IMO का MASS Code: आने वाले स्वायत्त कार्गो जहाजों के लिए नया वैश्विक नियम ढांचा
IMO का MASS Code स्वायत्त और रिमोट‑ऑपरेटेड कार्गो जहाजों के लिए पहला वैश्विक नियामक ढांचा बनाएगा; इसे लगभग 2026 में स्वैच्छिक रूप से अपनाया जाएगा और 2032 तक SOLAS के तहत अनिवार्य बनाने का लक्ष्य है। यह कोड लक्ष्य‑आधारित सुरक्षा मॉडल पर आधारित होगा जिसमें जोखिम मूल्यांकन, रिमोट ऑपरेशन सेंटर, सेंसर‑आधारित स्थिति‑जागरू...
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IMO का MASS Code स्वायत्त और रिमोट‑ऑपरेटेड कार्गो जहाजों के लिए पहला वैश्विक नियामक ढांचा बनाएगा; इसे लगभग 2026 में स्वैच्छिक रूप से अपनाया जाएगा और 2032 तक SOLAS के तहत अनिवार्य बनाने का लक्ष्य है।
यह कोड लक्ष्य‑आधारित सुरक्षा मॉडल पर आधारित होगा जिसमें जोखिम मूल्यांकन, रिमोट ऑपरेशन सेंटर, सेंसर‑आधारित स्थिति‑जागरूकता और सुरक्षित नेविगेशन जैसे सिद्धांत शामिल होंगे।
2026 के बाद एक ‘अनुभव‑निर्माण चरण’ रखा जाएगा ताकि उद्योग और नियामक स्वायत्त जहाज प्रणालियों का परीक्षण कर सकें और अंतिम अनिवार्य नियमों को बेहतर बनाया जा सके।
How will the International Maritime Organization’s newly adopted Maritime Autonomous Surface Ships (MASS) Code regulate autonomous and remotThe IMO’s MASS Code aims to create a global regulatory framework for autonomous cargo ships operating with remote control or AI‑driven navigation.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How will the International Maritime Organization’s newly adopted Maritime Autonomous Surface Ships (MASS) Code regulate autonomous and remot. Article summary: The IMO’s MASS Code is being developed as a goal-based framework for cargo ships with autonomous or remote functions, and the evidence here shows it is intended to create a standardized international regime for safety, s. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Autonomous shipping is currently not fully regulated by IACS or the IMO which means that, currently, it is up to the individual flag states to decide how to regulate this in their" source context "Regulatory - DNV" Reference image 2: visual subject "A duty officer (by rota) is contactable on mobile phone number +44 7795 116602 t
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स्वायत्त (autonomous) कार्गो जहाज अब केवल प्रयोगशाला या परीक्षण परियोजनाओं तक सीमित नहीं हैं। कई समुद्री तकनीकी कंपनियाँ ऐसे जहाज विकसित कर रही हैं जिन्हें आंशिक रूप से स्वचालित या पूरी तरह बिना चालक दल के भी चलाया जा सके। लेकिन मौजूदा समुद्री कानून मूल रूप से उन जहाजों के लिए बनाए गए थे जिन पर इंसानी चालक दल मौजूद रहता है। इसी अंतर को भरने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) एक नया वैश्विक नियम ढांचा विकसित कर रहा है—Maritime Autonomous Surface Ships Code (MASS Code)।
यह कोड स्वायत्त और दूर से नियंत्रित कार्गो जहाजों की डिजाइन, संचालन और निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक तय करेगा। वर्तमान में कई देशों के अपने‑अपने नियम या परीक्षण अनुमति प्रक्रियाएँ हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर एकरूपता नहीं है। MASS Code का उद्देश्य इसी बिखरे हुए नियमन को एक साझा वैश्विक ढांचे में लाना है।
