यह अभियान यूक्रेन के मिड-रेंज ड्रोन बेड़े का नाटकीय विस्तार से संभव हुआ है। फेडोरोव ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने 2026 के पहले चार महीनों में पूरे 2025 की तुलना में 300% अधिक 'मिडल स्ट्राइक' ड्रोनों का अनुबंध किया । उन्नत खरीद में 27 मई को घोषित 113 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त फंडिंग ने यूक्रेन को इतने बड़े पैमाने पर निरंतर अभियान चलाने में सक्षम बनाया जो पहले असंभव था
।
इस अभियान के केंद्र में दो नए यूक्रेनी-निर्मित प्लेटफॉर्म हैं: बेहेमोथ (Бегемот) और एफपी-2।
बेहेमोथ: ग्लेफ़ा और कल्वर एयरोस्पेस द्वारा विकसित और मई 2026 के अंत में अनावरण किया गया, बेहेमोथ एक शाहेद-शैली का घूमने वाला विस्फोटक है जिसकी स्ट्राइक रेंज 300 किमी तक है । इसकी खासियत टेंडम वॉरहेड है: नाक में 40 किग्रा का उच्च-विस्फोटक टुकड़ा-विस्फोटक चार्ज और उसके बाद 35 किग्रा का थर्मोबेरिक वॉरहेड (कुल 75 किग्रा)
। यह ड्रोन वायु रक्षा प्रणालियों से बचने के लिए कम ऊंचाई (लगभग 180 किमी/घंटा) पर उड़ सकता है और इसमें स्वायत्त, अर्ध-स्वचालित और FPV नियंत्रण मोड हैं
। इसका पहला ज्ञात युद्धक उपयोग जून की शुरुआत में चोंगर ब्रिज पर हमला था
।
एफपी-2: यूक्रेनी मिल्टेक कंपनी फायर पॉइंट द्वारा विकसित, एफपी-2 एक उद्देश्य-निर्मित 'मिडल स्ट्राइक' ड्रोन है जो मध्यम दूरी पर भारी पेलोड के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है। यह लगभग 200 किमी की दूरी पर 105-170 किग्रा तक का वॉरहेड ले जा सकता है । एफपी-2 अपने पूर्ववर्ती एफपी-1 (जो 1,400 किमी तक जा सकता है) की अत्यधिक रेंज को छोड़कर कहीं अधिक भारी वॉरहेड को प्राथमिकता देता है, जो पुलों, ईंधन डिपो और वायु रक्षा प्रणालियों जैसे कठोर लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे पर हमला करने के लिए आदर्श है
। यह ड्रोन संचार और नेविगेशन के लिए स्टारलिंक का उपयोग करता है, और हाल ही में इसे अनगाइडेड एयर-टू-सरफ़ेस रॉकेट लॉन्च करने के लिए अपग्रेड किया गया है
।
लागत लाभ: ये दोनों ड्रोन पश्चिमी आपूर्ति की क्रूज़ मिसाइलों (जैसे स्टॉर्म शैडो/SCALP) की तुलना में कहीं सस्ते हैं, जिससे यूक्रेन इन्हें बड़े पैमाने पर उत्पादित और तैनात कर सकता है । एफपी-2 की प्रति यूनिट लागत लगभग 55,000 डॉलर बताई गई है, जो इसे व्यापक उपयोग के लिए पर्याप्त रूप से व्यय योग्य बनाती है
।
यह अभियान तीन श्रेणियों के लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाता है:
1. चोकपॉइंट ब्रिज: यूक्रेनी ड्रोनों ने बार-बार उन पुलों पर हमला किया है जो क्रीमिया और मुख्य भूमि के बीच एकमात्र सड़क और रेल लिंक हैं। चोनहर (चोंगर) ब्रिज, आर्मियांस्क ब्रिज, हेनिचेस्क ब्रिज और मिर्ने गांव के पास पुल पर हमलों की पुष्टि हुई है । 11 जून की रात को, पहली अलग असॉल्ट रेजिमेंट ने आर्मियांस्क ब्रिज पर हमला किया, जब वहां 50 रूसी ईंधन और गोला-बारूद ट्रकों का काफिला जमा था, जिससे वाहन नष्ट हो गए और पुल अनुपयोगी हो गया
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2. 'द हाइवे ऑफ़ डेथ': प्राथमिक फोकस नोवोरोसिया हाइवे (आज़ोव तट के साथ M-18/E-97 मार्ग) पर है, जिसका उपयोग रूस रोस्तोव-ऑन-डॉन से मारियुपोल और मेलिटोपोल होते हुए क्रीमिया तक अपने मुख्य भूमि गलियारे के रूप में करता है। यूक्रेनी सैनिकों ने लगातार ड्रोन गश्त के कारण इसका नाम 'हाइवे ऑफ़ डेथ' रख दिया है । मई के अंत से इस मार्ग पर नागरिक यातायात 'लगभग बंद हो गया है' और सड़क पर दर्जनों जले हुए ट्रक और ईंधन टैंकर पड़े हैं
।
3. ऊर्जा अवसंरचना: 19 जून को, ब्रोवडी के ड्रोनों ने क्रीमिया में गहरे हलीबिव्स्के गैस भंडारण सुविधा के साथ-साथ रडार, ईंधन टैंकर और एक रूसी कमांड पोस्ट पर हमला किया । इस हमले ने अभियान को प्रायद्वीप के अंदर ईंधन भंडारण और वितरण नेटवर्क तक विस्तारित कर दिया।
उपलब्ध सबूत महत्वपूर्ण परिचालन प्रभावों की ओर इशारा करते हैं:
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण सक्षम कारक ड्रोन मार्गदर्शन प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण है। यूक्रेन AI-सुसज्जित ड्रोन (जैसे हॉर्नेट सिस्टम) का उपयोग कर रहा है जो लगातार मानव नियंत्रण के बिना चलते लक्ष्यों की पहचान, ट्रैक और हमला कर सकते हैं । यह क्षमता रूसी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) जैमिंग को दूर करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो मानव ऑपरेटर और मैन्युअल रूप से संचालित ड्रोन के बीच रेडियो लिंक को तोड़ सकती है। बीबीसी वेरिफाई ने फुटेज का विश्लेषण किया और मई के अंत में एक सप्ताह में आपूर्ति वाहनों पर कम से कम 14 AI-निर्देशित हमलों की पुष्टि की
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AI लक्ष्यीकरण, बड़े पैमाने पर उत्पादित मिड-रेंज ड्रोन और एक जानबूझकर रोकथाम रणनीति का यह संयोजन पिछले सामरिक ड्रोन उपयोग (यानी अग्रिम पंक्ति पर व्यक्तिगत वाहनों पर हमला) से एक रणनीतिक स्तर के अभियान की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित करता है, जिसका उद्देश्य निर्णायक परिचालन प्रभाव है। जैसा कि फेडोरोव ने कहा, 'क्रीमिया को ड्रोनों द्वारा अलग किया जा रहा है। और निकट भविष्य में, ऐसा लगता है कि क्रीमिया एक द्वीप बन जाएगा' ।
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