इन तत्वों के कारण सिस्टम अत्यंत जटिल ऑप्टिकल इंटरफेरेंस पैटर्न बना सकता है, जो इस सैंपलिंग समस्या का गणितीय प्रतिनिधित्व करते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार Jiuzhang 4.0 ने ऑप्टिकल क्वांटम सूचना प्रयोगों में विश्व‑रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है क्योंकि इसमें अब तक की सबसे बड़ी फोटॉन संख्या शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक यह सिस्टम कुछ मॉडलिंग मान्यताओं के तहत Gaussian boson sampling समस्या को दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर से 10^54 गुना अधिक तेज़ हल कर सकता है।
हालाँकि ऐसे तुलना परिणाम इस बात पर निर्भर करते हैं कि क्लासिकल सिमुलेशन के लिए कौन‑से एल्गोरिद्म और तरीके इस्तेमाल किए जाएँ। फिर भी यह प्रयोग इस बात का संकेत माना जा रहा है कि क्वांटम मशीनें ऐसे क्षेत्र तक पहुँच सकती हैं जहाँ क्लासिकल सिमुलेशन बेहद कठिन हो जाता है।
Jiuzhang 4.0, इसी शोध टीम द्वारा बनाए गए क्वांटम प्रोटोटाइप की श्रृंखला का नया संस्करण है।
नए सिस्टम में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं:
फोटॉन स्केल
सिस्टम आर्किटेक्चर
प्रोग्रामेबिलिटी
इन बदलावों के कारण यह मशीन पहले के फोटोनिक सिस्टमों की तुलना में कहीं बड़े क्वांटम स्टेट बना सकती है।
Gaussian boson sampling कोई सामान्य‑उद्देश्य (general‑purpose) कंप्यूटिंग कार्य नहीं है। यह मुख्य रूप से क्वांटम हार्डवेयर की क्षमता मापने का एक बेंचमार्क है।
इस समस्या की कठिनाई उस गणित में छिपी है जो फोटॉन डिटेक्शन पैटर्न की संभावना निकालने में लगता है। बड़े सिस्टमों में इसके लिए loop hafnian जैसी जटिल गणनाएँ करनी पड़ती हैं, जिनकी जटिलता फोटॉन संख्या बढ़ने के साथ तेजी से बढ़ती है।
इसी कारण फोटॉन और ऑप्टिकल मोड की संख्या बढ़ाना क्लासिकल सिमुलेशन को बहुत जल्दी अव्यावहारिक बना देता है। इसलिए Jiuzhang 4.0 जैसे प्रयोग क्वांटम एडवांटेज के प्रयोगात्मक प्रमाण के रूप में देखे जाते हैं।
Jiuzhang 4.0 दिखाता है कि फोटोनिक क्वांटम हार्डवेयर को हजारों फोटॉन तक स्केल करना संभव है, जबकि सिस्टम पर्याप्त सटीकता भी बनाए रखता है।
इस उपलब्धि के कुछ बड़े संकेत हैं:
फिर भी यह समझना जरूरी है कि Jiuzhang 4.0 अभी एक सार्वभौमिक क्वांटम कंप्यूटर नहीं है। यह केवल एक विशेष प्रकार की सैंपलिंग समस्या के लिए बनाया गया प्रयोगात्मक प्लेटफॉर्म है।
आज क्वांटम कंप्यूटिंग में कई अलग‑अलग तकनीकी रास्ते अपनाए जा रहे हैं—जैसे सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स, ट्रैप्ड आयन, न्यूट्रल एटम और फोटोनिक सिस्टम। हर तकनीक का लक्ष्य एक ही है: स्केलेबल और भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर बनाना।
Jiuzhang 4.0 का 3,050‑फोटॉन प्रयोग इस दौड़ में फोटोनिक तकनीक की क्षमता को दिखाता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसे सिस्टम भविष्य में पूरी तरह fault‑tolerant, general‑purpose quantum computers बन पाएँगे या नहीं। लेकिन इतना तय है कि फोटोनिक क्वांटम तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है—और Jiuzhang 4.0 उस प्रगति का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
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