लॉजिस्टिक्स आसान नहीं थे। मंत्रालय के विवरण के मुताबिक विमान पहले RAF Brize Norton से Ascension Island गया, फिर RAF Voyager की हवा में ईंधन भरने वाली सहायता के साथ 3,000 किलोमीटर से अधिक आगे ट्रिस्टन दा कुन्हा तक पहुंचा ।
इस मिशन का तत्काल उद्देश्य पूरे द्वीप को खाली कराना नहीं था। सरकारी बयान में एक ब्रिटिश नागरिक के संदिग्ध हैन्टावायरस मामले के लिए मेडिकल सपोर्ट पहुंचाने की बात कही गई थी ।
ट्रिस्टन दा कुन्हा में कोई हवाई पट्टी नहीं है और सामान्य तौर पर वहां पहुंचने का रास्ता समुद्र के जरिए ही होता है । ब्रिटेन सरकार पहले इसे दुनिया का सबसे दूरस्थ आबाद द्वीप भी बता चुकी है, जिससे समझ आता है कि यहां आपात मेडिकल मदद पहुंचाना सामान्य एयर-एंबुलेंस जैसा मामला नहीं हो सकता
।
रनवे नहीं होने का मतलब था कि विमान उतर नहीं सकता था। ऐसे में प्रशिक्षित मेडिकल कर्मियों और जरूरी सामान को तेजी से पहुंचाने के लिए सैन्य एयरड्रॉप का रास्ता चुना गया। रक्षा मंत्रालय ने इसे RAF A400M से विशेषज्ञ आर्मी टीम, मेडिकल कर्मियों और उपकरणों को उतारने वाला ऑपरेशन बताया ।
यह एयरड्रॉप MV Hondius से जुड़े हैन्टावायरस प्रकोप पर UK की व्यापक प्रतिक्रिया का हिस्सा था। ब्रिटेन की यात्रा सलाह में कहा गया था कि UKHSA MV Hondius के यात्रियों में रिपोर्ट हो रहे हैन्टावायरस प्रकोप की निगरानी कर रहा है; यह जहाज हाल में St Helena, Ascension और Tristan da Cunha गया था ।
अलग से UKHSA ने कहा कि UK सरकार ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर MV Hondius पर बचे ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। उसी अपडेट में बताया गया कि जहाज से जुड़े 20 ब्रिटिश नागरिक, UK निवासी एक जर्मन नागरिक और एक जापानी यात्री इंग्लैंड के Wirral स्थित Arrowe Park Hospital में निगरानी में थे ।
ब्रिटेन की विदेश सचिव ने कहा था कि इस मामले में UK की प्रतिक्रिया UKHSA द्वारा, WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर, संचालित की जा रही है; Foreign Office विदेश में सहयोग और ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षित वापसी में मदद कर रहा था ।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह पहली बार था जब मानवीय सहायता देने के लिए मेडिकल कर्मियों को पैराशूट से उतारा गया । इसी वजह से ट्रिस्टन दा कुन्हा ऑपरेशन चर्चा में आया: यह कोई पारंपरिक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि ऐसी जगह स्वास्थ्य सहायता पहुंचाने का तरीका था जहां सामान्य हवाई पहुंच मौजूद नहीं है।
Comments
0 comments