इससे रिपोर्टिंग का तरीका काफी बदल जाता है। पहले जहां कई रिपोर्ट लेयर में जाकर डेटा ढूंढना पड़ता था, वहीं अब मार्केटर्स अपने डेटा से संवाद की तरह सवाल पूछ सकते हैं और तुरंत विज़ुअल इनसाइट देख सकते हैं।
Google ने अभी तक यह पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया है कि इस नए इंटरफ़ेस में हर मेट्रिक और डाइमेंशन उपलब्ध होगा या नहीं। लेकिन Dashboards वही डेटा इस्तेमाल करते हैं जो Google Ads के सामान्य रिपोर्टिंग सिस्टम में मौजूद होता है।
Google Ads में आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले प्रदर्शन मेट्रिक्स में शामिल हैं:
Google Ads रिपोर्टिंग सिस्टम में मेट्रिक्स की कई श्रेणियां होती हैं, जैसे quality scores, conversions और interactions, viewability, auction insights, लागत से जुड़े आंकड़े और asset performance।
क्योंकि Dashboards मौजूदा रिपोर्टिंग लेयर के ऊपर काम करते हैं, इसलिए डेटा को कई तरह से विभाजित करके देखा जा सकता है, जैसे:
ये Google Ads की सामान्य रिपोर्टिंग dimensions हैं, हालांकि Google ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि Gemini प्रॉम्प्ट इंटरफ़ेस में इन सभी संयोजनों का पूरा समर्थन मौजूद है या नहीं।
Google के मार्केटिंग टूल्स में Gemini का इस्तेमाल कई जगह हो रहा है, इसलिए Dashboards को अक्सर Ads Advisor और Analytics Advisor के साथ चर्चा में रखा जाता है। हालांकि तीनों का काम अलग है।
Gemini Dashboards (Google Ads)
Ads Advisor (Google Ads)
Analytics Advisor (Google Analytics)
सरल शब्दों में: Dashboards डेटा दिखाते हैं, जबकि Advisors डेटा को समझने और उस पर कार्रवाई करने में मदद करते हैं।
यह फीचर Google Marketing Live 2026 से ठीक पहले सामने आया है। यह Google का वार्षिक इवेंट है जहां कंपनी विज्ञापनदाताओं के लिए नए प्रोडक्ट और AI फीचर पेश करती है। 2026 का मुख्य कार्यक्रम 20 मई 2026 को होगा और इसके बाद 21 मई को EMEA क्षेत्र के लिए अलग सत्र रखा गया है।
इस समय पर लॉन्च होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि Google अक्सर इसी इवेंट में बड़े विज्ञापन अपडेट घोषित करता है। Gemini‑आधारित रिपोर्टिंग को पहले पेश करना यह संकेत देता है कि कंपनी मार्केटिंग वर्कफ़्लो में जनरेटिव AI को गहराई से शामिल करने की रणनीति पर काम कर रही है।
विज्ञापनदाताओं के लिए इसका मतलब है कि डेटा विश्लेषण का तरीका धीरे‑धीरे बदल रहा है। जहां पहले डैशबोर्ड और फिल्टर की तकनीकी समझ जरूरी थी, वहीं अब रिपोर्टिंग प्रॉम्प्ट‑ड्रिवन और संवादात्मक बनती जा रही है—जिससे कैंपेन ऑप्टिमाइज़ेशन के फैसले तेज़ी से लिए जा सकते हैं।
हालांकि फीचर का मूल काम सामने आ चुका है, लेकिन कई तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। उदाहरण के लिए:
संभावना है कि जैसे‑जैसे फीचर का विस्तार होगा या Google Marketing Live जैसे इवेंट में नई घोषणाएँ होंगी, इन सवालों के जवाब भी सामने आएंगे।
Gemini Dashboards सिर्फ एक नया फीचर नहीं है—यह डिजिटल विज्ञापन उद्योग में एक बड़े बदलाव का संकेत है। कई प्लेटफॉर्म अब जटिल एनालिटिक्स इंटरफेस को कन्वर्सेशनल AI टूल्स में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इसका मतलब है कि मार्केटर्स को रिपोर्टिंग सिस्टम सीखने या हर बार नया डैशबोर्ड बनाने की जरूरत कम होगी। वे सीधे अपने कैंपेन डेटा से सवाल पूछेंगे—और बदले में तुरंत विज़ुअल जवाब पाएंगे। बड़े विज्ञापन खातों को संभालने वाली टीमों के लिए यह बदलाव रिपोर्टिंग को तेज़ और अधिक सुलभ बना सकता है।
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