IDAHOBIT के आसपास EU संस्थानों ने कन्वर्ज़न प्रैक्टिस पर प्रतिबंध की मांग करने वाली नागरिक पहल और नई 2026–2030 LGBTIQ+ समानता रणनीति को प्रमुखता दी। यूरोपीय संसद की LIBE समिति ने इस पहल पर सार्वजनिक सुनवाई की, जबकि यूरोपीय आयोग ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की और सदस्य देशों से कार्रवाई करने का आह्वान किया। यह अभियान...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What actions did EU institutions take to mark IDAHOBIT, how does the European Commission’s response to the 1.2 million-signature citizens’ i. Article summary: EU institutions marked IDAHOBIT by foregrounding EU action on LGBTIQ+ equality, including Parliament attention to a citizens’ initiative on banning conversion practices and the Commission’s new 2026–2030 LGBTIQ+ Equality. Topic tags: general, government, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "European Union officials are holding a celebration with a pink background, a white heart outline, and text promoting IDAHOBIT 2026 and sexual and gender diversity awareness." Reference image 2: visual subject "The image features a pink background with white and bold text emphasizing the theme of IDAHO
अंतरराष्ट्रीय दिवस IDAHOBIT (International Day Against Homophobia, Transphobia and Biphobia) हर साल 17 मई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य LGBTQ समुदाय के खिलाफ भेदभाव और हिंसा के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष यूरोपीय संघ (EU) में यह दिन केवल प्रतीकात्मक अभियान तक सीमित नहीं रहा—इसे महत्वपूर्ण नीतिगत चर्चाओं के साथ जोड़ा गया।
मुख्य रूप से दो मुद्दे केंद्र में रहे: कन्वर्ज़न प्रैक्टिस (conversion practices) पर प्रतिबंध की मांग करने वाली नागरिक पहल और EU की नई LGBTIQ+ समानता रणनीति 2026–2030। इन दोनों ने यूरोप में LGBTQ अधिकारों से जुड़ी नीति बहस को नई गति दी।
यूरोपीय संघ की कई संस्थाओं ने इस अवसर पर LGBTQ समानता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।
सबसे प्रमुख कदम था यूरोपीय संसद की नागरिक स्वतंत्रता, न्याय और आंतरिक मामलों की समिति (LIBE) द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक सुनवाई। यह सुनवाई उस यूरोपीय नागरिक पहल (European Citizens’ Initiative – ECI) पर केंद्रित थी जिसमें पूरे EU में कन्वर्ज़न प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
कन्वर्ज़न प्रैक्टिस से आशय उन हस्तक्षेपों से है जिनका उद्देश्य किसी व्यक्ति की यौन अभिविन्यास (sexual orientation) या लैंगिक पहचान (gender identity) को बदलना, दबाना या “सुधारना” होता है। पहल के आयोजकों का कहना है कि ऐसी प्रथाओं को पूरे EU में कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला। रिपोर्टों के अनुसार इस पहल ने सिर्फ छह दिनों में 1.2 मिलियन से अधिक हस्ताक्षर जुटा लिए, जो EU स्तर पर किसी मुद्दे के लिए तेज़ी से जुटा समर्थन माना जा रहा है।
इसी समय EU संस्थानों ने LGBTQ अधिकारों से जुड़ी व्यापक नीतियों को भी सामने रखा, खासकर यूरोपीय आयोग की नई LGBTIQ+ Equality Strategy 2026–2030 को।
EU के नियमों के अनुसार यदि किसी European Citizens’ Initiative को कम से कम 10 लाख वैध हस्ताक्षर मिल जाते हैं, तो यूरोपीय आयोग को उस प्रस्ताव की समीक्षा कर आधिकारिक प्रतिक्रिया देनी होती है।
मई 2026 में आयोग ने “Ban on conversion practices in the European Union” नामक इस पहल पर औपचारिक संचार (communication) जारी किया। यह प्रतिक्रिया IDAHOBIT से कुछ ही दिन पहले आई और इसमें LGBTQ अधिकारों के प्रति EU की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
