फिर भी कंपनी का कहना है कि मध्य‑पूर्व संघर्ष, तेल की कीमतों और टिकट कीमतों में कमजोरी के कारण FY2027 के लिए स्पष्ट लाभ अनुमान देना अभी जल्दबाज़ी होगा।
एयरलाइन उद्योग में ईंधन सबसे बड़े खर्चों में से एक होता है। अगर तेल महंगा रहता है तो मुनाफा प्रभावित हो सकता है। Ryanair के CEO माइकल ओ’लीरी ने कहा है कि तेल की कीमतें ऊंची रहने पर कंपनी के मुनाफे पर “कुछ दबाव” आ सकता है।
संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है और इससे टिकट कीमतों और मांग दोनों पर असर पड़ रहा है।
Ryanair के पास एक महत्वपूर्ण सुरक्षा भी है—फ्यूल हेजिंग। कंपनी ने FY2027 की अपनी लगभग 80% जेट फ्यूल जरूरत को लगभग $67 प्रति बैरल पर पहले से लॉक कर रखा है।
इसका मतलब है कि अगर बाजार में तेल की कीमत अचानक बहुत बढ़ भी जाए, तो कंपनी की अधिकांश ईंधन लागत पहले से तय कीमत पर सुरक्षित रहती है। लेकिन:
मध्य‑पूर्व संघर्ष के शुरुआती चरण में सबसे बड़ी चिंता Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) के जरिए तेल और ईंधन की सप्लाई पर थी—यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है।
अगर वहां व्यवधान होता है तो यूरोप को मिलने वाला जेट फ्यूल प्रभावित हो सकता है। हालांकि अब Ryanair का कहना है कि सप्लायर नए रास्ते और स्रोत ढूंढ रहे हैं, इसलिए यूरोप में जेट फ्यूल की कमी का खतरा घटता दिख रहा है।
CEO ओ’लीरी ने भी कहा कि इस गर्मी यूरोप में जेट फ्यूल सप्लाई में बड़ी बाधा की उम्मीद नहीं है, हालांकि मांग बढ़ाने के लिए कंपनी को टिकट कीमतें कम रखनी पड़ सकती हैं।
यह समस्या सिर्फ एक एयरलाइन तक सीमित नहीं है। कई यूरोपीय एयरलाइनों को तीन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
Ryanair अभी भी मजबूत स्थिति में है—खासकर फ्यूल हेजिंग और बड़ी यात्री संख्या के कारण। लेकिन अमेरिका‑ईरान संघर्ष से पैदा हुई अनिश्चितता ने कंपनी के लिए FY2027 का आउटलुक धुंधला कर दिया है।
अगर तेल की कीमतें ऊंची रहीं और टिकट किराये नहीं बढ़े, तो आने वाले वित्तीय वर्ष में एयरलाइन के मुनाफे की वृद्धि सीमित हो सकती है।
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