मुस्तफा सुलेमान का अब कहना है कि AI से व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म होने की बात गलत समझी गई; उनका इशारा ईमेल और प्रेज़ेंटेशन जैसे छोटे मोटे कामों की तरफ था। सुलेमान ने डिकोडर पॉडकास्ट में कहा कि AI ज्ञान आधारित श्रमिकों को तेज़ और सक्षम बनाएगा, न कि बेरोज़गार [2]। उनकी दोहरी टिप्पणी AI को उत्पादकता उपकरण मानने और इसे चेतन...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: In a recent Decoder podcast appearance, what key distinction did Microsoft AI chief Mustafa Suleyman make about AI's impact on white-collar. Article summary: In a recent episode of *Decoder* with Nilay Patel, Microsoft AI CEO Mustafa Suleyman made two notable interventions: he drew a sharp line between automating *tasks* and eliminating *jobs*, and he criticized Anthropic for. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "During an episode of Decoder on Monday, Suleyman says he meant AI will help these workers complete tasks, rather than do their jobs: Sending an" source context "Microsoft AI chief walks back comments about AI taking over white-collar work | The Verge" Reference image 2: visual subject "During an episode of Decoder
द वर्ज के डिकोडर पॉडकास्ट में हाल ही में पेश हुए माइक्रोसॉफ्ट के AI सीईओ मुस्तफा सुलेमान ने कार्यस्थल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चल रही बातचीत को एक नया आयाम देने की कोशिश की। एक तरफ उन्होंने ऑटोमेशन को लेकर अपनी पहले की चिंताजनक भविष्यवाणी पर वापसी के संकेत दिए, वहीं दूसरी ओर AI को जनता के सामने कैसे पेश किया जाए, इसे लेकर एक नई दार्शनिक लड़ाई का मोर्चा खोल दिया ।
सुलेमान का सबसे तात्कालिक लक्ष्य उस बयान पर सफाई देना था जो उन्होंने कुछ महीने पहले फाइनेंशियल टाइम्स को दिया था। तब इसे व्यापक रूप से यह अर्थ निकाला गया था कि अगले 12 से 18 महीनों में ज़्यादातर व्हाइट-कॉलर नौकरियां ऑटोमेट हो जाएंगी । डिकोडर पर उन्होंने तर्क दिया कि यह उनकी मंशा को गलत तरीके से पढ़ना था
। उनका ज़ोर देकर कहना है कि असली शब्द हमेशा "कार्य" (tasks) ही था। वे यह भविष्यवाणी नहीं कर रहे थे कि वकीलों, अकाउंटेंट्स, या प्रोजेक्ट मैनेजरों जैसी भूमिकाएं पूरी तरह खत्म हो जाएंगी, बल्कि यह कि कंप्यूटर पर किए जाने वाले उनके छोटे-छोटे उप-कार्य (सब-टास्क), जिनमें उनका अधिकांश समय खर्च होता है, ऑटोमेट हो जाएंगे
।
उन्होंने भविष्य में डिजिटल होने वाले कामों के ठोस उदाहरण दिए: "ईमेल भेजना, सहकर्मियों से बातचीत करना, पावरपॉइंट तैयार करना" । उनके विचार में, ऑटोमेशन की यह लहर ज्ञान आधारित श्रमिकों को तेज़ और अधिक कुशल बनाएगी, न कि उन्हें अनावश्यक
।
"इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि नौकरी की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि काम को तेज़ी से और अधिक कुशलता से किया जा सकता है, जो आज अक्सर काफी रटा-रटाया, यांत्रिक, श्रमसाध्य और समय लेने वाला होता है।"
यह स्पष्टीकरण सुलेमान को व्यावहारिक कार्य-स्तरीय ऑटोमेशन के पक्ष में खड़ा करता है और व्हाइट-कॉलर श्रम को लेकर अधिक नाटकीय प्रलयकारी भविष्यवाणियों को ध्वस्त करता है ।
सुलेमान ने उसी पॉडकास्ट उपस्थिति का इस्तेमाल प्रतिद्वंदी AI लैब एंथ्रोपिक पर एक स्पष्ट आलोचना करने के लिए किया। एपिसोड के विवरण के अनुसार, उन्होंने कंपनी द्वारा "क्लॉड के बारे में ऐसे बात करने जैसे वह चेतन (conscious) है" पर आपत्ति जताई । यह तीखी टिप्पणी एंथ्रोपिक के मॉडलों की बुनियादी क्षमता या सुरक्षा के बारे में नहीं है, बल्कि उस भाषा और ढांचे के बारे में है जिसका इस्तेमाल उन्हें दुनिया के सामने पेश करने के लिए किया जाता है
।
यह आलोचना दो दर्शनों के बीच एक स्पष्ट रेखा खींचती है: एक जो AI को एक उपकरण सॉफ्टवेयर के रूप में देखता है, और दूसरा जो सुलेमान के विचार में, मानव-जैसी जागरूकता या व्यक्तित्व का संकेत देने वाले तरीके से सिस्टम को मानवीय गुणों से लैस करके पेश करने का जोखिम उठा रहा है ।
सुलेमान की डिकोडर टिप्पणियां AI उद्योग में वर्तमान में चल रही दो आपस में जुड़ी बहसों को रेखांकित करती हैं:
ये सभी हस्तक्षेप एक ऐसे माइक्रोसॉफ्ट AI प्रमुख की तस्वीर पेश करते हैं जो क्षितिज पर सुपरइंटेलिजेंस देखता है लेकिन बातचीत को अटकलबाज़ दर्शन के बजाय व्यावहारिक उपकरण-निर्माण पर केंद्रित रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है ।
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मुस्तफा सुलेमान का अब कहना है कि AI से व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म होने की बात गलत समझी गई; उनका इशारा ईमेल और प्रेज़ेंटेशन जैसे छोटे मोटे कामों की तरफ था।
मुस्तफा सुलेमान का अब कहना है कि AI से व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म होने की बात गलत समझी गई; उनका इशारा ईमेल और प्रेज़ेंटेशन जैसे छोटे मोटे कामों की तरफ था। सुलेमान ने डिकोडर पॉडकास्ट में कहा कि AI ज्ञान आधारित श्रमिकों को तेज़ और सक्षम बनाएगा, न कि बेरोज़गार [2]।
उनकी दोहरी टिप्पणी AI को उत्पादकता उपकरण मानने और इसे चेतन इकाई की तरह पेश करने के बीच इंडस्ट्री की गहरी खाई को उजागर करती है [2][4]।