Spotify और UMG के बीच हुए समझौते में रिकॉर्डेड म्यूज़िक और पब्लिशिंग—दोनों अधिकार शामिल हैं। इसके तहत Spotify एक ऐसा AI टूल लॉन्च करेगा जिससे यूज़र अपने पसंदीदा गानों के नए वर्ज़न बना सकेंगे।
इस फीचर की कुछ मुख्य बातें:
यह मॉडल इंटरनेट पर मौजूद खुले AI म्यूज़िक टूल्स से अलग है, क्योंकि यहाँ पूरा सिस्टम लाइसेंस और अधिकार‑धारकों के नियंत्रण में होगा।
इस डील का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कलाकारों और गीतकारों की भागीदारी पूरी तरह स्वैच्छिक होगी।
हालाँकि कंपनियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इस फीचर की कीमत क्या होगी या रेवेन्यू का बँटवारा किस तरह किया जाएगा।
यह समझौता Spotify को उभरते हुए AI म्यूज़िक प्लेटफॉर्म्स के साथ सीधे मुकाबले में ला देता है।
Udio और Suno जैसे स्टार्टअप पहले से ही ऐसे टूल दे रहे हैं जिनसे यूज़र AI से गाने बना सकते हैं या अलग‑अलग म्यूज़िक स्टाइल की नकल कर सकते हैं।
लेकिन Spotify का मॉडल एक अहम तरीके से अलग है:
Spotify के प्लेटफ़ॉर्म पर पहले से ही सैकड़ों मिलियन श्रोता मौजूद हैं। ऐसे में AI म्यूज़िक क्रिएशन को सीधे इसी इकोसिस्टम में लाकर कंपनी इसे नियंत्रित और कमाई योग्य फीचर में बदलने की कोशिश कर रही है।
AI कवर‑रीमिक्स फीचर Spotify की व्यापक AI रणनीति से भी जुड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने कई AI आधारित फीचर पेश किए हैं, जैसे:
2026 की पहली तिमाही में Spotify ने बताया कि उसके पास 761 मिलियन मासिक सक्रिय यूज़र और 293 मिलियन Premium सब्सक्राइबर हैं।
इतने बड़े यूज़र बेस के साथ AI क्रिएशन फीचर Spotify को कई नए अवसर दे सकता है:
अब तक Spotify मुख्य रूप से म्यूज़िक डिस्कवरी और स्ट्रीमिंग का प्लेटफ़ॉर्म था। लेकिन यह नई डील संकेत देती है कि कंपनी अब यूज़र‑ड्रिवन म्यूज़िक क्रिएशन की ओर भी बढ़ रही है।
दूसरे ऐप्स पर AI प्रयोग करने के बजाय, Spotify चाहता है कि फैंस उसी प्लेटफ़ॉर्म पर गानों को रीमिक्स, री‑इंटरप्रेट और नए तरीके से क्रिएट करें—जहाँ कलाकारों को भुगतान, लाइसेंस और अनुमति पहले से तय हो।
अगर यह मॉडल सफल होता है, तो यह संगीत उद्योग में यह बदल सकता है कि लोग गानों को सिर्फ सुनते नहीं, बल्कि उन्हें खुद भी नया रूप देते हैं।
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