टोंगजी यूनिवर्सिटी में उनका नया पद डिस्टिंग्विश्ड टेन्योर प्रोफेसर का है, जहां वे AI अनुसंधान और नई प्रतिभाओं के प्रशिक्षण में योगदान देने की उम्मीद के साथ जुड़े हैं।
ली ने कंप्यूटर साइंस में कोलंबिया यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से पीएचडी की डिग्री हासिल की। उसी के बाद उन्होंने अपना पहला पेशेवर कदम माइक्रोसॉफ्ट में रखा।
पीएचडी से पहले उन्होंने चीन की प्रतिष्ठित झेजियांग यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में स्नातक और मास्टर की पढ़ाई पूरी की थी।
पीएचडी के बाद ली माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और Microsoft Research—कंपनी के मूलभूत और अनुप्रयुक्त कंप्यूटर विज्ञान अनुसंधान विभाग—में 10 से अधिक वर्षों तक काम किया।
इस दौरान उनका शोध कई महत्वपूर्ण AI क्षेत्रों में फैला रहा, जिनमें शामिल हैं:
ये सभी तकनीकें आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और कंप्यूटर विज़न से लेकर बड़े पैमाने के क्लाउड AI प्लेटफॉर्म तक कई क्षेत्रों में इस्तेमाल होती हैं।
ली का प्रमुख शोध क्षेत्र मशीन इंटेलिजेंस रहा है—ऐसी प्रणालियाँ जो जटिल डेटा का विश्लेषण कर अलग‑अलग प्रकार की जानकारी से अर्थ निकाल सकती हैं।
उनके काम में विशेष रूप से मल्टीमोडल विश्लेषण शामिल रहा है, जिसमें टेक्स्ट, इमेज और वीडियो जैसे विभिन्न डेटा प्रकारों को एक साथ समझने वाली AI प्रणालियाँ विकसित की जाती हैं। इसके साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर AI सिस्टम के लिए ज्ञान निष्कर्षण और पैटर्न पहचान जैसी तकनीकों पर भी काम किया है।
टोंगजी यूनिवर्सिटी में ली की नियुक्ति उस व्यापक रुझान का हिस्सा मानी जा सकती है जिसमें उद्योग के अनुभवी AI शोधकर्ता विश्वविद्यालयों में जाकर शोध और शिक्षण से जुड़ रहे हैं।
टोंगजी का Institute of AI for Engineering कृत्रिम बुद्धिमत्ता को इंजीनियरिंग क्षेत्रों—जैसे अवसंरचना, विनिर्माण और स्मार्ट सिस्टम—में लागू करने पर केंद्रित है। ऐसे क्षेत्रों में मशीन इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का सीधा औद्योगिक प्रभाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट के समय तक ली होंगझी ने इस बदलाव पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की थी।
फिर भी, माइक्रोसॉफ्ट के शोध और उद्योग अनुभव वाले वैज्ञानिक के रूप में उनकी नियुक्ति टोंगजी यूनिवर्सिटी के लिए AI अनुसंधान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।