इस परियोजना का मकसद लैब‑स्तर के शोध और बड़े औद्योगिक उत्पादन के बीच की दूरी को कम करना है। सुविधा का निर्माण और उपकरणों का फिट‑आउट तुरंत शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पहले उत्पादों का लॉन्च 2027 के आसपास लक्ष्यित है।
इस फंडिंग राउंड में नए और मौजूदा दोनों तरह के निवेशकों ने हिस्सा लिया।
मुख्य निवेशकों में शामिल हैं:
इन निवेशकों का मानना है कि अगर लागत और स्केल की चुनौतियाँ हल हो जाती हैं, तो cultivated protein भविष्य में भोजन उत्पादन की एक नई श्रेणी बन सकता है।
कल्टिवेटेड मीट उद्योग की सबसे बड़ी समस्या इसकी लागत है। खास तौर पर growth medium (वह पोषक घोल जिसमें कोशिकाएँ बढ़ती हैं) और bioreactor उपकरण बेहद महंगे होते हैं। Meatly ने दोनों क्षेत्रों में लागत कम करने का दावा किया है।
2024 में कंपनी ने बताया कि उसने अपने chemically defined, protein‑free culture medium की लागत घटाकर लगभग £0.22 प्रति लीटर कर दी है, जिसे वह उद्योग में अग्रणी स्तर की कीमत बताती है।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि कोशिकाओं को बढ़ाने के लिए यही पोषक घोल सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। इसकी कीमत कम होने से बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव हो सकता है।
कंपनी ने अपने उत्पादन उपकरणों को फिर से डिज़ाइन करके बायोरिएक्टर लागत लगभग 10 गुना तक घटाने की भी जानकारी दी है।
पहले के खुलासों के अनुसार Meatly ने इन‑हाउस बायोरिएक्टर डिज़ाइन विकसित किए हैं। उदाहरण के तौर पर लगभग £12,500 लागत वाला 320‑लीटर सिस्टम तैयार किया गया, जबकि पारंपरिक बायोफार्मा रिएक्टर लगभग £250,000 तक महंगे हो सकते हैं।
इस तरह कंपनी उत्पादन के दो सबसे महंगे हिस्सों—पोषक माध्यम और उपकरण—दोनों की लागत कम करने की कोशिश कर रही है।
लंदन में बनने वाली नई सुविधा Meatly की स्केल‑अप रणनीति का अगला चरण है।
इस प्लांट के मुख्य लक्ष्य हैं:
शुरुआत में कंपनी पेट फूड मार्केट पर ध्यान दे रही है। Meatly चिकन कोशिकाओं को—जो मूल रूप से एक अंडे से ली गई थीं—उगाकर पालतू जानवरों के लिए उत्पाद तैयार करती है।
कल्टिवेटेड प्रोटीन क्षेत्र में यह रणनीति आम है, क्योंकि पालतू भोजन के लिए नियामकीय प्रक्रियाएँ और कीमत की अपेक्षाएँ अक्सर मानव खाद्य बाजार से अधिक लचीली होती हैं।
निवेशकों के अनुसार cultivated meat एक ऐसा तरीका हो सकता है जिससे पशुओं को पालने और वध किए बिना असली पशु प्रोटीन बनाया जा सके।
अगर उत्पादन लागत कम हो जाती है और बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव हो जाता है, तो यह पारंपरिक मांस उद्योग का एक नया विकल्प बन सकता है। इसी कारण Meatly जैसी कंपनियाँ केवल उत्पाद नहीं बल्कि पूरी नई उत्पादन अवसंरचना बनाने की कोशिश कर रही हैं।
लंदन में प्रस्तावित 20,000‑लीटर सुविधा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है—जो तय करेगी कि लैब में विकसित मांस तकनीक वास्तव में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक रूप ले सकती है या नहीं।
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