हालांकि कुछ संस्थागत रिपोर्टें व्यापक परिभाषा इस्तेमाल करती हैं—जिसमें टोकनाइज़्ड सिक्योरिटीज और ऑफ‑चेन प्रतिनिधित्व वाली संपत्तियां भी शामिल होती हैं। ऐसे विश्लेषणों के अनुसार:
इसी वजह से कभी‑कभी ट्रिलियन‑डॉलर की भविष्यवाणियां और अपेक्षाकृत छोटा ऑन‑चेन मार्केट—दोनों एक साथ सुनने को मिलते हैं।
टोकनाइज़्ड एसेट्स के कई वर्ग हैं, लेकिन कमोडिटी सेगमेंट खास तौर पर तेज़ी से बढ़ रहा है।
मुख्य रूप से दो टोकन इस बाजार पर हावी हैं:
ये दोनों मिलकर पूरे टोकनाइज़्ड कमोडिटी मार्केट का लगभग 73–74% हिस्सा रखते हैं—करीब $7.3 अरब में से लगभग $5.3 अरब।
ग्रोथ के आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं।
यानी व्यवहार में देखा जाए तो टोकनाइज़्ड कमोडिटी सेक्टर अभी काफी हद तक ब्लॉकचेन पर डिजिटल गोल्ड मार्केट जैसा बन गया है।
टोकनाइज़्ड एसेट्स कई ब्लॉकचेन पर जारी किए जाते हैं, लेकिन वितरण समान नहीं है। 2026 के डेटा के अनुसार लगभग मूल्य वितरण इस प्रकार है:
Ethereum की बढ़त का एक कारण इसका शुरुआती अपनाव और DeFi इकोसिस्टम से मजबूत इंटीग्रेशन है। उदाहरण के लिए PAXG और XAUT के शुरुआती संस्करण ERC‑20 मानक पर आधारित हैं, जिससे वे वॉलेट, एक्सचेंज और DeFi प्लेटफॉर्म के साथ आसानी से काम करते हैं।
समय के साथ ये टोकन मल्टी‑चेन हो रहे हैं। उदाहरण के लिए Tether Gold अब Ethereum के अलावा Tron और BNB Chain पर भी उपलब्ध है, जो उद्योग में बढ़ती मल्टी‑चेन रणनीति को दर्शाता है।
RWA टोकनाइज़ेशन सेक्टर ने हाल के समय में असाधारण वृद्धि दर्ज की है।
मुख्य आंकड़े:
इस तेज़ विस्तार के पीछे मुख्य कारण हैं:
तेज़ वृद्धि के बावजूद अधिकांश विश्लेषक इस सेक्टर को अभी भी अर्ली‑स्टेज मानते हैं। इसके कई कारण हैं।
1. पारंपरिक वित्त के मुकाबले बाजार बहुत छोटा है
दुनिया के बॉन्ड, इक्विटी और कमोडिटी मार्केट का आकार सैकड़ों ट्रिलियन डॉलर में है। इसके मुकाबले दर्जनों अरब डॉलर का ऑन‑चेन मार्केट अभी भी छोटा है।
2. भविष्यवाणियों में बड़ा अंतर है
कुछ संस्थान तेज़ वृद्धि की उम्मीद करते हैं, लेकिन अनुमान अलग‑अलग हैं। उदाहरण के लिए:
3. रेगुलेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर अभी विकसित हो रहे हैं
स्पष्ट नियामकीय ढांचे, सुरक्षित कस्टडी समाधान और पारंपरिक वित्तीय प्रणालियों के साथ बेहतर इंटीग्रेशन की अभी भी जरूरत है।
4. कई प्रोजेक्ट अभी पायलट चरण में हैं
कई बैंक और संस्थान टोकनाइज़्ड बॉन्ड, फंड या डिपॉजिट के प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन पूर्ण स्तर पर बाजार अभी विकसित हो रहा है।
टोकनाइज़्ड एसेट मार्केट ने कुछ ही वर्षों में प्रयोगात्मक परियोजनाओं से आगे बढ़कर बहु‑अरब डॉलर का इकोसिस्टम बना लिया है।
फिर भी यह सेक्टर अभी शुरुआती चरण में माना जाता है—क्योंकि पारंपरिक वित्त के मुकाबले इसका आकार छोटा है। लेकिन अगर संस्थागत अपनाव, नियामकीय स्पष्टता और तकनीकी ढांचा आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले दशक में टोकनाइज़ेशन वैश्विक वित्त को गहराई से बदल सकता है।