| एल नीनो की ओर बदलाव का मजबूत संकेत, लेकिन ‘सुपर’ संभावना का आधिकारिक आंकड़ा नहीं |
| IRI | अप्रैल–जून में एल नीनो की करीब 70% संभावना; 2026 के बाद के महीनों में 88–94% संभावना | 2026 के अंत तक एल नीनो प्रमुख परिदृश्य |
| WMO | मई–जुलाई 2026 तक एल नीनो स्थितियों की वापसी संभव | वैश्विक तापमान और बारिश के पैटर्न प्रभावित हो सकते हैं |
यानी शुरुआती समयसीमा पर सभी पूर्वानुमान बिल्कुल एक जैसे नहीं हैं: NOAA/CPC अप्रैल–जून तक neutral स्थिति को तरजीह देता है, जबकि IRI उसी अवधि में एल नीनो की संभावना ज्यादा मानता है . लेकिन बड़ी तस्वीर पर सहमति है — प्रशांत महासागर 2026 में एल नीनो की ओर बढ़ता दिख रहा है।
सामान्य एल नीनो पूर्वानुमान और ‘सुपर एल नीनो’ पूर्वानुमान एक ही बात नहीं हैं। उपलब्ध आधिकारिक आउटलुक में NOAA/CPC और IRI ENSO श्रेणियों की संभावनाएं देते हैं, लेकिन नवंबर 2026 तक ‘सुपर एल नीनो’ बनेगा, इसकी कोई औपचारिक संभावना प्रकाशित नहीं करते .
कुछ मौसम और मीडिया रिपोर्टें अधिक तीव्र परिदृश्यों की चर्चा जरूर करती हैं। एक रिपोर्ट में मॉडल रन के आधार पर बहुत मजबूत या रिकॉर्ड-स्तर की घटना की संभावना बताई गई है . दूसरी रिपोर्ट में अग्रणी मॉडल संकेतों के आधार पर 2026 के अंत तक ‘सुपर’ एल नीनो की 20–25% संभावना और मजबूत एल नीनो की 80% संभावना का जिक्र है
. ये आंकड़े जोखिम संकेत की तरह उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें NOAA/CPC या IRI की आधिकारिक बेसलाइन नहीं माना जाना चाहिए
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नवंबर 2026 के लिए सावधान और सटीक निष्कर्ष यही होगा: 2026 के अंत तक एल नीनो के सक्रिय या प्रमुख होने की संभावना अच्छी है, लेकिन ‘सुपर एल नीनो’ अभी निगरानी वाला परिदृश्य है, तय भविष्यवाणी नहीं .
एल नीनो अक्सर जलवायु प्रणाली में अतिरिक्त प्राकृतिक गर्माहट जोड़ता है। WMO के अनुसार 2026 के मध्य में विकसित होने वाला एल नीनो वैश्विक तापमान और बारिश के पैटर्न को प्रभावित करेगा; उसके मौसमी अपडेट में आने वाली तीन महीने की अवधि के लिए जमीन की सतह पर सामान्य से अधिक तापमान का लगभग वैश्विक दबदबा संकेतित है .
ज्यादा तेज तापमान संबंधी दावे अभी परिदृश्य-आधारित हैं। एक मौसम रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि मजबूत या ‘सुपर’ घटना वैश्विक तापमान वृद्धि को औद्योगिक-पूर्व स्तरों से 1.7°C तक ऊपर ले जाने में मदद कर सकती है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट ने कहा कि सुपरचार्ज्ड घटना वैश्विक तापमान को अभूतपूर्व चरम की ओर धकेल सकती है . ये सटीक आधिकारिक तापमान पूर्वानुमान नहीं हैं; नतीजा इस पर निर्भर करेगा कि घटना कितनी मजबूत बनती है और समुद्र-वायुमंडल पैटर्न कैसे विकसित होता है
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एल नीनो उष्णकटिबंधीय प्रशांत की गर्मी को नए ढंग से व्यवस्थित करता है और बारिश, तूफान व जेट स्ट्रीम जैसे पैटर्न को बदल सकता है। इसलिए असर ‘पूरी दुनिया में एक जैसा’ नहीं होता; WMO भी बारिश के पैटर्न में क्षेत्रीय फर्क की बात करता है .
उत्तर अमेरिका के संदर्भ में एक रिपोर्ट बताती है कि भूमध्यरेखीय प्रशांत के पूर्वी हिस्से में गर्म पानी जेट स्ट्रीम को दक्षिण की ओर धकेल सकता है, जिससे उत्तरी अमेरिका/उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, खासकर उत्तरी अमेरिका के उत्तरी संयुक्त राज्य क्षेत्रों में अपेक्षाकृत गर्म और सूखी स्थितियां बन सकती हैं, जबकि Gulf Coast और दक्षिण-पूर्वी अमेरिका में ज्यादा नमी/बारिश का रुझान दिख सकता है .
अमेरिका से बाहर भी असर स्थान और मौसम के हिसाब से बदलते हैं। जलवायु ब्रीफिंग्स एल नीनो को विभिन्न क्षेत्रों में फसल नुकसान, अधिक जंगल की आग, एक साथ पड़ने वाले सूखे, बाढ़ जोखिम, मत्स्य संसाधनों में व्यवधान और बीमारी के जोखिम से जोड़ती हैं; लेकिन कौन-सा असर कहां और कितना होगा, यह घटना की ताकत, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा .
योजना बनाते समय आधिकारिक संख्याओं को आधार मानना बेहतर है: NOAA/CPC मई–जुलाई 2026 में एल नीनो उभरने की 61% संभावना बताता है, जबकि IRI अप्रैल–जून के लिए करीब 70% संभावना और 2026 के बाद के महीनों में एल नीनो को प्रमुख परिदृश्य दिखाता है . ‘नवंबर तक सुपर एल नीनो’ को पक्की भविष्यवाणी नहीं, बल्कि बढ़े हुए जोखिम वाले परिदृश्य की तरह पढ़ें। अगर घटना बहुत मजबूत बनती है, तो सबसे बड़े वैश्विक संकेत अधिक तापमान जोखिम और बारिश, सूखा, बाढ़, जंगल की आग तथा तूफानी रास्तों में तेज क्षेत्रीय बदलाव हो सकते हैं
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