पिछले कई वर्षों में अमेरिकी संसद में इस विषय पर जांच, सुनवाई और कई सुधार प्रस्ताव आए हैं। लेकिन कई सांसदों का मानना है कि इन प्रयासों से अभी तक वास्तविक बदलाव नहीं आया है।
कांग्रेस के अनुसार सोशल मीडिया पर बच्चों के सामने कुछ बड़े खतरे बने हुए हैं:
कई सांसदों का कहना है कि कंपनियों द्वारा स्वैच्छिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए अब कड़े कानूनी नियमों पर विचार किया जा रहा है।
बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में कई प्रमुख विधेयक चर्चा में हैं।
यह प्रस्ताव सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक प्रकार की "ड्यूटी ऑफ केयर" लागू करने की बात करता है। इसका मतलब होगा कि कंपनियों को सक्रिय रूप से उन खतरों को कम करना होगा जो बच्चों को ऑनलाइन नुकसान पहुंचा सकते हैं। हाल के संस्करण में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (First Amendment) से जुड़े चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ संशोधन भी किए गए हैं।
Children and Teens’ Online Privacy Protection Act, जिसे आम तौर पर COPPA 2.0 कहा जाता है, 1998 के मूल COPPA कानून का अपडेटेड संस्करण है। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों के व्यक्तिगत डेटा की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करना है और गोपनीयता सुरक्षा को किशोर उपयोगकर्ताओं तक भी विस्तारित करना है।
2026 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में पेश इस प्रस्ताव का लक्ष्य बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित हानिकारक वातावरण से दूर रखना और माता‑पिता व नियामकों को अधिक नियंत्रण देना है।
हालांकि इन बिलों पर वर्षों से चर्चा हो रही है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, उम्र सत्यापन (age verification), गोपनीयता और कानून लागू करने की शक्तियों जैसे मुद्दों पर मतभेद के कारण अंतिम कानून बनने की प्रक्रिया धीमी रही है।
जहां संघीय स्तर पर कानून अटकते रहे हैं, वहीं अमेरिका के कई राज्य अपने स्तर पर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने के लिए तेजी से कदम उठा रहे हैं।
2026 में ही लगभग 40 राज्यों और प्यूर्टो रिको में बच्चों के डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोग से जुड़े करीब 300 विधेयक पेश किए गए।
इनमें से कई प्रस्ताव निम्न मुद्दों पर केंद्रित हैं:
हालांकि इन कानूनों को अदालतों में चुनौती भी दी जा रही है। टेक उद्योग से जुड़े संगठन कहते हैं कि उम्र सत्यापन जैसे नियम First Amendment (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का उल्लंघन कर सकते हैं और उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को भी खतरे में डाल सकते हैं।
Meta, Google और Snap के मुकाबले TikTok की स्थिति थोड़ी अलग है, क्योंकि उसके मामले में बच्चों की सुरक्षा के साथ‑साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की बहस भी जुड़ी हुई है।
2024 में अमेरिकी कांग्रेस ने एक कानून पारित किया था जिसके तहत TikTok को अपनी चीनी मूल कंपनी ByteDance से अलग होना या अमेरिका में प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता था। सांसदों का तर्क था कि चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के कारण अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के डेटा तक चीनी सरकार की पहुंच हो सकती है या एल्गोरिदम पर प्रभाव डाला जा सकता है।
इसके बाद TikTok ने अमेरिकी निवेशकों के साथ एक पुनर्गठन समझौता किया, जिसमें प्लेटफॉर्म के अमेरिकी संचालन को एक नए संयुक्त उद्यम के माध्यम से चलाने की योजना बनी और सुरक्षा निगरानी तंत्र भी शामिल किया गया।
फिर भी कई सांसदों को संदेह है कि इससे ByteDance का प्रभाव पूरी तरह खत्म हुआ है या नहीं। इसलिए TikTok से दो तरह के सवाल पूछे जा सकते हैं:
आज बड़ी टेक कंपनियां केवल जनमत की आलोचना ही नहीं बल्कि कई दिशाओं से बढ़ते दबाव का सामना कर रही हैं:
सीनेट की संभावित सुनवाई इस बात का संकेत है कि अमेरिकी सांसद सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार जवाबदेह बनाए रखना चाहते हैं। कई दौर की सुनवाई और प्लेटफॉर्म बदलावों के बावजूद, यह विषय अभी भी अमेरिकी टेक नीति बहस का एक केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है।
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