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"IMO का MASS Code: आने वाले स्वायत्त कार्गो जहाजों के लिए नया वैश्विक नियम ढांचा" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
IMO का MASS Code स्वायत्त और रिमोट‑ऑपरेटेड कार्गो जहाजों के लिए पहला वैश्विक नियामक ढांचा बनाएगा; इसे लगभग 2026 में स्वैच्छिक रूप से अपनाया जाएगा और 2032 तक SOLAS के तहत अनिवार्य बनाने का लक्ष्य है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
IMO का MASS Code स्वायत्त और रिमोट‑ऑपरेटेड कार्गो जहाजों के लिए पहला वैश्विक नियामक ढांचा बनाएगा; इसे लगभग 2026 में स्वैच्छिक रूप से अपनाया जाएगा और 2032 तक SOLAS के तहत अनिवार्य बनाने का लक्ष्य है। यह कोड लक्ष्य‑आधारित सुरक्षा मॉडल पर आधारित होगा जिसमें जोखिम मूल्यांकन, रिमोट ऑपरेशन सेंटर, सेंसर‑आधारित स्थिति‑जागरूकता और सुरक्षित नेविगेशन जैसे सिद्धांत शामिल होंगे।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
2026 के बाद एक ‘अनुभव‑निर्माण चरण’ रखा जाएगा ताकि उद्योग और नियामक स्वायत्त जहाज प्रणालियों का परीक्षण कर सकें और अंतिम अनिवार्य नियमों को बेहतर बनाया जा सके।
प्रस्तावित ढांचे के अनुसार यह कोड मुख्य रूप से SOLAS कन्वेंशन के अंतर्गत आने वाले कार्गो जहाजों पर लागू होगा, जिनमें स्वायत्त या रिमोट संचालन क्षमताएँ हों। शुरुआती चरण में कुछ जहाज प्रकार—जैसे कार्गो हाई‑स्पीड क्राफ्ट और सरकारी जहाज—इस दायरे से बाहर रखे जा सकते हैं।
स्वायत्त जहाज आम तौर पर उन्नत डिजिटल प्रणालियों पर निर्भर करते हैं, जिनमें सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा कम्युनिकेशन लिंक शामिल होते हैं। इन तकनीकों की मदद से जहाज बिना या बहुत कम मानव हस्तक्षेप के नेविगेशन, टक्कर‑रोकथाम और मशीनरी प्रबंधन कर सकते हैं।
कोड के मुख्य सुरक्षा और संचालन सिद्धांत
MASS Code अभी अंतिम रूप में विकसित हो रहा है, लेकिन उपलब्ध दस्तावेज़ बताते हैं कि इसका ढांचा कुछ प्रमुख सुरक्षा सिद्धांतों पर आधारित होगा।
लक्ष्य‑आधारित (Goal‑based) नियमन
यह कोड पारंपरिक नियमों की तरह हर तकनीक को विस्तार से निर्धारित नहीं करेगा। इसके बजाय यह उच्च‑स्तरीय सुरक्षा लक्ष्य और कार्यात्मक आवश्यकताएँ तय करेगा। इससे नई तकनीकों के विकास की गुंजाइश बनी रहती है, जबकि सुरक्षा मानक कायम रहते हैं।
जोखिम मूल्यांकन और सिस्टम डिजाइन
स्वायत्त जहाजों के लिए संरचित जोखिम विश्लेषण अनिवार्य होगा। इसमें सॉफ़्टवेयर विफलता, संचार लिंक टूटने, स्वायत्त निर्णय‑प्रणालियों की विश्वसनीयता और संचालन वातावरण जैसे जोखिमों का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रस्तावित संरचना में सिस्टम डिजाइन, संचालन संदर्भ और सुरक्षित संचालन प्रबंधन जैसे अध्याय शामिल हैं।
स्थिति‑जागरूकता (Situational Awareness)
मानव चालक दल की जगह तकनीकी प्रणालियाँ जहाज के आसपास के वातावरण को समझती हैं। इसके लिए कई प्रकार के सेंसर एक साथ काम करते हैं, जैसे:
रडार
AIS (Automatic Identification System)
लिडार
कैमरे
सोनार
ये सेंसर आसपास के जहाजों, बाधाओं और मौसम या समुद्री स्थितियों के बारे में डेटा इकट्ठा करते हैं, जिसे जहाज की स्वायत्त प्रणाली निर्णय लेने के लिए उपयोग करती है—जैसे मार्ग बदलना या टक्कर से बचना।
