Ostium ने Nasdaq के आधिकारिक U.S. इक्विटी मार्केट डेटा को अपने DeFi प्लेटफ़ॉर्म में जोड़कर स्टॉक‑लिंक्ड perpetual contracts शुरू किए हैं। ट्रेडर्स असली शेयर खरीदे बिना क्रिप्टो कोलैटरल और self‑custodial वॉलेट के ज़रिए अमेरिकी स्टॉक्स की कीमतों पर long या short पोज़िशन ले सकते हैं। यह साझेदारी TradFi और DeFi के बढ़ते...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How does Ostium’s new partnership with Nasdaq make it the first DeFi platform to offer Nasdaq-powered stock perpetuals, what does this mean. Article summary: Ostium’s Nasdaq deal matters because it plugs official Nasdaq U.S. equity market data into an on-chain perpetuals venue, making Ostium the first DeFi trading platform claiming Nasdaq-powered stock perpetual contracts. In. Topic tags: general, general web, user generated, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "A DeFi exchange becomes the first to offer equity perpetuals powered by Nasdaq data Crypto World Daily 7680 subscribers 3 views 19 May 2026 The partnership underscores both the ra" source context "A DeFi exchange becomes the first to offer equity ... - YouTube" Reference image 2: visual subject "The im
विकेंद्रीकृत डेरिवेटिव प्लेटफ़ॉर्म Ostium ने Nasdaq के साथ साझेदारी की है ताकि अमेरिकी शेयर बाज़ार का आधिकारिक डेटा सीधे उसके ऑन‑चेन ट्रेडिंग सिस्टम में इस्तेमाल किया जा सके। इसके साथ प्लेटफ़ॉर्म ने ऐसे perpetual contracts लॉन्च किए हैं जो व्यक्तिगत स्टॉक्स की कीमतों से जुड़े होते हैं। Ostium का दावा है कि यह पहला DeFi प्लेटफ़ॉर्म है जो Nasdaq के मार्केट डेटा से संचालित स्टॉक परपेचुअल्स उपलब्ध करा रहा है।
इसका मतलब यह है कि ट्रेडर्स अब पारंपरिक ब्रोकरेज अकाउंट के बिना भी—सिर्फ क्रिप्टो वॉलेट और क्रिप्टो कोलैटरल के ज़रिए—अमेरिकी शेयरों की कीमतों पर ट्रेड कर सकते हैं।
यह समझना ज़रूरी है कि Ostium पर उपलब्ध प्रोडक्ट टोकनाइज़्ड शेयर नहीं हैं। यह ऐसे डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट हैं जो सिर्फ स्टॉक की कीमत को ट्रैक करते हैं। ट्रेडर्स इनमें कीमत के बढ़ने या गिरने पर दांव लगाते हैं, लेकिन उन्हें असली शेयर का मालिकाना हक नहीं मिलता।
दूसरे शब्दों में, यदि कोई ट्रेडर Apple या Tesla से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट ट्रेड करता है, तो वह कंपनी के शेयर नहीं खरीद रहा—बल्कि उनकी कीमत की दिशा पर सट्टा लगा रहा होता है। इन कॉन्ट्रैक्ट्स की प्राइसिंग और रिस्क मॉडल Nasdaq के इक्विटी मार्केट डेटा से जुड़ी होती है।
इनकी मुख्य विशेषताएँ:
क्योंकि ये कॉन्ट्रैक्ट असली शेयर की बजाय डेटा फ़ीड को संदर्भ बनाते हैं, इन्हें अक्सर real‑world prices से जुड़े crypto‑native derivatives माना जाता है।
प्लेटफ़ॉर्म का अनुभव काफी हद तक क्रिप्टो perpetual एक्सचेंज जैसा है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहाँ अंडरलाइंग एसेट्स में स्टॉक्स, इंडेक्स, कमोडिटीज़ और फॉरेक्स भी शामिल हो सकते हैं।
ट्रेडिंग का एक सामान्य फ्लो कुछ ऐसा होता है:
ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर का एक असर यह भी है कि ट्रेडिंग अक्सर 24/7 उपलब्ध हो सकती है, जबकि पारंपरिक अमेरिकी स्टॉक बाज़ार तय समय में ही खुलता है। कुछ प्लेटफ़ॉर्म इसे पारदर्शिता और तेज़ सेटलमेंट का फायदा बताते हैं।
इस साझेदारी का सबसे बड़ा महत्व डेटा लेयर से जुड़ा है।
कई DeFi डेरिवेटिव प्लेटफ़ॉर्म अलग‑अलग प्राइस फ़ीड या ओरैकल सिस्टम पर निर्भर रहते हैं। Nasdaq के आधिकारिक इक्विटी मार्केट डेटा को शामिल करके Ostium का लक्ष्य प्राइसिंग की सटीकता और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
