AI सिस्टम के लिए इसे आसान बनाने के लिए Coinbase ने Agentic Wallet इंफ्रास्ट्रक्चर भी पेश किया है, जिसमें शामिल हैं:
Coinbase की पूरी संरचना दो प्रमुख घटकों पर टिकी है।
USDC स्टेबलकॉइन – डॉलर से जुड़ा यह टोकन क्रिप्टो भुगतान में व्यापक रूप से उपयोग होता है और स्थिर मूल्य होने के कारण मशीन कॉमर्स के लिए उपयुक्त माना जाता है।
Base ब्लॉकचेन – Coinbase का लेयर‑2 नेटवर्क, जो कम लागत और तेज़ ट्रांजैक्शन के लिए बनाया गया है। कंपनी इसे AI एजेंटों के माइक्रोपेमेंट के लिए सेटलमेंट लेयर के रूप में देखती है।
इस संरचना में:
Coinbase के प्लेटफ़ॉर्म और सेवाओं में वर्तमान में USDC की कुल आपूर्ति का 25% से अधिक हिस्सा रखा जाता है, जिससे इस इकोसिस्टम में इसकी बड़ी भूमिका बनती है।
x402 के उपयोग के बारे में कई रिपोर्ट सामने आई हैं, लेकिन आंकड़ों में कुछ अंतर है।
ये आंकड़े मुख्यतः क्रिप्टो उद्योग की रिपोर्टिंग पर आधारित हैं, न कि ऑडिटेड वित्तीय खुलासों पर। इसलिए सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि दसियों से लेकर सौ मिलियन से अधिक मशीन भुगतान हो चुके हैं, लेकिन सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है।
Coinbase ने एक डिस्कवरी प्लेटफॉर्म भी बनाया है—Agentic.market। इसे अक्सर AI एजेंटों के लिए एक तरह का “ऐप स्टोर” कहा जाता है।
इस प्लेटफॉर्म पर एजेंट कर सकते हैं:
रिपोर्ट्स के अनुसार सेवाओं को कई श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है, जैसे:
उदाहरण के तौर पर एजेंट कुछ सेंट्स के भुगतान में विभिन्न डेटा स्रोत खरीदकर विश्लेषण कर सकते हैं—जैसे क्रिप्टो डेटा, सोशल मीडिया संकेत या न्यूज़ फीड।
इस मॉडल के पीछे एक बड़ा तर्क यह है कि AI एजेंट पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम का उपयोग नहीं कर सकते।
बैंक खाता खोलने के लिए आमतौर पर पहचान सत्यापन और कानूनी दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। लेकिन स्वायत्त सॉफ्टवेयर के पास ऐसी पहचान नहीं होती।
इसके विपरीत, क्रिप्टो वॉलेट को प्रोग्राम के माध्यम से बनाया और नियंत्रित किया जा सकता है। इससे AI एजेंट सक्षम हो सकते हैं:
चूंकि AI एजेंट संभावित रूप से लाखों माइक्रोपेमेंट कर सकते हैं, इसलिए कार्ड या इनवॉइस जैसे पारंपरिक भुगतान मॉडल इसके लिए उपयुक्त नहीं माने जाते।
Coinbase इस क्षेत्र में अकेला खिलाड़ी नहीं है।
मई 2026 में Circle ने Circle Agent Stack लॉन्च किया, जो AI एजेंटों को फंड रखने, सेवाएँ खोजने और USDC के माध्यम से भुगतान करने के उपकरण देता है।
उसी समय Google Cloud और Solana Foundation ने Pay.sh नाम का एक गेटवे पेश किया, जो AI एजेंटों को API एक्सेस के लिए स्टेबलकॉइन से प्रति‑रिक्वेस्ट भुगतान करने देता है—एक मॉडल जो x402 से मिलता‑जुलता है।
यह दिखाता है कि मशीन‑टू‑मशीन पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कई बड़ी टेक और क्रिप्टो कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है।
इस बाजार को प्रभावित करने वाला एक और महत्वपूर्ण तत्व है नियमन।
जुलाई 2025 में अमेरिका ने GENIUS Act नामक कानून लागू किया, जिसने डॉलर‑समर्थित भुगतान स्टेबलकॉइन के लिए पहला संघीय नियामक ढांचा स्थापित किया।
इस कानून के तहत मुख्य आवश्यकताएँ हैं:
अब अमेरिकी नियामक, जैसे Office of the Comptroller of the Currency, इन नियमों को लागू करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश तैयार कर रहे हैं।
स्पष्ट नियम बड़ी कंपनियों के लिए भरोसा बढ़ा सकते हैं, लेकिन साथ ही छोटे या ऑफशोर खिलाड़ियों के लिए अनुपालन लागत भी बढ़ा सकते हैं।
ब्रायन आर्मस्ट्रॉन्ग का यह दावा कि AI एजेंटों का व्यापार एक दिन मानव व्यापार से बड़ा हो सकता है, फिलहाल एक भविष्यवाणी है, स्थापित तथ्य नहीं।
इस विचार के पीछे तर्क है:
फिर भी उपलब्ध डेटा दिखाता है कि यह इकोसिस्टम अभी शुरुआती अवस्था में है।
दूसरे शब्दों में, इंफ्रास्ट्रक्चर की दौड़ शुरू हो चुकी है—लेकिन वास्तविक “एजेंट इकॉनमी” अभी बस आकार लेना शुरू कर रही है।
यदि यह मॉडल सफल होता है, तो जीत उन्हीं कंपनियों की होगी जो इंटरनेट के लिए मशीन‑नेटिव भुगतान, पहचान और सेवा बाज़ार तैयार करेंगी।
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