लेकिन ऐसे एजेंटों के लिए असली समस्या यह है कि उन्हें अक्सर ऐसे टेस्ट वातावरण मिलते हैं जो वास्तविक प्रोडक्शन सिस्टम से अलग होते हैं। Zerops का लक्ष्य है कि AI एजेंट शुरू से ही वास्तविक क्लाउड वातावरण के साथ इंटरैक्ट कर सकें।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी एक AI कंट्रोल पैनल विकसित कर रही है, जिससे Claude और Codex जैसे कोडिंग एजेंट सीधे लाइव क्लाउड वातावरण में कोड डिप्लॉय, टेस्ट और अपडेट कर सकेंगे।
यह बदलाव इस बात का संकेत है कि भविष्य के क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म केवल मानव डेवलपर्स के लिए नहीं, बल्कि स्वचालित सॉफ्टवेयर सिस्टम के लिए भी डिज़ाइन किए जाएंगे।
Zerops की एक खास बात यह है कि यह पारंपरिक बड़े क्लाउड प्रदाताओं — जैसे AWS — के ऊपर पूरी तरह निर्भर नहीं है।
इसके बजाय प्लेटफ़ॉर्म अपना bare‑metal इंफ्रास्ट्रक्चर इस्तेमाल करता है। इससे संसाधनों पर अधिक नियंत्रण मिलता है और अतिरिक्त क्लाउड ओवरहेड कम किया जा सकता है।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार इससे पारंपरिक क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म की तुलना में लागत चार गुना तक कम हो सकती है, हालांकि यह कंपनी का दावा है और स्वतंत्र रूप से बेंचमार्क किया गया परिणाम नहीं बताया गया है।
Bare‑metal पर काम करने से Zerops अपनी ऑर्केस्ट्रेशन लेयर भी खुद डिजाइन कर सकता है, बजाय इसके कि वह किसी मौजूदा क्लाउड प्रदाता की सीमाओं के अनुसार सिस्टम बनाए।
Zerops डेवलपर्स को root access वाले पूर्ण Linux कंटेनर प्रदान करता है। इसके साथ ही प्लेटफ़ॉर्म में कई बिल्ट‑इन सेवाएँ शामिल हैं ताकि डिप्लॉयमेंट और ऑपरेशन आसान हो सके।
आम तौर पर प्रोजेक्ट में शामिल होते हैं:
हर प्रोजेक्ट को अपना अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी नेटवर्क मिलता है, जिससे वातावरण स्थिर और पूर्वानुमेय बना रहता है।
पारंपरिक सिस्टम में जब एप्लिकेशन बढ़ते हैं तो अक्सर पूरी आर्किटेक्चर बदलनी पड़ती है — डेवलपमेंट सेटअप से अलग प्रोडक्शन सिस्टम में जाना पड़ता है।
Zerops इस बदलाव को कम करना चाहता है। प्लेटफ़ॉर्म में वही वातावरण बना रहता है और ज़रूरत के अनुसार केवल संसाधन बढ़ाए जाते हैं — जैसे अधिक कंटेनर या हाई‑अवेलेबिलिटी मोड।
कंपनी के अनुसार नई फंडिंग से प्लेटफ़ॉर्म को बेहतर बनाने के साथ‑साथ वैश्विक विस्तार भी किया जाएगा। इसमें खास तौर पर अमेरिका में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता बढ़ाना और एशिया व नॉर्थ अमेरिका में संचालन का विस्तार शामिल है।
Zerops की स्थापना Aleš Rechtorík और Jan Saidl ने की थी। कंपनी खुद को उन नई क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल करती है जो AI‑assisted सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के लिए प्लेटफ़ॉर्म बना रही हैं।
क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म लंबे समय तक मुख्य रूप से DevOps और मानव डेवलपर्स की जरूरतों के अनुसार बनाए गए थे। लेकिन अब AI‑आधारित कोडिंग टूल्स के बढ़ते उपयोग के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर की अपेक्षाएँ बदल रही हैं।
Zerops का मॉडल तीन बड़े बदलावों पर आधारित है:
अगर यह दृष्टिकोण सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में डेवलपर प्लेटफ़ॉर्म केवल इंजीनियर टीमों के लिए नहीं बल्कि AI सिस्टम्स के साथ मिलकर सॉफ्टवेयर बनाने के लिए भी डिज़ाइन किए जा सकते हैं।
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