टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस के वैज्ञानिकों ने Explainable AI आधारित मॉडल बनाकर जटिल मैग्नेटिक डोमेन इमेज को मापने योग्य भौतिक विशेषताओं में बदला और उन्हें ऊर्जा लैंडस्केप से जोड़ा।[1][2] Persistent homology तकनीक की मदद से उलझे हुए ‘maze’ जैसे मैग्नेटिक पैटर्न को मापा गया और उन्हें नॉन‑ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील में...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did researchers at Tokyo University of Science use an explainable AI-driven physics model based on persistent homology and an entropy-ex. Article summary: Researchers used an explainable AI workflow to convert complex microscope images of maze-like magnetic domains into interpretable physical features, then fit those features to an entropy-extended Ginzburg–Landau free-ene. Topic tags: general, government, general web, education, academic. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Explainable analysis of the complex maze magnetic domain structure through extension of the Landau free energy model by adding an entropy feature. Maze magnetic domains exhibit c" source context "Explainable analysis of the complex maze magnetic domain ..." Reference image 2: visual subject "#
इलेक्ट्रिक मोटरों में इस्तेमाल होने वाली सॉफ्ट मैग्नेटिक सामग्री बार‑बार अपनी मैग्नेटाइजेशन दिशा बदलती है क्योंकि मोटर में करंट की दिशा लगातार बदलती रहती है। हर बार यह दिशा बदलने की प्रक्रिया ऊर्जा खर्च करती है। इसी नुकसान को आयरन लॉस या मैग्नेटिक हिस्टेरिसिस लॉस कहा जाता है। इसका बड़ा कारण मोटर के कोर के अंदर मौजूद सूक्ष्म मैग्नेटिक डोमेन का लगातार पुनर्व्यवस्थित होना है।
जापान की टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस (TUS) के शोधकर्ताओं ने इस जटिल प्रक्रिया को समझने के लिए एक नया physics‑guided explainable AI framework विकसित किया। इस मॉडल ने विशेष रूप से उन जटिल पैटर्नों का विश्लेषण किया जिन्हें वैज्ञानिक maze‑like magnetic domains कहते हैं—ऐसे डोमेन जो माइक्रोस्कोप में किसी भूलभुलैया जैसे दिखाई देते हैं।
इस नई प्रणाली ने टोपोलॉजिकल डेटा विश्लेषण और एक विस्तारित ऊर्जा मॉडल को जोड़कर यह दिखाया कि मैग्नेटाइजेशन रिवर्सल के दौरान ऊर्जा कहाँ और क्यों खर्च होती है।
मोटर कोर में इस्तेमाल होने वाली सामग्री—जैसे नॉन‑ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील—के अंदर बहुत छोटे‑छोटे क्षेत्र होते हैं जिन्हें मैग्नेटिक डोमेन कहा जाता है। हर डोमेन में चुंबकीय दिशा एक जैसी होती है, लेकिन पड़ोसी डोमेन की दिशा अलग हो सकती है।
कुछ स्थितियों में ये डोमेन सीधी रेखाओं में नहीं बल्कि जटिल जिग‑जैग या भूलभुलैया जैसे पैटर्न बना लेते हैं, जिन्हें “maze domains” कहा जाता है। तापमान या बाहरी चुंबकीय क्षेत्र बदलने पर ये पैटर्न तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए पारंपरिक भौतिक मॉडल इन्हें सही ढंग से समझ नहीं पाते थे।
जब मोटर का चुंबकीय क्षेत्र उलटता है, तो इन डोमेन को भी अपनी दिशा बदलनी पड़ती है—और यही प्रक्रिया ऊर्जा नुकसान का बड़ा कारण बनती है।
शोधकर्ताओं ने सबसे पहले माइक्रोस्कोप से ली गई मैग्नेटिक डोमेन की तस्वीरों का विश्लेषण किया।
इसके लिए उन्होंने persistent homology नाम की गणितीय तकनीक का उपयोग किया, जो टोपोलॉजिकल डेटा विश्लेषण का हिस्सा है। यह तकनीक जटिल संरचनाओं में मौजूद पैटर्न—जैसे लूप, शाखाएं और कनेक्शन—को पहचानकर उन्हें संख्यात्मक विशेषताओं में बदल देती है।
इससे पहले जो पैटर्न केवल तस्वीरों में दिखाई देते थे, वे अब मापने योग्य डेटा में बदल गए, जिन्हें मशीन लर्निंग और भौतिक मॉडल आसानी से समझ सकते हैं।
पारंपरिक Landau या Ginzburg–Landau मॉडल आम तौर पर फेज ट्रांज़िशन और मैग्नेटाइजेशन जैसी प्रक्रियाओं को ऊर्जा समीकरणों से समझाते हैं। लेकिन maze‑जैसे जटिल डोमेन में संभावित संरचनाओं की संख्या इतनी अधिक होती है कि ये मॉडल उन्हें पूरी तरह नहीं समझ पाते।
