सबसे बड़ा चेतावनी संकेत यह अनुमान है कि वन क्षरण अमेज़न के करीब 40% हिस्से को प्रभावित करता है और हाल के वर्षों में साफ़ कटाई से आगे निकल गया है . ब्राज़ीलियाई अमेज़न पर एक अलग विश्लेषण में बताया गया कि दो वर्षों में वन क्षरण 163% बढ़ा, जबकि उसी अवधि में वनों की कटाई 54% घटी; आग को इसका मुख्य कारण बताया गया
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इन दोनों निष्कर्षों का संदेश एक ही है: अगर हम केवल यह गिनें कि कितना जंगल काटा गया, तो अमेज़न पर असली दबाव कम करके दिख सकता है। जंगल मानचित्र पर मौजूद रह सकता है, लेकिन उसका पारिस्थितिक काम—कार्बन को रोकना, जीवों को घर देना और सूखे-आग से उबरना—कमजोर हो सकता है .
अमेज़न का 2024 का अग्नि-सीजन इस खतरे का बड़ा उदाहरण है। यूरोपीय आयोग के Joint Research Centre (JRC) ने बताया कि 2024 में अमेज़न ने दो दशकों से अधिक समय का सबसे विनाशकारी वन-अग्नि सीजन झेला; इससे अनुमानित 791 मिलियन टन CO₂ निकला और 33 लाख हेक्टेयर अमेज़न वन प्रभावित हुआ .
Biogeosciences में प्रकाशित अध्ययन ने 2024 की आग-जनित क्षति को 20 वर्षों से अधिक समय में अमेज़न वन की सबसे खराब disturbance बताया। अध्ययन ने 2023–2024 के सूखे और जंगल के टुकड़ों में बँटने को आग की अधिक संवेदनशीलता से जोड़ा, और 2024 में वनों की कटाई तथा क्षरण से होने वाली वन disturbance में 152% उछाल दर्ज किया .
यह इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि अमेज़न वर्षावन ऐतिहासिक रूप से आग के प्रति अपेक्षाकृत प्रतिरोधी माना जाता रहा है, जबकि हालिया शोध जलवायु चरम स्थितियों और मानवीय गतिविधियों के कारण जंगल की आग में चिंताजनक बढ़ोतरी बताता है .
सूखा हमेशा तुरंत जंगल साफ़ नहीं करता, लेकिन वह पेड़ों को कमजोर कर सकता है और आग के लिए परिस्थितियां बना सकता है। 2025 में सारांशित शोध के अनुसार, अमेज़न जलवायु परिवर्तन से पैदा दीर्घकालिक सूखे को शायद झेल सके, लेकिन इसकी कीमत भारी होगी: कुछ क्षेत्रों में बड़े पेड़ों की बड़ी संख्या खत्म हो सकती है, जिससे उनमें जमा कार्बन वातावरण में जा सकता है और जंगल की तत्काल कार्बन सिंक—यानी CO₂ सोखकर रखने की क्षमता—घट सकती है .
यही कारण है कि वन क्षरण सिर्फ नुकसान की छोटी रिपोर्ट नहीं, बल्कि लंबी अवधि के अस्तित्व का सवाल है। आग, सूखा और लॉगिंग जंगल की मरम्मत और वापसी की क्षमता को उस समय से पहले ही घटा सकते हैं, जब कुल वन-क्षेत्र की हानि वनों की कटाई के आंकड़ों में साफ़ दिखे .
सबसे गहरी चिंता अमेज़न डाईबैक की है—ऐसी स्थिति जिसमें जलवायु और भूमि-उपयोग के संयुक्त दबाव से वर्षावन का बड़ा हिस्सा अपना मौजूदा कामकाज खोने लगे। UK Met Office के अनुसार जलवायु और भूमि-उपयोग बदलावों के कारण अमेज़न के बड़े हिस्सों के इस सदी में मरने का अनुमान है, हालांकि वह यह भी स्पष्ट करता है कि 21वीं सदी में बड़े पैमाने का डाईबैक सचमुच होगा या नहीं, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है .
Potsdam Institute for Climate Impact Research द्वारा सारांशित Nature अध्ययन ने चेतावनी दी कि अमेज़न tipping point के करीब पहुँच सकता है, जिससे बड़े पैमाने का पतन हो सकता है; संयुक्त जलवायु और भूमि-उपयोग दबावों के तहत अमेज़न वन के 47% तक हिस्से के खतरे में होने की बात कही गई .
यहां सावधानी जरूरी है: समय और विस्तार तय नहीं हैं। लेकिन अनिश्चितता का मतलब राहत नहीं है, क्योंकि वन क्षरण जंगल की मजबूती को धीरे-धीरे कम कर सकता है—उससे पहले कि नुकसान पारंपरिक वनों की कटाई जैसा साफ़ दिखे .
अमेज़न में वनों की कटाई से आगे निकलता बताया जा रहा मुख्य पर्यावरणीय खतरा वन क्षरण है। यह आग, सूखा और लॉगिंग के जरिए खड़े जंगल को नुकसान पहुँचाता है, इसलिए केवल साफ़ कटाई में कमी को rainforest की सेहत का पूरा मापदंड नहीं माना जा सकता . अगर क्षरण जलवायु और भूमि-उपयोग के दबावों के साथ जारी रहा, तो अमेज़न के हिस्से tipping-point स्थितियों के करीब जा सकते हैं—जिसके गंभीर असर जैव विविधता, कार्बन भंडारण और वैश्विक जलवायु प्रणाली पर पड़ सकते हैं
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