हालाँकि उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट है कि आयोग ने अभी तक पूरे EU में तुरंत लागू होने वाला कानूनी प्रतिबंध प्रस्तावित नहीं किया है। इसके बजाय आयोग ने संभावित कानूनी विकल्पों का अध्ययन करने और व्यापक समानता नीति ढांचे के भीतर इस मुद्दे पर आगे काम करने की बात कही है।
साथ ही, EU अधिकारियों ने सदस्य देशों से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी प्रथाओं को रोकने या प्रतिबंधित करने के उपाय करें, क्योंकि इन्हें व्यक्तियों की पहचान को दबाने वाले हानिकारक हस्तक्षेप माना जाता है।
यूरोपीय आयोग की नई रणनीति अगले पाँच वर्षों के लिए LGBTQ समानता से जुड़ी EU नीतियों की दिशा तय करती है। इसका आधार यह सिद्धांत है कि EU में हर व्यक्ति सुरक्षित रहे और अपनी पहचान के साथ स्वतंत्र रूप से जी सके।
रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
1. Protection (सुरक्षा)
LGBTIQ+ लोगों के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न और भेदभाव को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करना, जिसमें हेट क्राइम और हानिकारक प्रथाओं के खिलाफ बेहतर कार्रवाई शामिल है।
2. Empowerment (सशक्तिकरण)
समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति में समान भागीदारी सुनिश्चित करना। इसमें समानता संस्थाओं को मजबूत करना और रोजगार तथा सार्वजनिक सेवाओं में भेदभाव रोकना शामिल है।
3. Engagement (सहभागिता)
EU संस्थानों, सदस्य देशों और नागरिक समाज के बीच सहयोग बढ़ाकर समावेशी नीतियों को लागू करना।
रणनीति का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य यह भी है कि LGBTIQ+ समानता को EU की विभिन्न नीतियों में मुख्यधारा (mainstream) का हिस्सा बनाया जाए, ताकि “Union of Equality” की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा सके।
इस साल IDAHOBIT के आसपास हुई गतिविधियाँ इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं क्योंकि यूरोप में LGBTQ समुदाय के खिलाफ भेदभाव और उत्पीड़न अब भी व्यापक है।
यूरोपीय आयोग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार लगभग हर तीन में से एक LGBTIQ+ व्यक्ति ने पिछले 12 महीनों में भेदभाव का अनुभव किया।
EU की एजेंसी Fundamental Rights Agency (FRA) के बड़े सर्वेक्षणों में भी पाया गया है कि यूरोप में कई लोग अब अपनी पहचान के साथ खुलकर जी रहे हैं, लेकिन उत्पीड़न और हिंसा के मामले अभी भी व्यापक हैं।
ऐसे माहौल में कन्वर्ज़न प्रैक्टिस पर प्रतिबंध की मांग करने वाली पहल को कम समय में मिले लाखों हस्ताक्षर यह दिखाते हैं कि नागरिक स्तर पर भी मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग बढ़ रही है।
इस साल IDAHOBIT के दौरान जो घटनाएँ सामने आईं, वे यह संकेत देती हैं कि यूरोपीय संघ अब जागरूकता अभियानों को ठोस नीतिगत कदमों और नागरिक भागीदारी से जोड़ रहा है।
कन्वर्ज़न प्रैक्टिस पर EU‑व्यापी प्रतिबंध को लेकर अंतिम निर्णय अभी दूर हो सकता है। फिर भी नागरिकों की बड़ी पहल, यूरोपीय संसद की सक्रियता और नई 2026–2030 रणनीति यह संकेत देती हैं कि आने वाले वर्षों में EU की राजनीति और नीति‑निर्माण में LGBTIQ+ अधिकार एक प्रमुख मुद्दा बने रहेंगे।
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IDAHOBIT के आसपास EU संस्थानों ने कन्वर्ज़न प्रैक्टिस पर प्रतिबंध की मांग करने वाली नागरिक पहल और नई 2026–2030 LGBTIQ+ समानता रणनीति को प्रमुखता दी।
IDAHOBIT के आसपास EU संस्थानों ने कन्वर्ज़न प्रैक्टिस पर प्रतिबंध की मांग करने वाली नागरिक पहल और नई 2026–2030 LGBTIQ+ समानता रणनीति को प्रमुखता दी। यूरोपीय संसद की LIBE समिति ने इस पहल पर सार्वजनिक सुनवाई की, जबकि यूरोपीय आयोग ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की और सदस्य देशों से कार्रवाई करने का आह्वान किया।
यह अभियान ऐसे समय में सामने आया है जब सर्वेक्षणों के अनुसार यूरोप में लगभग हर तीन में से एक LGBTIQ+ व्यक्ति ने पिछले वर्ष भेदभाव का अनुभव किया।