MASS Code अभी अंतिम रूप में विकसित हो रहा है, लेकिन उपलब्ध दस्तावेज़ बताते हैं कि इसका ढांचा कुछ प्रमुख सुरक्षा सिद्धांतों पर आधारित होगा।
यह कोड पारंपरिक नियमों की तरह हर तकनीक को विस्तार से निर्धारित नहीं करेगा। इसके बजाय यह उच्च‑स्तरीय सुरक्षा लक्ष्य और कार्यात्मक आवश्यकताएँ तय करेगा। इससे नई तकनीकों के विकास की गुंजाइश बनी रहती है, जबकि सुरक्षा मानक कायम रहते हैं।
स्वायत्त जहाजों के लिए संरचित जोखिम विश्लेषण अनिवार्य होगा। इसमें सॉफ़्टवेयर विफलता, संचार लिंक टूटने, स्वायत्त निर्णय‑प्रणालियों की विश्वसनीयता और संचालन वातावरण जैसे जोखिमों का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रस्तावित संरचना में सिस्टम डिजाइन, संचालन संदर्भ और सुरक्षित संचालन प्रबंधन जैसे अध्याय शामिल हैं।
मानव चालक दल की जगह तकनीकी प्रणालियाँ जहाज के आसपास के वातावरण को समझती हैं। इसके लिए कई प्रकार के सेंसर एक साथ काम करते हैं, जैसे:
ये सेंसर आसपास के जहाजों, बाधाओं और मौसम या समुद्री स्थितियों के बारे में डेटा इकट्ठा करते हैं, जिसे जहाज की स्वायत्त प्रणाली निर्णय लेने के लिए उपयोग करती है—जैसे मार्ग बदलना या टक्कर से बचना।
कई स्वायत्त जहाज पूरी तरह स्वतंत्र नहीं होते। उन्हें Remote Operations Centres (ROC) से नियंत्रित या निगरानी किया जा सकता है। यह किनारे पर स्थित नियंत्रण केंद्र होते हैं जहाँ ऑपरेटर जहाज की स्थिति और संचालन पर नजर रखते हैं।
IMO चार स्तरों की स्वायत्तता को मान्यता देता है:
इन स्तरों को ध्यान में रखकर MASS Code बनाया जा रहा है ताकि विभिन्न प्रकार की स्वायत्त तकनीकों को एक ही नियामक ढांचे में समायोजित किया जा सके।
MASS Code मौजूदा IMO नियमों को हटाने के लिए नहीं बनाया जा रहा। बल्कि यह SOLAS जैसे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय समझौतों को पूरक (supplement) करेगा और उन जगहों पर अतिरिक्त मार्गदर्शन देगा जहाँ स्वायत्त जहाजों के कारण नए कानूनी सवाल पैदा होते हैं।
IMO ने MASS Code के लिए चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना तय की है ताकि उद्योग और नियामक धीरे‑धीरे नई तकनीक के साथ तालमेल बैठा सकें।
2021 में IMO ने स्वायत्त जहाजों से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा (regulatory scoping exercise) पूरी की। इसके बाद Maritime Safety Committee ने MASS Code का मसौदा तैयार करना शुरू किया।
वर्तमान योजना के अनुसार 2026 में इस कोड को एक गैर‑अनिवार्य (voluntary) ढांचे के रूप में अपनाया जा सकता है।
स्वैच्छिक कोड लागू होने के बाद उद्योग और सरकारें एक experience‑building phase में स्वायत्त जहाजों के संचालन और तकनीक का परीक्षण करेंगी। इस दौरान प्राप्त अनुभव भविष्य के अनिवार्य नियमों को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
दीर्घकालिक लक्ष्य यह है कि MASS Code को SOLAS कन्वेंशन में संशोधन के रूप में शामिल किया जाए, जिससे यह संबंधित जहाजों के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य हो जाए। वर्तमान रोडमैप के अनुसार इसका संभावित लागू होने का लक्ष्य लगभग 2032 रखा गया है।
स्वायत्त जहाजों से समुद्री उद्योग में कई संभावित बदलाव आ सकते हैं—जैसे परिचालन लागत में कमी, नई लॉजिस्टिक्स प्रणालियाँ और उन्नत सेंसर तकनीकों के कारण बेहतर सुरक्षा। लेकिन बिना वैश्विक नियमों के बड़े पैमाने पर इन जहाजों का संचालन करना कठिन होगा।
MASS Code इसी समस्या का समाधान बनने की कोशिश है। यह स्वायत्त समुद्री परिवहन के लिए पहला व्यापक अंतरराष्ट्रीय नियामक ढांचा तैयार करेगा, जिससे नई तकनीकों को अपनाते हुए भी समुद्र में सुरक्षा के मौजूदा मानकों को बनाए रखा जा सके।
यदि वर्तमान योजना के अनुसार प्रगति होती है, तो 2026 से 2032 का समय समुद्री उद्योग के लिए संक्रमण काल होगा—जहाँ प्रयोगात्मक स्वायत्त जहाजों से आगे बढ़कर एक पूर्ण नियामित वैश्विक प्रणाली विकसित हो सकती है।
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