इस समस्या को हल करने के लिए वैज्ञानिकों ने ऊर्जा समीकरण में एक नया तत्व जोड़ा—एंट्रॉपी फीचर। इससे बना नया ढांचा entropy‑feature‑extended Ginzburg–Landau (eX‑GL) मॉडल कहलाता है।
एंट्रॉपी जोड़ने का मतलब यह है कि मॉडल अब केवल ऊर्जा ही नहीं बल्कि डोमेन की संरचनात्मक जटिलता और संभावित व्यवस्थाओं की संख्या को भी ध्यान में रख सकता है।
जब persistent homology से निकाली गई टोपोलॉजिकल विशेषताओं को इस ऊर्जा लैंडस्केप में फिट किया गया, तो वैज्ञानिकों को पता चला कि:
इस तरह यह मॉडल explainable AI बन गया—जो न केवल भविष्यवाणी करता है बल्कि उसके पीछे का भौतिक कारण भी बताता है।
जब शोधकर्ताओं ने इस मॉडल का उपयोग किया, तो उन्होंने देखा कि maze‑जैसे डोमेन पैटर्न वास्तव में फ्री‑एनर्जी लैंडस्केप में मौजूद विशेष ऊर्जा बाधाओं से जुड़े होते हैं। ये बाधाएँ तय करती हैं कि डोमेन कितनी आसानी से अपनी दिशा बदल सकते हैं।
इससे पता चला कि मैग्नेटाइजेशन रिवर्सल केवल एक साधारण ऊर्जा बदलाव नहीं है, बल्कि इसमें तीन चीजों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है:
इसी वजह से maze‑डोमेन वाले मैटेरियल में यह प्रक्रिया अचानक और अधिक ऊर्जा‑खपत वाली हो सकती है।
इस शोध का एक अहम परिणाम यह है कि वैज्ञानिक अब माइक्रोस्कोपिक डोमेन संरचना को सीधे मोटर के कुल ऊर्जा नुकसान (हिस्टेरिसिस) से जोड़ सकते हैं।
नए फ्रेमवर्क से यह स्वतः पहचाना जा सकता है कि नॉन‑ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील जैसे मैटेरियल में मैग्नेटाइजेशन रिवर्सल के दौरान ऊर्जा कहाँ नष्ट होती है।
क्योंकि हिस्टेरिसिस लॉस डोमेन की अपरिवर्तनीय संरचनात्मक बदलाओं से आता है, इसलिए ऊर्जा बाधाओं की पहचान करना सीधे यह दिखाता है कि नुकसान कहाँ हो रहा है।
आज के इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में उच्च दक्षता वाली मोटर बेहद महत्वपूर्ण होती है। मोटर के अंदर चुंबकीय क्षेत्र लगातार दिशा बदलता है, जिससे डोमेन बार‑बार पुनर्गठित होते हैं और आयरन लॉस पैदा होता है।
यदि वैज्ञानिक यह पहचान सकें कि कौन‑सी डोमेन संरचनाएँ और तापमान स्थितियाँ सबसे अधिक ऊर्जा नुकसान पैदा करती हैं, तो इंजीनियर:
इससे भविष्य में इलेक्ट्रिक मोटरों की ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में मदद मिल सकती है, हालांकि मौजूदा अध्ययन ने किसी निश्चित दक्षता वृद्धि का आंकड़ा नहीं दिया है।
यह शोध केवल मोटर मैटेरियल तक सीमित नहीं है। यह दिखाता है कि Explainable AI और भौतिक सिद्धांतों का संयोजन जटिल माइक्रोस्ट्रक्चर को समझने का एक शक्तिशाली तरीका बन सकता है।
ब्लैक‑बॉक्स मशीन लर्निंग की बजाय यह ढांचा टोपोलॉजी और थर्मोडायनामिक्स से निकली समझने योग्य विशेषताओं को उपयोग करता है। इससे वैज्ञानिकों को न केवल भविष्यवाणी मिलती है बल्कि जटिल पदार्थों के अंदर छिपे वास्तविक भौतिक तंत्र भी समझ में आते हैं।
जैसे‑जैसे मैटेरियल साइंस डेटा‑आधारित तरीकों पर निर्भर होती जा रही है, ऐसे मॉडल AI और पारंपरिक भौतिकी के बीच पुल बनाकर नए वैज्ञानिक खोजों का रास्ता खोल सकते हैं।
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टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस के वैज्ञानिकों ने Explainable AI आधारित मॉडल बनाकर जटिल मैग्नेटिक डोमेन इमेज को मापने योग्य भौतिक विशेषताओं में बदला और उन्हें ऊर्जा लैंडस्केप से जोड़ा।[1][2]
टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस के वैज्ञानिकों ने Explainable AI आधारित मॉडल बनाकर जटिल मैग्नेटिक डोमेन इमेज को मापने योग्य भौतिक विशेषताओं में बदला और उन्हें ऊर्जा लैंडस्केप से जोड़ा।[1][2] Persistent homology तकनीक की मदद से उलझे हुए ‘maze’ जैसे मैग्नेटिक पैटर्न को मापा गया और उन्हें नॉन‑ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील में हिस्टेरिसिस व्यवहार से जोड़ा गया।[1][2]
इन मैकेनिज्म को समझकर भविष्य में ऐसे मोटर मैटेरियल डिजाइन किए जा सकते हैं जिनमें आयरन लॉस कम हो और इलेक्ट्रिक वाहन अधिक ऊर्जा‑कुशल बन सकें।[1][2]