रिमोट ऑपरेशन सेंटर
कई स्वायत्त जहाज पूरी तरह स्वतंत्र नहीं होते। उन्हें Remote Operations Centres (ROC) से नियंत्रित या निगरानी किया जा सकता है। यह किनारे पर स्थित नियंत्रण केंद्र होते हैं जहाँ ऑपरेटर जहाज की स्थिति और संचालन पर नजर रखते हैं।
स्वायत्तता के अलग‑अलग स्तर
IMO चार स्तरों की स्वायत्तता को मान्यता देता है:
स्वचालित प्रणालियों वाला जहाज, लेकिन चालक दल मौजूद
रिमोट‑नियंत्रित जहाज, चालक दल मौजूद
रिमोट‑नियंत्रित जहाज, बिना चालक दल
पूरी तरह स्वायत्त जहाज जो खुद निर्णय ले सके
इन स्तरों को ध्यान में रखकर MASS Code बनाया जा रहा है ताकि विभिन्न प्रकार की स्वायत्त तकनीकों को एक ही नियामक ढांचे में समायोजित किया जा सके।
मौजूदा समुद्री नियमों के साथ संबंध
MASS Code मौजूदा IMO नियमों को हटाने के लिए नहीं बनाया जा रहा। बल्कि यह SOLAS जैसे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय समझौतों को पूरक (supplement) करेगा और उन जगहों पर अतिरिक्त मार्गदर्शन देगा जहाँ स्वायत्त जहाजों के कारण नए कानूनी सवाल पैदा होते हैं।
लागू होने की समयरेखा
IMO ने MASS Code के लिए चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना तय की है ताकि उद्योग और नियामक धीरे‑धीरे नई तकनीक के साथ तालमेल बैठा सकें।
2021–2026: स्वैच्छिक MASS Code का विकास
2021 में IMO ने स्वायत्त जहाजों से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा (regulatory scoping exercise) पूरी की। इसके बाद Maritime Safety Committee ने MASS Code का मसौदा तैयार करना शुरू किया।
वर्तमान योजना के अनुसार 2026 में इस कोड को एक गैर‑अनिवार्य (voluntary) ढांचे के रूप में अपनाया जा सकता है।
2026–2030: अनुभव‑निर्माण चरण
स्वैच्छिक कोड लागू होने के बाद उद्योग और सरकारें एक experience‑building phase में स्वायत्त जहाजों के संचालन और तकनीक का परीक्षण करेंगी। इस दौरान प्राप्त अनुभव भविष्य के अनिवार्य नियमों को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
2030–2032: SOLAS के तहत अनिवार्य नियम
दीर्घकालिक लक्ष्य यह है कि MASS Code को SOLAS कन्वेंशन में संशोधन के रूप में शामिल किया जाए, जिससे यह संबंधित जहाजों के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य हो जाए। वर्तमान रोडमैप के अनुसार इसका संभावित लागू होने का लक्ष्य लगभग 2032 रखा गया है।
यह कोड क्यों महत्वपूर्ण है
स्वायत्त जहाजों से समुद्री उद्योग में कई संभावित बदलाव आ सकते हैं—जैसे परिचालन लागत में कमी, नई लॉजिस्टिक्स प्रणालियाँ और उन्नत सेंसर तकनीकों के कारण बेहतर सुरक्षा। लेकिन बिना वैश्विक नियमों के बड़े पैमाने पर इन जहाजों का संचालन करना कठिन होगा।
MASS Code इसी समस्या का समाधान बनने की कोशिश है। यह स्वायत्त समुद्री परिवहन के लिए पहला व्यापक अंतरराष्ट्रीय नियामक ढांचा तैयार करेगा, जिससे नई तकनीकों को अपनाते हुए भी समुद्र में सुरक्षा के मौजूदा मानकों को बनाए रखा जा सके।
यदि वर्तमान योजना के अनुसार प्रगति होती है, तो 2026 से 2032 का समय समुद्री उद्योग के लिए संक्रमण काल होगा—जहाँ प्रयोगात्मक स्वायत्त जहाजों से आगे बढ़कर एक पूर्ण नियामित वैश्विक प्रणाली विकसित हो सकती है।
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IMO's Regulatory Efforts in relation to Maritime ...