चीन AMD के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार 2024 में कंपनी ने चीन से लगभग 6.2 अरब डॉलर का राजस्व कमाया, जो अमेरिका के बाहर उसके सबसे बड़े क्षेत्रीय बाजारों में से एक है।
इसी वजह से AMD ही नहीं, बल्कि Nvidia और Micron जैसी अन्य अमेरिकी चिप कंपनियां भी भू‑राजनीतिक तनाव के बावजूद चीन के साथ संपर्क बनाए रख रही हैं। कंपनी के शीर्ष अधिकारी समय‑समय पर चीन जाकर सरकारी अधिकारियों और उद्योग भागीदारों से मिलते रहे हैं।
चीन AMD के लिए कई कारणों से रणनीतिक है:
इन रिश्तों को बनाए रखने से AMD अपने हार्डवेयर को वैश्विक कंप्यूटिंग सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति में रख सकती है।
AMD की चीन रणनीति पर सबसे बड़ा प्रभाव अमेरिकी निर्यात नियंत्रणों का है। ये नियम उच्च‑प्रदर्शन वाले AI चिप्स और GPU की बिक्री पर रोक लगाते हैं, खासकर ऐसे हार्डवेयर पर जिनका उपयोग सैन्य या अत्याधुनिक कंप्यूटिंग में हो सकता है।
इन प्रतिबंधों का कंपनी की आय पर वास्तविक असर पड़ा है। AMD का अनुमान है कि उसके Instinct MI308 AI एक्सेलेरेटर पर लगे प्रतिबंधों के कारण 2025 में लगभग 1.5 अरब डॉलर तक का संभावित राजस्व नुकसान हो सकता है।
इसके जवाब में AMD ने कुछ रणनीतिक रास्ते अपनाए हैं, जैसे:
उदाहरण के लिए, चीन के लिए बनाए गए कस्टम AI एक्सेलेरेटर की शिपमेंट दोबारा शुरू होने पर एक तिमाही में सैकड़ों मिलियन डॉलर की बिक्री दर्ज की गई।
इससे स्पष्ट है कि कंपनी को लगातार तीन चीजों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है:
लिसा सू की चीन यात्रा का समय भी महत्वपूर्ण है। वह 19 मई को शंघाई में AMD AI Developer Day 2026 में मुख्य भाषण देने वाली हैं, जहां कंपनी अपने नए AI हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम को प्रदर्शित करेगी।
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से उन डेवलपर्स पर केंद्रित है जो AMD प्लेटफॉर्म पर AI सिस्टम बनाते हैं। हाल के वर्षों में चिप कंपनियां डेवलपर समुदाय को मजबूत करने को अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं, क्योंकि इससे उनके हार्डवेयर की स्वीकार्यता बढ़ती है।
चीन में ऐसा कार्यक्रम आयोजित करने से AMD के कई उद्देश्य पूरे होते हैं:
यह रणनीति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जब हार्डवेयर निर्यात पर प्रतिबंध होते हैं, तब भी सॉफ्टवेयर और डेवलपर इकोसिस्टम प्रभाव बनाए रख सकते हैं।
लिसा सू की बीजिंग बैठक को AMD की दीर्घकालिक रणनीति के हिस्से के रूप में समझा जा सकता है।
एक तरफ चीन कंपनी के लिए बड़ा राजस्व स्रोत और AI बाजार है, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिकी निर्यात नियंत्रण सबसे उन्नत तकनीक की बिक्री को सीमित करते हैं। इसलिए AMD फिलहाल किसी बड़े विस्तार की घोषणा से ज्यादा रिश्तों, साझेदारियों और तकनीकी इकोसिस्टम को बनाए रखने पर ध्यान देती दिख रही है।
इस दृष्टिकोण से देखें तो बीजिंग में उच्च‑स्तरीय बैठक और उसके तुरंत बाद शंघाई में होने वाला डेवलपर इवेंट—दोनों मिलकर यह संकेत देते हैं कि AMD चीन के टेक इकोसिस्टम में अपनी जगह बनाए रखना चाहती है, भले ही वैश्विक सेमीकंडक्टर राजनीति लगातार जटिल होती जा रही हो।
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