उन्होंने भविष्य में डिजिटल होने वाले कामों के ठोस उदाहरण दिए: "ईमेल भेजना, सहकर्मियों से बातचीत करना, पावरपॉइंट तैयार करना" । उनके विचार में, ऑटोमेशन की यह लहर ज्ञान आधारित श्रमिकों को तेज़ और अधिक कुशल बनाएगी, न कि उन्हें अनावश्यक
।
"इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि नौकरी की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि काम को तेज़ी से और अधिक कुशलता से किया जा सकता है, जो आज अक्सर काफी रटा-रटाया, यांत्रिक, श्रमसाध्य और समय लेने वाला होता है।"
यह स्पष्टीकरण सुलेमान को व्यावहारिक कार्य-स्तरीय ऑटोमेशन के पक्ष में खड़ा करता है और व्हाइट-कॉलर श्रम को लेकर अधिक नाटकीय प्रलयकारी भविष्यवाणियों को ध्वस्त करता है ।
सुलेमान ने उसी पॉडकास्ट उपस्थिति का इस्तेमाल प्रतिद्वंदी AI लैब एंथ्रोपिक पर एक स्पष्ट आलोचना करने के लिए किया। एपिसोड के विवरण के अनुसार, उन्होंने कंपनी द्वारा "क्लॉड के बारे में ऐसे बात करने जैसे वह चेतन (conscious) है" पर आपत्ति जताई । यह तीखी टिप्पणी एंथ्रोपिक के मॉडलों की बुनियादी क्षमता या सुरक्षा के बारे में नहीं है, बल्कि उस भाषा और ढांचे के बारे में है जिसका इस्तेमाल उन्हें दुनिया के सामने पेश करने के लिए किया जाता है
।
यह आलोचना दो दर्शनों के बीच एक स्पष्ट रेखा खींचती है: एक जो AI को एक उपकरण सॉफ्टवेयर के रूप में देखता है, और दूसरा जो सुलेमान के विचार में, मानव-जैसी जागरूकता या व्यक्तित्व का संकेत देने वाले तरीके से सिस्टम को मानवीय गुणों से लैस करके पेश करने का जोखिम उठा रहा है ।
सुलेमान की डिकोडर टिप्पणियां AI उद्योग में वर्तमान में चल रही दो आपस में जुड़ी बहसों को रेखांकित करती हैं:
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