V2 की कहानी व्यापक तकनीकी संघर्ष का हिस्सा है।
2022 से अमेरिका ने चीन को उन्नत AI चिप्स और सेमीकंडक्टर तकनीक तक पहुँच सीमित करने के लिए निर्यात नियंत्रण लागू किए। 2023 में इन नियमों को और सख्त किया गया ताकि अधिक प्रकार के कंप्यूटिंग हार्डवेयर और निर्माण उपकरण भी इनके दायरे में आ जाएँ।
इन प्रतिबंधों का लक्ष्य ऐसे चिप्स हैं जो उन्नत AI मॉडल प्रशिक्षण, सुपरकंप्यूटिंग या संभावित सैन्य उपयोग में सहायक हो सकते हैं। क्योंकि आधुनिक GPU AI कार्यों में भी उपयोग किए जाते हैं, इसलिए Nvidia के कई शक्तिशाली उत्पाद इन नियमों के अंतर्गत आ जाते हैं।
इसी वजह से Nvidia को चीन के लिए कम क्षमता वाले विशेष संस्करण बनाने पड़े—जैसे RTX 4090D और RTX 5090D।
निर्यात प्रतिबंधों ने चीन में Nvidia की स्थिति को काफी बदल दिया है।
Nvidia के CEO जेनसन हुआंग के अनुसार, चीन के उन्नत AI एक्सेलरेटर बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 95% से गिरकर लगभग शून्य तक पहुँच गई है।
उधर घरेलू चीनी चिप कंपनियाँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं। 2025 में चीन के AI एक्सेलरेटर सर्वर बाजार का लगभग 41% हिस्सा घरेलू निर्माताओं के पास चला गया, जिनकी कुल शिपमेंट लगभग 1.65 मिलियन यूनिट रही।
Huawei जैसी कंपनियाँ इस बदलाव से लाभ उठा रही हैं। उनकी Ascend श्रृंखला की AI चिप्स को चीन की बड़ी टेक कंपनियाँ अपनाने लगी हैं।
RTX 5090D V2 का मामला भविष्य के हार्डवेयर बाजार की दिशा दिखाता है।
पहला, निर्यात‑अनुपालन वाले चिप बनाना दिन‑प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है क्योंकि कंपनियों को तकनीकी लक्ष्य से ज्यादा नियामकीय सीमा को ध्यान में रखना पड़ रहा है।
दूसरा, वैश्विक हार्डवेयर बाजार धीरे‑धीरे क्षेत्रीय रूप से विभाजित हो सकता है—एक ही GPU के अलग‑अलग संस्करण अलग देशों में उपलब्ध होंगे।
तीसरा, चीन घरेलू सेमीकंडक्टर विकास को तेज़ कर रहा है। विदेशी चिप्स की कमी स्थानीय विकल्पों को मजबूत बना सकती है।
चौथा, Nvidia की रणनीति भी बदल रही है—कंपनी चीन में अपने सबसे शक्तिशाली AI चिप्स बेचने की बजाय सीमित या संशोधित उत्पादों पर निर्भर होती जा रही है।
RTX 5090D V2 सिर्फ एक गेमिंग GPU नहीं है। यह दिखाता है कि आज के दौर में सेमीकंडक्टर डिजाइन केवल इंजीनियरिंग का मामला नहीं रह गया—अब यह भू‑राजनीति, व्यापार नियमों और वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा से भी तय होता है।
AI की वैश्विक दौड़ तेज़ होने के साथ‑साथ ऐसे क्षेत्र‑विशेष चिप्स और तकनीकी प्रतिबंध भविष्य में और आम हो सकते हैं।
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