इसके अलावा यह एक बड़े रुझान को भी दिखाता है—पारंपरिक वित्तीय संस्थान धीरे‑धीरे DeFi इकोसिस्टम को डेटा और इंफ्रास्ट्रक्चर दे रहे हैं।
सीधे DeFi एक्सचेंज बनाने के बजाय Nasdaq जैसी कंपनियाँ मार्केट डेटा, टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकती हैं। इससे TradFi और DeFi के बीच की दूरी कम होती दिख रही है।
Ostium ने हाल के समय में तेज़ी से विस्तार किया है, खासकर उन perpetual डेरिवेटिव्स पर ध्यान देकर जो real‑world assets से जुड़े हैं।
कुछ प्रमुख आँकड़े:
कंपनी का लक्ष्य वैश्विक बाज़ार—जैसे स्टॉक्स, कमोडिटीज़, FX और इंडेक्स—को ब्लॉकचेन पर लाना है, जबकि उपयोगकर्ता अपने फंड का नियंत्रण खुद रखें।
तकनीकी रूप से यह बड़ा कदम है, लेकिन नियामकीय स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
कई अहम सवाल अभी खुले हैं:
1. इन प्रोडक्ट्स की कानूनी श्रेणी क्या होगी
अमेरिकी नियामक इन्हें securities‑based swaps, डेरिवेटिव या किसी अन्य वित्तीय साधन के रूप में वर्गीकृत कर सकते हैं—यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इन्हें कैसे संरचित और पेश किया जाता है।
2. DeFi प्रतिभागियों की कानूनी स्थिति
U.S. Securities and Exchange Commission (SEC) में जमा कुछ सबमिशन में यह बहस चल रही है कि DeFi डेवलपर्स, लिक्विडिटी प्रोवाइडर्स या फ्रंट‑एंड ऑपरेटर को मौजूदा कानूनों के तहत एक्सचेंज, ब्रोकर या डीलर माना जाए या नहीं।
3. सीमा‑पार (cross‑border) एक्सेस
भले ही प्लेटफ़ॉर्म केवल गैर‑अमेरिकी उपयोगकर्ताओं को अनुमति देने का दावा करे, फिर भी अगर अमेरिकी नागरिक प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँचते हैं या अमेरिकी सिक्योरिटीज़ की कीमतें रेफरेंस एसेट के रूप में इस्तेमाल होती हैं, तो नियामकीय जोखिम पैदा हो सकता है।
इसी बीच कुछ उद्योग समूहों ने Commodity Futures Trading Commission (CFTC) से भी स्पष्टता मांगी है कि perpetual डेरिवेटिव्स को कैसे विनियमित किया जाना चाहिए।
Ostium और Nasdaq का यह सहयोग वित्तीय बाज़ारों में एक बड़े बदलाव की झलक देता है।
कुछ DeFi प्लेटफ़ॉर्म सीधे शेयरों को टोकनाइज़ करने के बजाय ऐसे डेरिवेटिव बना रहे हैं जो स्टॉक एक्सपोज़र को दोहराते हैं, लेकिन पूरी तरह क्रिप्टो‑नेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलते हैं। इससे दुनिया भर के ट्रेडर्स पारंपरिक ब्रोकरेज सिस्टम के बिना भी इक्विटी की कीमतों पर ट्रेड कर सकते हैं।
साथ ही Nasdaq जैसे संस्थानों की भागीदारी से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में पारंपरिक मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर और विकेंद्रीकृत ट्रेडिंग सिस्टम अधिक गहराई से जुड़ सकते हैं।
हालाँकि यह मॉडल मुख्यधारा में आएगा या नहीं, यह काफी हद तक भविष्य में मिलने वाली नियामकीय स्पष्टता पर निर्भर करेगा। फिलहाल Ostium के Nasdaq‑powered स्टॉक परपेचुअल्स TradFi और DeFi के मिलन का एक शुरुआती उदाहरण माने जा रहे हैं।
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Ostium ने Nasdaq के आधिकारिक U.S. इक्विटी मार्केट डेटा को अपने DeFi प्लेटफ़ॉर्म में जोड़कर स्टॉक‑लिंक्ड perpetual contracts शुरू किए हैं।
Ostium ने Nasdaq के आधिकारिक U.S. इक्विटी मार्केट डेटा को अपने DeFi प्लेटफ़ॉर्म में जोड़कर स्टॉक‑लिंक्ड perpetual contracts शुरू किए हैं। ट्रेडर्स असली शेयर खरीदे बिना क्रिप्टो कोलैटरल और self‑custodial वॉलेट के ज़रिए अमेरिकी स्टॉक्स की कीमतों पर long या short पोज़िशन ले सकते हैं।
यह साझेदारी TradFi और DeFi के बढ़ते मेल को दिखाती है, हालांकि ऐसे प्रोडक्ट्स को लेकर वैश्विक नियामकीय स्पष्टता अभी भी नहीं है।